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तूफान से बर्बाद किसानों ने डीएम को सुनाया दुखड़ा
ब्यूरो/अमरउजाला, कन्नौज
Updated Fri, 22 May 2015 12:10 AM IST
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जलालाबाद क्षेत्र में 13 मई को आए चक्रवाती तूफान से
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बर्बाद किसानों ने मुआवजे के लिए आवाज उठाई है। बुधवार को दर्जनों किसान
कलेक्ट्रेट पहुंचे। डीएम और एडीएम के सामने पेश होकर अपना दुखड़ा सुनाया।
आर्थिक मदद की गुहार लगाते हुए कहा कि यदि जिला प्रशासन ने संकट की घड़ी में किसानों को मुआवजा न दिलाया तो उनके परिवारों के सामने भुखमरी जैसी स्थिति पैदा हो जाएगी।
जलालाबाद निवासी अनिल दुबे, शिवदत्त मिश्रा, जगदीश तिवारी, वृजेश दुबे, हरदेवपुरवा निवासी राधाकिशन वर्मा, शिवाजी वर्मा, श्याम प्रकाश, अशोक ने डीएम अनुज कुमार झा को मांगपत्र सौंपा। इसमें बताया कि चक्रवाती तूफान से उनकी तरबूज, टमाटर, तोरई, लौकी, मूंग और मक्का की फसलें बर्बाद हो गई हैं।
मुनाफा तो दूर लागत तक डूब गई। जुताई, बुआई, खाद, बीज और सिंचाई में हजारों रुपये की लागत लगी, लेकिन चक्रवाती तूफान के कारण कुछ भी नहीं मिला।
किसानों ने बताया कि अब परिवार को दो वक्त की रोटी का संकट पैदा हो गया है। क्षेत्रीय लेखपाल से फसल का आंकलन कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की गई है, ताकि किसानों को कुछ राहत मिल सके। डीएम ने भरोसा दिलाया कि लेखपालों की हड़ताल खत्म होते ही उन्हें मौके पर भेजकर क्षति का आंकलन कराएंगे।
इसके बाद आर्थिक मदद दिलाने का प्रयास करेंगे। मांगपत्र देते समय राजेश कुमार जाटव, वीरेंद्र जाटव, अरुण कुमार, सर्वे वर्मा भी मौजूद रहे।
आर्थिक मदद की गुहार लगाते हुए कहा कि यदि जिला प्रशासन ने संकट की घड़ी में किसानों को मुआवजा न दिलाया तो उनके परिवारों के सामने भुखमरी जैसी स्थिति पैदा हो जाएगी।
जलालाबाद निवासी अनिल दुबे, शिवदत्त मिश्रा, जगदीश तिवारी, वृजेश दुबे, हरदेवपुरवा निवासी राधाकिशन वर्मा, शिवाजी वर्मा, श्याम प्रकाश, अशोक ने डीएम अनुज कुमार झा को मांगपत्र सौंपा। इसमें बताया कि चक्रवाती तूफान से उनकी तरबूज, टमाटर, तोरई, लौकी, मूंग और मक्का की फसलें बर्बाद हो गई हैं।
मुनाफा तो दूर लागत तक डूब गई। जुताई, बुआई, खाद, बीज और सिंचाई में हजारों रुपये की लागत लगी, लेकिन चक्रवाती तूफान के कारण कुछ भी नहीं मिला।
किसानों ने बताया कि अब परिवार को दो वक्त की रोटी का संकट पैदा हो गया है। क्षेत्रीय लेखपाल से फसल का आंकलन कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की गई है, ताकि किसानों को कुछ राहत मिल सके। डीएम ने भरोसा दिलाया कि लेखपालों की हड़ताल खत्म होते ही उन्हें मौके पर भेजकर क्षति का आंकलन कराएंगे।
इसके बाद आर्थिक मदद दिलाने का प्रयास करेंगे। मांगपत्र देते समय राजेश कुमार जाटव, वीरेंद्र जाटव, अरुण कुमार, सर्वे वर्मा भी मौजूद रहे।