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स्वास्थ्य कर्मी को पुलिस ने पीटा, ठप कीं सेवाएं
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स्वास्थ्य सेवाएं बहाल होने के इंतजार में बैठे मरीज।
- फोटो : CHIBRAMAU
कन्नौज। कोरोना संक्रमण के बीच ड्यूटी कर रहे स्वास्थ्य कर्मी को पुलिस ने बेहटा चेक पोस्ट पर रोक लिया। अनुमति पत्र दिखाने के बाद भी बेरहमी से पीट दिया। घटना से आक्रोशित जिलेभर के स्वास्थ्य कर्मियों ने स्वास्थ्य सेवाओं को बंद कर दिया। मामले को बढ़ता देख एसडीएम और सीओ थाने पहुंच गए। दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया। उधर, सीएमओ कार्यालय के सामने डॉक्टरों और कर्मचारियों ने नारेबाजी की। सीएमओ ने कर्मचारियों से वार्ता के बाद एसपी से बात की। एसपी ने दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब कर्मी शांत हुए।
मैनपुरी जनपद के ग्राम कैथोली निवासी कन्हैया दुबे पुत्र राकेश कुमार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सौरिख में इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉरमेशन प्लेटफार्म (आईएचआईपी) ऑपरेटर के पद पर तैनात हैं। लॉकडाउन शुरू होने के बाद से कन्हैया सीएचसी में रुककर ड्यूटी कर रहे हैं। मंगलवार को यह नगला भारा में आशा सुमन देवी से फीडबैक लेकर सीएचसी लौट रहे थे। बेहटा के पास चेक पोस्ट पर सिपाहियों ने रोक लिया। बेवजह घूमने की बात कहकर पीटने लगे। अनुमति पत्र दिखाने के बाद भी पुलिसकर्मी लाठी बरसाते रहे। कन्हैया ने प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अजहर सिद्दीकी से बात करने का प्रयास किया तो पुलिस कर्मियों ने मोबाइल तोड़ दिया। मामले की जानकारी पर सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अजहर सिद्दीकी, फार्मासिस्ट अवनीश चतुर्वेदी, घनश्याम अन्य कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की जानकारी सीएमओ को दी। घटना से गुस्साए स्वास्थ्य कर्मियों ने अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं को बंद कर दिया।
स्वास्थ्य सेवाएं बंद होने से मरीज अस्पताल के बाहर भटकते दिखाई दिए। जानकारी के बाद मुख्यालय में विनोद दीक्षित चिकित्सालय के डॉक्टर-कर्मचारी भड़क गए। यह सीएमओ कार्यालय के बाहर नारेबाजी करने लगे। सीएमओ डॉ. कृष्ण स्वरूप ने इन्हें समझाने का प्रयास किया। प्रदर्शन कर रहे लोग कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद सीएमओ ने एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह से बात की। एसपी ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद सीएमओ के समझाने पर कर्मी शांत हुए।
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उधर, जानकारी पर एसडीएम गौरव शुक्ला और सीओ शिव कुमार थापा सौरिख थाने पहुंच गए। अफसरों ने पुलिस और स्वास्थ्य कर्मियों से बंद कमरे में वार्ता की। दोनों पक्षों में समझौता करा दिया। इसके बाद लगभग चार घंटे तक बंद रहीं स्वास्थ्य सेवाएं बहाल हो सकीं। एसडीएम गौरव शुक्ला ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मी कन्हैया दुबे ने पुलिस कर्मी को माफ कर बड़प्पन की मिसाल पेश की है। कोरोना से जंग में सभी एकजुट होकर कार्य करेंगे। इसे हराएंगे।
उधर, पुलिस की पिटाई का शिकार हुए कन्हैया दुबे ने बताया कि मुख्यालय से डॉक्टरों और साथी कर्मियों का फोन आया था। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई से कम पर समझौता न करने की बात कही है। एसडीएम छिबरामऊ ने आश्वासन दिया है कि वह जल्द दोषी पुलिसकर्मी की शिकायत एसपी से कर कार्रवाई कराएंगे। एसडीएम के आश्वासन पर ही समझौता किया है। आश्वासन पूरा नहीं होता है तो आगे की रणनीति तय की जाएगी।
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मैनपुरी जनपद के ग्राम कैथोली निवासी कन्हैया दुबे पुत्र राकेश कुमार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सौरिख में इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉरमेशन प्लेटफार्म (आईएचआईपी) ऑपरेटर के पद पर तैनात हैं। लॉकडाउन शुरू होने के बाद से कन्हैया सीएचसी में रुककर ड्यूटी कर रहे हैं। मंगलवार को यह नगला भारा में आशा सुमन देवी से फीडबैक लेकर सीएचसी लौट रहे थे। बेहटा के पास चेक पोस्ट पर सिपाहियों ने रोक लिया। बेवजह घूमने की बात कहकर पीटने लगे। अनुमति पत्र दिखाने के बाद भी पुलिसकर्मी लाठी बरसाते रहे। कन्हैया ने प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अजहर सिद्दीकी से बात करने का प्रयास किया तो पुलिस कर्मियों ने मोबाइल तोड़ दिया। मामले की जानकारी पर सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अजहर सिद्दीकी, फार्मासिस्ट अवनीश चतुर्वेदी, घनश्याम अन्य कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की जानकारी सीएमओ को दी। घटना से गुस्साए स्वास्थ्य कर्मियों ने अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं को बंद कर दिया।
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स्वास्थ्य सेवाएं बंद होने से मरीज अस्पताल के बाहर भटकते दिखाई दिए। जानकारी के बाद मुख्यालय में विनोद दीक्षित चिकित्सालय के डॉक्टर-कर्मचारी भड़क गए। यह सीएमओ कार्यालय के बाहर नारेबाजी करने लगे। सीएमओ डॉ. कृष्ण स्वरूप ने इन्हें समझाने का प्रयास किया। प्रदर्शन कर रहे लोग कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद सीएमओ ने एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह से बात की। एसपी ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद सीएमओ के समझाने पर कर्मी शांत हुए।
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उधर, जानकारी पर एसडीएम गौरव शुक्ला और सीओ शिव कुमार थापा सौरिख थाने पहुंच गए। अफसरों ने पुलिस और स्वास्थ्य कर्मियों से बंद कमरे में वार्ता की। दोनों पक्षों में समझौता करा दिया। इसके बाद लगभग चार घंटे तक बंद रहीं स्वास्थ्य सेवाएं बहाल हो सकीं। एसडीएम गौरव शुक्ला ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मी कन्हैया दुबे ने पुलिस कर्मी को माफ कर बड़प्पन की मिसाल पेश की है। कोरोना से जंग में सभी एकजुट होकर कार्य करेंगे। इसे हराएंगे।
उधर, पुलिस की पिटाई का शिकार हुए कन्हैया दुबे ने बताया कि मुख्यालय से डॉक्टरों और साथी कर्मियों का फोन आया था। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई से कम पर समझौता न करने की बात कही है। एसडीएम छिबरामऊ ने आश्वासन दिया है कि वह जल्द दोषी पुलिसकर्मी की शिकायत एसपी से कर कार्रवाई कराएंगे। एसडीएम के आश्वासन पर ही समझौता किया है। आश्वासन पूरा नहीं होता है तो आगे की रणनीति तय की जाएगी।