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Kannauj News: मेडिकल कॉलेज में युवक का सफल कूल्हा प्रत्यारोपण
Sat, 30 Aug 2025 12:32 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Sat, 30 Aug 2025 12:32 AM IST
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-नर्सिंगहोम में प्रत्यारोपण के बाद पस पड़ गया था, यहां के डॉक्टरों ने बचाया
संवाद न्यूज एजेंसी
तिर्वा। नर्सिंगहोम में कूल्हा प्रत्यारोपण कराने के बाद पस पड़ गया और युवक छह माह से बिस्तर पर पड़ा था। परिजन मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने पहुंचे। गुरुवार को आर्थोपेडिक टीम ने प्राचार्य के नेतृत्व में युवक का कूल्हा प्रत्यारोपण किया। डॉक्टरों की टीम ने युवक को नया जीवन दिया।
फर्रुखाबाद निवासी सागर के कूल्हे में दिक्कत हो गई थी। सागर ने निजी अस्पताल में कूल्हा प्रत्यारोपण कराया, लेकिन वह असफल रहा। युवक के कूल्हे में पस पड़ने लगा था और वह छह माह से बिस्तर पर पड़ा था। परिजनों ने एक सप्ताह पूर्व सागर को राजकीय मेडिकल कॉलेज में आर्थो विभाग में दिखाया।
गुरुवार को प्राचार्य डॉ. सीपी पाल की अगुवाई में विभागाध्यक्ष डॉ. प्रेम बाजपेयी, डॉ. अंबर वरयानी, डॉ. रोहित, डॉ. शोभित, डॉ. दिनेश और एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. सुनील व डॉ. काजल की टीम ने घंटों मेहनत के बाद सफल ऑपरेशन किया। डॉ. अंबर वरयानी ने बताया कि मरीज का दायां कूल्हा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका था।
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निजी अस्पताल में ऑपरेशन असफल होने के कारण जोड़ों में संक्रमण और चलने-फिरने की क्षमता पूरी तरह खत्म हो चुकी थी। समय पर इलाज न मिलने पर युवक की जान तक जा सकती थी, लेकिन टीम ने सूझबूझ और कुशल तकनीक का प्रयोग कर कूल्हा प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक कर दिया। प्राचार्य ने कहा कि यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था।
टीमवर्क और आधुनिक तकनीक के कारण मरीज की जान बचाई जा सकी। अब मरीज जल्द स्वस्थ होगा और सामान्य जीवन जी सकेगा। सफल ऑपरेशन से न केवल मरीज और उसका परिवार राहत की सांस ले रहा है, बल्कि मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा सेवाओं पर भी जनता का भरोसा और मजबूत हुआ है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
तिर्वा। नर्सिंगहोम में कूल्हा प्रत्यारोपण कराने के बाद पस पड़ गया और युवक छह माह से बिस्तर पर पड़ा था। परिजन मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने पहुंचे। गुरुवार को आर्थोपेडिक टीम ने प्राचार्य के नेतृत्व में युवक का कूल्हा प्रत्यारोपण किया। डॉक्टरों की टीम ने युवक को नया जीवन दिया।
फर्रुखाबाद निवासी सागर के कूल्हे में दिक्कत हो गई थी। सागर ने निजी अस्पताल में कूल्हा प्रत्यारोपण कराया, लेकिन वह असफल रहा। युवक के कूल्हे में पस पड़ने लगा था और वह छह माह से बिस्तर पर पड़ा था। परिजनों ने एक सप्ताह पूर्व सागर को राजकीय मेडिकल कॉलेज में आर्थो विभाग में दिखाया।
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गुरुवार को प्राचार्य डॉ. सीपी पाल की अगुवाई में विभागाध्यक्ष डॉ. प्रेम बाजपेयी, डॉ. अंबर वरयानी, डॉ. रोहित, डॉ. शोभित, डॉ. दिनेश और एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. सुनील व डॉ. काजल की टीम ने घंटों मेहनत के बाद सफल ऑपरेशन किया। डॉ. अंबर वरयानी ने बताया कि मरीज का दायां कूल्हा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका था।
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निजी अस्पताल में ऑपरेशन असफल होने के कारण जोड़ों में संक्रमण और चलने-फिरने की क्षमता पूरी तरह खत्म हो चुकी थी। समय पर इलाज न मिलने पर युवक की जान तक जा सकती थी, लेकिन टीम ने सूझबूझ और कुशल तकनीक का प्रयोग कर कूल्हा प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक कर दिया। प्राचार्य ने कहा कि यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था।
टीमवर्क और आधुनिक तकनीक के कारण मरीज की जान बचाई जा सकी। अब मरीज जल्द स्वस्थ होगा और सामान्य जीवन जी सकेगा। सफल ऑपरेशन से न केवल मरीज और उसका परिवार राहत की सांस ले रहा है, बल्कि मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा सेवाओं पर भी जनता का भरोसा और मजबूत हुआ है।