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इत्रनगरी में कार्तिक पूर्णिमा पर लगाई डुबकी
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फोटो:02 - सूर्यदेव के निकलने के दौरान मेहंदीघाट पर इस तरह दिखा श्रद्धालुओं का नजारा। संवाद
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। कार्तिक पूर्णिमा पर मंगलवार को इत्रनगरी के महादेवी (मेहंदी) घाट पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाईं। दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाने के बाद सूर्य को अर्घ्य दिया और इसके बाद दान पुण्य भी किया। उधर, पूर्णिमा पर लगे मेले में श्रद्धालुओं ने खरीदारी भी की। हालांकि, इस बार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रोक और चंद्रग्रहण के सूतक के चलते श्रद्धालुओं की भीड़ कम रही।
मेहंदी घाट पर गंगा स्नान करने वालों की भीड़ सोमवार की शाम को ही पहुंचने लगीं थी। इसके चलते एसडीएम सदर पवन मीना, सीओ सदर डॉ.प्रियंका बाजपेई, तहसीलदार रामशंकर और नायब तहसीलदार भूपेंद्र विक्रम सिंह गंगा घाट पहुंचे। श्रद्धालुओं के रुकने की व्यव्स्था का जायजा लिया। इस दौरान प्रकाश व्यवस्था व सफाई व्यवस्था देखी।
मंगलवार की भोर से ही श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगानी शुरू कर दी। मेहंदीघाट पर हर-हर गंगे के जयकारे गूंजते रहे। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने प्रसाद और पुष्प भी अर्पित किए। धूप निकलने के बाद भीड़ कम होने लगी। इसका कारण सुबह आठ बजे के बाद से सूतक लगना रहा।
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शासन की ओर से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर सवारियां न बैठाने के आदेश को लेकर श्रद्धालु इस बार ट्रॉलियों पर नजर नहीं आए। कार्रवाई के डर से दूर ही ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर दीं। जगह-जगह बैरीकेडिंग भी लगी थी। मार्गों पर जाम की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस व होमगार्ड के जवान नजर आए।
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बंद रहे मंदिरों के पट
चंद्रग्रहण और उससे पहले सूतक के चलते जिलेभर के मंदिरों के कपाट भक्तों के लिए बंद रहे। तड़के साफ-सफाई और पूजा-पाठ के करने के बाद मंदिर के कपाट बंद हो गए थे। शाम साढ़े छह बजे ग्रहण मोक्ष के बाद मंदिरों की सफाई कर पट खोले गए। उसके बाद पूजा-अर्चना हुई।
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मेहंदी घाट पर गंगा स्नान करने वालों की भीड़ सोमवार की शाम को ही पहुंचने लगीं थी। इसके चलते एसडीएम सदर पवन मीना, सीओ सदर डॉ.प्रियंका बाजपेई, तहसीलदार रामशंकर और नायब तहसीलदार भूपेंद्र विक्रम सिंह गंगा घाट पहुंचे। श्रद्धालुओं के रुकने की व्यव्स्था का जायजा लिया। इस दौरान प्रकाश व्यवस्था व सफाई व्यवस्था देखी।
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मंगलवार की भोर से ही श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगानी शुरू कर दी। मेहंदीघाट पर हर-हर गंगे के जयकारे गूंजते रहे। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने प्रसाद और पुष्प भी अर्पित किए। धूप निकलने के बाद भीड़ कम होने लगी। इसका कारण सुबह आठ बजे के बाद से सूतक लगना रहा।
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शासन की ओर से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर सवारियां न बैठाने के आदेश को लेकर श्रद्धालु इस बार ट्रॉलियों पर नजर नहीं आए। कार्रवाई के डर से दूर ही ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर दीं। जगह-जगह बैरीकेडिंग भी लगी थी। मार्गों पर जाम की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस व होमगार्ड के जवान नजर आए।
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बंद रहे मंदिरों के पट
चंद्रग्रहण और उससे पहले सूतक के चलते जिलेभर के मंदिरों के कपाट भक्तों के लिए बंद रहे। तड़के साफ-सफाई और पूजा-पाठ के करने के बाद मंदिर के कपाट बंद हो गए थे। शाम साढ़े छह बजे ग्रहण मोक्ष के बाद मंदिरों की सफाई कर पट खोले गए। उसके बाद पूजा-अर्चना हुई।