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निजी कालेज की सड़क के विरोध में अनशन पर बैठे ग्रामीण
Tue, 19 Mar 2019 12:05 AM IST
gaurav gaurav
kannauj
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Published by: gaurav gaurav
Updated Tue, 19 Mar 2019 12:05 AM IST
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आमरण अनशन पर बैठे ग्रामीणों को समझाते चौकी इंचार्ज।
- फोटो : amarujala
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छिबरामऊ (कन्नौज)। कोतवाली क्षेत्र के गांव सरायसुंदर के पास बन रही सीमेंटेड सड़क के निर्माण के खिलाफ गांव के लोगों ने जीटी रोड किनारे तंबू लगाकर अनशन शुरू कर दिया। मौके पर पहुंचे सिकंदरपुर चौकी इंचार्ज के कड़ा रुख अपनाने पर दोपहर बाद अनशन समाप्त कर दिया गया।
सरायसुंदर में डिग्री कालेज तक सीमेंटेड सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। सड़क निर्माण को लेकर गांव के कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। इसके लिए पिछले दिनों एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया था। निर्माण कार्य न रुकने पर सोमवार से गांव के अनुराग दुबे, आलोक, दिलीप, ओमप्रकाश, शिवओम, मुन्नी देवी, रामबेटी, आरती, लता दुबे, जेबी, शिवकिशोर, रामजीत, शिवओम आदि जीटी रोड किनारे ब्रह्मदेव चबूतरा के पास तंबू लगाकर आमरण अनशन पर बैठ गए। ग्रामीणों का आरोप है कि अफसरों की मिलीभगत से सरकारी जमीन पर सड़क का निर्माण किया जा रहा है। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
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उधर, जैसे ही इसकी जानकारी सिकंदरपुर चौकी इंचार्ज सुशील कुमार दुबे को हुई, वह तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने पहले तो अनशनकारियों को समझाने का प्रयास किया। उन्हें चुनाव आचार संहिता की दुहाई दी। जब अनशनकारी नहीं माने, तब उन्होंने कार्रवाई की बात कहते हुए कड़ा रुख अपनाया। इससे अनशनकारी सहम गए। खुद ही तंबू उखाड़ना शुरू कर दिया। कालेज प्रबंधक ने बताया कि जिस जमीन पर सड़क का निर्माण हो रहा है वह उनकी निजी जमीन है। तीन बार पैमाइश हो चुकी है। जमीन उनकी ही निकली है। कुछ लोग निजी हित के लिए धरना प्रदर्शन कर सड़क निर्माण का विरोध कर रहे हैं। सड़क बनने से आसपास के ग्रामीणों को भी खासा फायदा होगा।
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पहले पुलिस ने रुकवाया निर्माण, बाद में हुआ शुरू
अनशनकारियों का रुख देखते हुए उपजिलाधिकारी को मामले से अवगत कराया गया। एसडीएम गौरव शुक्ला ने पहले तो निर्माण कार्य रोकने के आदेश किए। पुलिस ने तत्काल काम रुकवा दिया। बाद में अनशन समाप्त होते ही पुलिस ने निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दे दिए।