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कार्रवाई के बाद भी लेखपाल हड़ताल पर, अब सर्विस ब्रेक की होगी कार्रवाई
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कन्नौज। धारा 144 लागू होने के बाद भी धरना-प्रदर्शन करने पर तीनों तहसीलों के लेखपालों अध्यक्षों के निलंबन और बाकी का एक दिन का वेतन रोकने की कार्रवाई के बाद भी लेखपाल बुधवार को भी हड़ताल पर डटे रहे। लेखपालों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, वह लोग हड़ताल जारी रखेंगे। उधर, कलक्ट्रेट मैदान में दिन भर पुलिस तैनात रही और लेखपाल धरना देते रहे। उधर, जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब हड़ताल करने वाले लेखपालों के खिलाफ सर्विस ब्रेक करने की कार्रवाई की जाएगी। शासन से भी इसके आदेश जारी कर दिए गए हैं।
10 दिसंबर से हड़ताल पर चले रहे लेखपाल पहले तो तहसील स्तर पर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन पिछले तीन दिनों से इन्होंने कलक्ट्रेट मैदान पर धरना देना शुरू कर दिया। मंगलवार को धारा 144 लागू होने का हवाला देकर जब पुलिस प्रशासन ने इन्हें हटाने का प्रयास किया तो वह गिरफ्तारी देने पर अड़ गए। इसके बाद 137 लेखपालों ने गिरफ्तारी दी। जिन्हें शाम पांच बजे तक पुलिस लाइन में बनी अस्थाई जेल में रखा गया। शाम को तीनों तहसीलों के एसडीएम ने अपने-अपने क्षेत्र के लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई करनी शुरू कर दी। कुल 22 लेखपालों को निलंबित कर दिया गया। जबकि, बाकी लेखपालों का एक दिन का वेतन रोककर उन्हें ब्रेक इन सर्विस की नोटिस जारी की गई। लेकिन इस कार्रवाई का असर कहीं नहीं दिखा। लेखपाल पीछे हटने के बजाए बुधवार को फिर कलक्ट्रेट मैदान पर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी की। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिला संयोजक राजेश कुमार पटेल ने कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती हैं वह लोग हड़ताल जारी रख धरना प्रदर्शन करते रहेंगे। लेखपालों के धरना प्रदर्शन को देखते हुए दिन भर मौके पर तहसीलदार और कोतवाली पुलिस मौजूद रही। उधर, जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने बताया कि शासन ने निर्देश दिए हैं कि जो लेखपाल काम पर नहीं लौटता है उसकी सर्विस ब्रेक कर दी जाए। मंगलवार को नोटिस दी गई थी, जबकि आज से सर्विस ब्रेेक करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
वहीं, छिबरामऊ तहसील में कार्यरत चार अस्थाई लेखपालों ने काम पर लौटकर तहसीलदार को रिपोर्टिंग की है। उधर, तिर्वा में एक और कन्नौज में तीन लेखपाल काम पर लौटे हैं। बुधवार को तहसील क्षेत्र में कार्यरत चार अस्थाई लेखपाल तहसीलदार अभिमन्यु कुमार के कार्यालय में पहुंचे और उन्हें लिखित रुप से काम पर लौटने की जानकारी दी। तहसीलदार अभिमन्यु कुमार ने बताया कि ग्राम कबीरपुर के लेखपाल माधवेंद्र पाल, बटेला, पलिया बूंचपुर व कसावा के लेखपाल औरंगजेब, मेरापुर गढ़िया के लेखपाल प्रदीप व मिघौली की लेखपाल पिंकी यादव ने लिखित रुप से लेखपाल संघ की हड़ताल से खुद को अलग करते हुए काम पर लौटने की सूचना दी। गौरतलब है कि मंगलवार की देर रात एसडीएम गौरव शुक्ला ने लेखपाल संघ के अध्यक्ष सर्वेश यादव सहित आठ लेखपालों को निलंबित कर तहसील क्षेत्र में कार्यरत सभी 88 लेखपालों के खिलाफ ब्रेक इन सर्विस का नोटिस देकर एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिए थे।
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10 दिसंबर से हड़ताल पर चले रहे लेखपाल पहले तो तहसील स्तर पर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन पिछले तीन दिनों से इन्होंने कलक्ट्रेट मैदान पर धरना देना शुरू कर दिया। मंगलवार को धारा 144 लागू होने का हवाला देकर जब पुलिस प्रशासन ने इन्हें हटाने का प्रयास किया तो वह गिरफ्तारी देने पर अड़ गए। इसके बाद 137 लेखपालों ने गिरफ्तारी दी। जिन्हें शाम पांच बजे तक पुलिस लाइन में बनी अस्थाई जेल में रखा गया। शाम को तीनों तहसीलों के एसडीएम ने अपने-अपने क्षेत्र के लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई करनी शुरू कर दी। कुल 22 लेखपालों को निलंबित कर दिया गया। जबकि, बाकी लेखपालों का एक दिन का वेतन रोककर उन्हें ब्रेक इन सर्विस की नोटिस जारी की गई। लेकिन इस कार्रवाई का असर कहीं नहीं दिखा। लेखपाल पीछे हटने के बजाए बुधवार को फिर कलक्ट्रेट मैदान पर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी की। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिला संयोजक राजेश कुमार पटेल ने कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती हैं वह लोग हड़ताल जारी रख धरना प्रदर्शन करते रहेंगे। लेखपालों के धरना प्रदर्शन को देखते हुए दिन भर मौके पर तहसीलदार और कोतवाली पुलिस मौजूद रही। उधर, जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने बताया कि शासन ने निर्देश दिए हैं कि जो लेखपाल काम पर नहीं लौटता है उसकी सर्विस ब्रेक कर दी जाए। मंगलवार को नोटिस दी गई थी, जबकि आज से सर्विस ब्रेेक करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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वहीं, छिबरामऊ तहसील में कार्यरत चार अस्थाई लेखपालों ने काम पर लौटकर तहसीलदार को रिपोर्टिंग की है। उधर, तिर्वा में एक और कन्नौज में तीन लेखपाल काम पर लौटे हैं। बुधवार को तहसील क्षेत्र में कार्यरत चार अस्थाई लेखपाल तहसीलदार अभिमन्यु कुमार के कार्यालय में पहुंचे और उन्हें लिखित रुप से काम पर लौटने की जानकारी दी। तहसीलदार अभिमन्यु कुमार ने बताया कि ग्राम कबीरपुर के लेखपाल माधवेंद्र पाल, बटेला, पलिया बूंचपुर व कसावा के लेखपाल औरंगजेब, मेरापुर गढ़िया के लेखपाल प्रदीप व मिघौली की लेखपाल पिंकी यादव ने लिखित रुप से लेखपाल संघ की हड़ताल से खुद को अलग करते हुए काम पर लौटने की सूचना दी। गौरतलब है कि मंगलवार की देर रात एसडीएम गौरव शुक्ला ने लेखपाल संघ के अध्यक्ष सर्वेश यादव सहित आठ लेखपालों को निलंबित कर तहसील क्षेत्र में कार्यरत सभी 88 लेखपालों के खिलाफ ब्रेक इन सर्विस का नोटिस देकर एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिए थे।
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