{"_id":"5841bcfe4f1c1b0d1ede87d8","slug":"the-four-acres-of-potato-crop-slowdown-hitch","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंदी के चलते जुतवा दी चार बीघा आलू की फसल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंदी के चलते जुतवा दी चार बीघा आलू की फसल
अमर उजाला ब्यूरो, कन्नौज
Updated Fri, 02 Dec 2016 11:57 PM IST
विज्ञापन
आलू के जुते खेत को दिखाता किसान सीटू यादव।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
नोटबंदी के बाद आलू पर छाई मंदी से परेशान किसान ने खेत में खड़ी चार बीघा आलू की फसल को जुतवा दी। अब वह इस खेत में गेहूं बोएगा। ग्राम बहवलपुर निवासी किसान सीटू यादव ने चार बीघा में आलू की फसल की थी।
सोचा था आलू की कच्ची फसल से उसे बेहतर मुनाफा होगा, लेकिन नोटबंदी के फैसले के बाद आलू के बाजार भाव में आई मंदी ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया। आलू की फसल आधी तैयार हो गई थी, लेकिन लागत निकलनी मुश्किल है। ऐसे में जुताई करवाकर आधा अधूरा आलू निकलवा लिया है। अब इसमें गेहूं बो रहा है। उम्मीद है कि गेहूं से घाटा पूरा हो जाएगा।
विज्ञापन
सोचा था आलू की कच्ची फसल से उसे बेहतर मुनाफा होगा, लेकिन नोटबंदी के फैसले के बाद आलू के बाजार भाव में आई मंदी ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया। आलू की फसल आधी तैयार हो गई थी, लेकिन लागत निकलनी मुश्किल है। ऐसे में जुताई करवाकर आधा अधूरा आलू निकलवा लिया है। अब इसमें गेहूं बो रहा है। उम्मीद है कि गेहूं से घाटा पूरा हो जाएगा।
विज्ञापन