{"_id":"6887d2fd7476ba32f2072be9","slug":"the-old-lady-had-to-wait-for-an-hour-for-the-ambulance-at-chc-kannauj-news-c-214-1-knj1005-134896-2025-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kannauj News: सीएचसी में वृद्धा को एंबुलेंस के लिए एक घंटे करना पड़ा इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj News: सीएचसी में वृद्धा को एंबुलेंस के लिए एक घंटे करना पड़ा इंतजार
Tue, 29 Jul 2025 01:13 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Tue, 29 Jul 2025 01:13 AM IST
विज्ञापन
गुरसहायगंज। वृद्धा को झटके आने पर परिजन सीएचसी ले गए। डॉक्टर ने वृद्धा को मेडिकल कॉलेज रेफर किया, लेकिन एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं आई, जिस कारण वृद्धा स्ट्रेचर पर पड़ी रही। परिजन एंबुलेंस आने का इंतजार करते रहे।
ग्राम खांड़े देवर निवासी कटोरी देवी (70) को साेमवार सुबह झटके आने लगे। बेटे आकाश और सुधीर सुबह करीब 9.20 बजे कटोरी देवी को सीएचसी लाए। डॉक्टर ने उन्हें तत्काल राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। बेटे ने 108 एंबुलेंस को कॉल किया। कई बार संपर्क करने पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
सीएचसी में तैनात ईएमटी नीलम ने 108 नंबर पर संपर्क किया और जानकारी दी। इस बीच कटोरी देवी की हालत बिगड़ती रही और परिजन परेशान होने लगे। परिजनों का आरोप है कि सीएचसी में एक एंबुलेंस खड़ी थी, लेकिन उसे लखनऊ से अनुमति नहीं मिली। लगातार प्रयास के बाद 10.30 बजे एंबुलेंस पहुंची और मरीज को लेकर रवाना हो गई।
विज्ञापन
सीएचसी प्रभारी डॉ. शशांक श्रीवास्तव ने बताया कि वृद्धा को झटके आ रहे थे। इसका इलाज सीएचसी पर नहीं है, जिस कारण मरीज को राजकीय मेडिकल काॅलेज रेफर किया गया था। 108 एंबुलेंस लखनऊ से ऑपरेट होती है। लखनऊ से अनुमति मिलने के बाद ही एंबुलेंस मरीज को हायर सेंटर ले जाती है।
विज्ञापन
ग्राम खांड़े देवर निवासी कटोरी देवी (70) को साेमवार सुबह झटके आने लगे। बेटे आकाश और सुधीर सुबह करीब 9.20 बजे कटोरी देवी को सीएचसी लाए। डॉक्टर ने उन्हें तत्काल राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। बेटे ने 108 एंबुलेंस को कॉल किया। कई बार संपर्क करने पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
विज्ञापन
सीएचसी में तैनात ईएमटी नीलम ने 108 नंबर पर संपर्क किया और जानकारी दी। इस बीच कटोरी देवी की हालत बिगड़ती रही और परिजन परेशान होने लगे। परिजनों का आरोप है कि सीएचसी में एक एंबुलेंस खड़ी थी, लेकिन उसे लखनऊ से अनुमति नहीं मिली। लगातार प्रयास के बाद 10.30 बजे एंबुलेंस पहुंची और मरीज को लेकर रवाना हो गई।
विज्ञापन
सीएचसी प्रभारी डॉ. शशांक श्रीवास्तव ने बताया कि वृद्धा को झटके आ रहे थे। इसका इलाज सीएचसी पर नहीं है, जिस कारण मरीज को राजकीय मेडिकल काॅलेज रेफर किया गया था। 108 एंबुलेंस लखनऊ से ऑपरेट होती है। लखनऊ से अनुमति मिलने के बाद ही एंबुलेंस मरीज को हायर सेंटर ले जाती है।