नाना पाटेकर: खुद जुटाई थीं जो लकड़ियां उनसे किया गया अंतिम संस्कार, बड़े सितारों में पहुंचे सिर्फ जैकी श्रॉफ
Malhar Patekar on Nana Patekar: नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार बीती रात उनकी ही जुटाई हुई लकड़ियों से किया गया। इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने बताया कि क्यों नाना को आधी रात में विदाई दी गई?
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नाना के अंतिम संस्कार के बाद उनके बेटे ने बताया है कि नाना का अंतिम संस्कार आधी रात में क्यों किया गया है। इस खबर में जान कल रात से अब तक की अपडेट...
मल्हार पाटेकर ने कहा 'नाना साहेब जैसा व्यक्ति कभी हमें छोड़कर नहीं जाता। उनकी उपलब्धियों ने उन्हें अमर बना दिया है। दूसरी बात, उनका हमेशा यह मानना था कि सभी को एकजुट होकर वैश्विक स्तर पर सही रास्ते पर चलना चाहिए। तीसरी बात, भविष्य के बारे में, नाना साहेब जो सोच या विजन छोड़ गए हैं, उसे आगे बढ़ाते हुए ही हम अपने आने वाले जीवन को आकार देंगे। मैंने पिछले दो दिनों में भी यही कहा है कि नाना साहेब जैसा व्यक्ति अपने कार्यों के माध्यम से जीवित रहता है। मराठी में हम ऐसे लोगों को अमर कहते हैं। यह एक बात हुई। दूसरी बात यह है कि उनके मन में हमेशा एक ही विचार रहता था। वे बार-बार एक ही बात दोहराते थे, 'आइए मानवता के नाम पर एकजुट हों और दुनिया की बेहतरी के लिए काम करें'।
VIDEO | Pune: Actor Nana Patekar cremated with full state honours at his farmhouse in Donje. His son Malhar Patekar says, “…The most important thing is that a person like Nana Sahib never really leaves us. I said this for the past two days as well: a person like Nana Sahib lives on through his work…In Marathi, we call such people ajaramar, meaning immortal. That is one thing. The second thing is that he always had one thought. He used to repeat one line again and again: ‘Let’s get together in the name of humanity and work for the betterment of the world’.” (Full video available on PTI Videos - https://t.co/bIyFWTfmBd)
— Press Trust of India (@PTI_News) October 8, 2026
जब मीडिया ने मल्हार से नाना पाटेकर के दाह संस्कार के समय के बारे में पूछा, तो उन्होंने परिवार के फैसले के बारे में बताया और कहा, 'ऐसा नहीं है कि इतनी रात को क्यों किया, कल क्यों नहीं किया। हमें लगा क्योंकि आज सुबह सुबह ये हादसा हुआ तो पहले ही समय काफी बीत चुका था इसलिए हमने सोचा कि आज ही अंतिम संस्कार करंगे।'
#WATCH | Pune, Maharashtra: On the demise of his father and veteran actor Nana Patekar, Malhar Patekar says, "A person like Nana Saheb never truly leaves us; his achievements have made him immortal. Secondly, he always believed that everyone should come together and follow a righteous path on a global scale... Thirdly, regarding the future—carrying forward the vision Nana Saheb left behind is how we will shape the life ahead. Regarding the Marathwada tour... Nana had recently spoken about it; the work related to it was about to begin... When I met him, we discussed this matter... Given the massive scale at which the NAAM Foundation operates. The CM also felt that if we work together, we would be able to achieve the target..." He further says, "We proceeded (with the last rites today) because the tragedy occurred early this morning, so a significant amount of time had already passed. That is why we decided to go ahead with it today.
— ANI (@ANI) October 8, 2026
अपने पिता की सोच और संस्था के काम के बारे में विस्तार से बताते हुए मल्हार ने कहा, 'नाना साहेब जैसे लोग असल में कभी हमें छोड़कर नहीं जाते। वे अपने कामों के जरिए अमर हो जाते हैं। दूसरी बात, उनकी सोच हमेशा एक जैसी रही। वे अक्सर कहते थे, 'आइए इंसानियत के नाते एक साथ आएं और दुनिया की बेहतरी के लिए काम करें।' हमारी संस्था के जरिए पानी के क्षेत्र में पहले से ही काम चल रहा था। कश्मीर में भी शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पहल शुरू हो चुकी थी। तीसरी बात, जाने से पहले उन्होंने हर किसी को खास जिम्मेदारियां सौंपी थीं।'
नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार उनकी जुटाई लकड़ियों से किया गया है। यह लकड़ियां उन्होंने जिंदा रहते हुई जुटाई थीं। साल 2013 में नाना ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने अपने अंतिम संस्कार की तैयारी पहले से ही कर रखी है। उन्होंने कहा, 'हमें मालूम है, हमें 12 मन लकड़ी लगने वाली है। यही मेरी फाइनल प्रॉपर्टी है। इसके साथ मैं चला जाऊंगा।'
यूं तो नाना के इंडस्ट्री में कई दोस्त थे, पर बीती रात अभिनेता के अंतिम संस्कार में बड़े कलाकारों में सिर्फ जैकी श्रॉफ ही नजर आए। इनके अलावा प्रवीण तरडे, साजिद नाडियाडवाला और अनिल शर्मा जैसी हस्तियां शामिल हुईं। इनके अलावा, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे, महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की पूर्व चेयरपर्सन रूपाली चाकणकर, महाराष्ट्र के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल और भाई जगताप जैसे कई गणमान्य व्यक्ति भी वहां मौजूद थे।
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