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पिता-पुत्र ने जहर खाकर दी जान
ब्यूरो/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sat, 04 Jul 2015 11:37 PM IST
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इंदरगढ़ थानाक्षेत्र के भजुरिया गांव में शनिवार की सुबह
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घरेलू विवादों से तंग आकर पिता-पुत्र ने एक साथ जहर खाकर जान दे दी। इससे
परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पाकर एसडीएम उदयवीर सिंह, इंदरगढ़
थानाध्यक्ष देवेंद्र यादव मौके पर पहुंचे। मामले की छानबीन की और ग्रामीणों
के बयान दर्ज किए।
भजुरिया गांव निवासी दुर्योधन कनौजिया (58) और उनका पुत्र प्रदीप कनौजिया (30) पिछले कुछ साल से गांव में अपना कच्चा मकान बनाकर रह रहे थे। जमीन न होने के कारण मजदूरी करके दोनों जैसे-तैसे गुजर-बसर कर रहे थे। बताते हैं कि आर्थिक तंगी के चलते अक्सर घर में विवाद होता था।
शनिवार को किसी बात को लेकर सुबह दुर्योधन कनौजिया ने जहर खा लिया। यह देखकर उसके पुत्र प्रदीप ने भी जहर खा लिया। पड़ोसियों को जानकारी हुई तो लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। एसडीएम ने बताया कि परिवार के लोगों ने बिना सूचना दिए ही अंतिम संस्कार कर दिया है।
बताया कि दोनों भूमिहीन थे। इस वजह से सरकारी आर्थिक सहायता का कोई प्रावधान नहीं है। थानाध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव ने बताया कि दुर्योधन की पत्नी की मौत हो चुकी है। उसका बेटा प्रदीप अविवाहित था। प्रदीप के दो छोटे भाई भी हैं। छानबीन के दौरान गांव वालों ने बताया कि पिता-पुत्रों के बीच अक्सर कहासुनी होती थी।
शनिवार को जब काफी देर तक दोनों घर से बाहर नहीं निकले तो मोहल्ले वालों को चिंता हुई। इसके बाद वे घर के अंदर पहुंचे तो दोनों मृत हालत में पड़े थे।
उन्होंने बताया कि परिजनों व ग्रामीणों ने मामले की सूचना पुलिस को देने से पहले ही अंतिम संस्कार कर दिया। काफी देर बाद जब मुखबिरों से जानकारी हुई तो पुलिस के साथ उन्होंने गांव जाकर छानबीन की। मामला आत्महत्या का है।
भजुरिया गांव निवासी दुर्योधन कनौजिया (58) और उनका पुत्र प्रदीप कनौजिया (30) पिछले कुछ साल से गांव में अपना कच्चा मकान बनाकर रह रहे थे। जमीन न होने के कारण मजदूरी करके दोनों जैसे-तैसे गुजर-बसर कर रहे थे। बताते हैं कि आर्थिक तंगी के चलते अक्सर घर में विवाद होता था।
शनिवार को किसी बात को लेकर सुबह दुर्योधन कनौजिया ने जहर खा लिया। यह देखकर उसके पुत्र प्रदीप ने भी जहर खा लिया। पड़ोसियों को जानकारी हुई तो लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। एसडीएम ने बताया कि परिवार के लोगों ने बिना सूचना दिए ही अंतिम संस्कार कर दिया है।
बताया कि दोनों भूमिहीन थे। इस वजह से सरकारी आर्थिक सहायता का कोई प्रावधान नहीं है। थानाध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव ने बताया कि दुर्योधन की पत्नी की मौत हो चुकी है। उसका बेटा प्रदीप अविवाहित था। प्रदीप के दो छोटे भाई भी हैं। छानबीन के दौरान गांव वालों ने बताया कि पिता-पुत्रों के बीच अक्सर कहासुनी होती थी।
शनिवार को जब काफी देर तक दोनों घर से बाहर नहीं निकले तो मोहल्ले वालों को चिंता हुई। इसके बाद वे घर के अंदर पहुंचे तो दोनों मृत हालत में पड़े थे।
उन्होंने बताया कि परिजनों व ग्रामीणों ने मामले की सूचना पुलिस को देने से पहले ही अंतिम संस्कार कर दिया। काफी देर बाद जब मुखबिरों से जानकारी हुई तो पुलिस के साथ उन्होंने गांव जाकर छानबीन की। मामला आत्महत्या का है।