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आत्मदाह की धमकी से प्रशासन में हड़कंप
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Tue, 20 Oct 2015 11:44 PM IST
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क्षेत्र के ग्राम कसावा में सड़क निर्माण के दौरान
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खेतों के काटे जाने से किसान क्षुब्ध हैं। गांव के ही एक किसान ने पहले तो
खेत न काटने की गुहार लगाई। जब उसे अनसुना कर दिया गया तब उसने आत्मदाह की
चेतावनी दे दी। इस धमकी से प्रशासन में हड़कंप मच गया।
डीएम के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और मौके पर पहुंची पुलिस ने जेसीबी को जब्त कर दोनों पक्षों को कोतवाली ले आई। देर शाम दोनों पक्षों के बीच अधिकारियों की मौजूदगी में मामला रफादफा कर दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार, कसावा से कटाहार गांव तक जाने वाली सड़क पर जेसीबी से मिट्टी डालने का काम चल रहा है।
गांव के शैलेंद्रनाथ मिश्रा ने बताया कि कार्यदायी संस्था के ठेकेदार और लेखपाल की मिलीभगत से उनके खेत को काटकर जबरन सड़क बनाई जा रही है, जबकि जिस जगह पर सड़क है वहां पर दबंगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। पहले तो उसने कार्य करने से रोका जब उसे अनसुना कर दिया गया, तब वह घर जाकर मिट्टी के तेल की कट्टी उठा लाया और फिर मौके पर पहुंचकर आत्मदाह की धमकी देने लगा।
इस बीच ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीण विरोध प्रदर्शन पर उतर आए और कार्यदायी संस्था के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। ग्रामीणों ने जेसीबी चालक को दौड़ा लिया। इस दौरान पीड़ित शैलेंद्रनाथ मिश्रा ने डीएम अनुज झा से शिकायत करते हुए आत्मदाह की चेतावनी दी। डीएम के आदेश पर प्रशासन में हड़कंप मच गया।
कोतवाल अरविंद मोहन जायसवाल ने उपनिरीक्षक एसबी शुक्ला, गणेशदत्त पाल व राधाचरन द्विवेदी को पुलिस बल के साथ मौके पर भेजा। पुलिस ने जेसीबी को अपने कब्जे में ले लिया और काम बंद करा दिया। उधर, जिलाधिकारी ने पूरे मामले की जांच उपजिलाधिकारी महेश प्रसाद दीक्षित को सौंपी है।
इस संबंध में एसडीएम ने बताया कि लेखपाल और कानूनगो को भेजकर पैमाइश कराई जाएगी तथा निर्धारित स्थान पर ही सड़क बनाई जाएगी। किसी किसान के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
डीएम के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और मौके पर पहुंची पुलिस ने जेसीबी को जब्त कर दोनों पक्षों को कोतवाली ले आई। देर शाम दोनों पक्षों के बीच अधिकारियों की मौजूदगी में मामला रफादफा कर दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार, कसावा से कटाहार गांव तक जाने वाली सड़क पर जेसीबी से मिट्टी डालने का काम चल रहा है।
गांव के शैलेंद्रनाथ मिश्रा ने बताया कि कार्यदायी संस्था के ठेकेदार और लेखपाल की मिलीभगत से उनके खेत को काटकर जबरन सड़क बनाई जा रही है, जबकि जिस जगह पर सड़क है वहां पर दबंगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। पहले तो उसने कार्य करने से रोका जब उसे अनसुना कर दिया गया, तब वह घर जाकर मिट्टी के तेल की कट्टी उठा लाया और फिर मौके पर पहुंचकर आत्मदाह की धमकी देने लगा।
इस बीच ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीण विरोध प्रदर्शन पर उतर आए और कार्यदायी संस्था के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। ग्रामीणों ने जेसीबी चालक को दौड़ा लिया। इस दौरान पीड़ित शैलेंद्रनाथ मिश्रा ने डीएम अनुज झा से शिकायत करते हुए आत्मदाह की चेतावनी दी। डीएम के आदेश पर प्रशासन में हड़कंप मच गया।
कोतवाल अरविंद मोहन जायसवाल ने उपनिरीक्षक एसबी शुक्ला, गणेशदत्त पाल व राधाचरन द्विवेदी को पुलिस बल के साथ मौके पर भेजा। पुलिस ने जेसीबी को अपने कब्जे में ले लिया और काम बंद करा दिया। उधर, जिलाधिकारी ने पूरे मामले की जांच उपजिलाधिकारी महेश प्रसाद दीक्षित को सौंपी है।
इस संबंध में एसडीएम ने बताया कि लेखपाल और कानूनगो को भेजकर पैमाइश कराई जाएगी तथा निर्धारित स्थान पर ही सड़क बनाई जाएगी। किसी किसान के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।