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Kannauj News: 25 दिन तक जंग लड़ने के बाद छात्र ने तोड़ा दम
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तालग्राम। खेलते समय दीवार पर चढ़ने पर 31 जुलाई को पैर फिसलने से पेट में घुसी लाठी ने छात्र को अस्पताल पहुंचा दिया। 25 दिन तक जिंदगी के लिए जंग लड़ने के बाद मंगलवार की देर रात छात्र की सांसें थम गईं। बुधवार भोर में शव घर पहुंचते ही परिजन में चीख-पुकार मच गई।
निकवा गांव निवासी शिशुपाल का बड़ा बेटा विशाल (16) कक्षा नौ का छात्र था। खेलकूद और दौड़ में होनहार था लेकिन 31 जुलाई का दिन परिवार कभी नहीं भूल पाएगा। वह अपने साथियों के साथ खेल रहा था। दीवार पर चढ़ने की कोशिश करते समय अचानक उसका संतुलन बिगड़ा और दीवार के सहारे खड़ी लाठी उसके पेट में घुस गई।
हादसे में विशाल गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए कानपुर रेफर किया गया। एक निजी अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में ऑपरेशन कर लाठी निकाली गई। 25 दिनों तक उसका इलाज चला, लेकिन मंगलवार रात नौ बजे विशाल ने दम तोड़ दिया।
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रक्षाबंधन की खुशियां मनाने की तैयारी कर रहे परिवार में त्योहार से एक दिन पहले मातम छा गया। बड़े भाई की अचानक मौत से इकलौती बहन अनामिका (8) बेसुध होकर गिर पड़ी। भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए वह उत्साहित थी पर मौत की खबर ने झकझोर दिया। दूसरा भाई आकाश (12) रोते हुए बहन को ढांढस बंधा रहा था। मां विनीता यादव और परिजनों में चीख पुकार मची हुई है। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोगों की आंखें भी नम हो गईं। गांव में हर कोई इस हादसे से स्तब्ध नजर आया।
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निकवा गांव निवासी शिशुपाल का बड़ा बेटा विशाल (16) कक्षा नौ का छात्र था। खेलकूद और दौड़ में होनहार था लेकिन 31 जुलाई का दिन परिवार कभी नहीं भूल पाएगा। वह अपने साथियों के साथ खेल रहा था। दीवार पर चढ़ने की कोशिश करते समय अचानक उसका संतुलन बिगड़ा और दीवार के सहारे खड़ी लाठी उसके पेट में घुस गई।
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हादसे में विशाल गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए कानपुर रेफर किया गया। एक निजी अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में ऑपरेशन कर लाठी निकाली गई। 25 दिनों तक उसका इलाज चला, लेकिन मंगलवार रात नौ बजे विशाल ने दम तोड़ दिया।
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रक्षाबंधन की खुशियां मनाने की तैयारी कर रहे परिवार में त्योहार से एक दिन पहले मातम छा गया। बड़े भाई की अचानक मौत से इकलौती बहन अनामिका (8) बेसुध होकर गिर पड़ी। भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए वह उत्साहित थी पर मौत की खबर ने झकझोर दिया। दूसरा भाई आकाश (12) रोते हुए बहन को ढांढस बंधा रहा था। मां विनीता यादव और परिजनों में चीख पुकार मची हुई है। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोगों की आंखें भी नम हो गईं। गांव में हर कोई इस हादसे से स्तब्ध नजर आया।