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सौ शय्या अस्पताल में दवाओं की किल्लत, बाहर से मंगाने पर पाबंदी
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सौ शय्या संयुक्त चिकित्सालय।
- फोटो : CHIBRAMAU
छिबरामऊ(कन्नौज)। इलाके में डेंगू पांव पसार रहा है। वहीं सौ शय्या अस्पताल में दवाओं का टोटा है। मरीज को चढ़ाई जाने वाली पांच सौ मिलीलीटर वाली बोतलें भी नहीं हैं। ऐसे में चिकित्सक और मरीज दोनों दुविधा में हैं।
सौ शय्या अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में दवाओं का टोटा है। बुखार पीड़ितों को लगाई जाने वाली एनएस व आरएल की पांच सौ मिलीलीटर बोतलें नहीं हैं। एंटीबायोटिक इंजेक्शन पिपजो, एम्कासिन भी नहीं हैं। उल्टी रोकने वाले इंजेक्शन भी मुहैया नहीं हैं। डेंगू में रामबाण बताई जाने वाली हिमाक्सिल की बोतलें भी स्टाक में खत्म हैं। डिजिटल वाटर और सिरिंज की तादाद भी थोड़ी है।
अस्पताल में मरीजों को बाहर से दवा लाने से मनाही है। ऐसे में मरीज और डॉक्टर दुविधा में हैं। इस संबंध में सीएमएस डॉ. राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि दवाओं की डिमांड भेजी गई है। एक से दो दिन में उपलब्ध हो जाएंगी।
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सौ शय्या अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में दवाओं का टोटा है। बुखार पीड़ितों को लगाई जाने वाली एनएस व आरएल की पांच सौ मिलीलीटर बोतलें नहीं हैं। एंटीबायोटिक इंजेक्शन पिपजो, एम्कासिन भी नहीं हैं। उल्टी रोकने वाले इंजेक्शन भी मुहैया नहीं हैं। डेंगू में रामबाण बताई जाने वाली हिमाक्सिल की बोतलें भी स्टाक में खत्म हैं। डिजिटल वाटर और सिरिंज की तादाद भी थोड़ी है।
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अस्पताल में मरीजों को बाहर से दवा लाने से मनाही है। ऐसे में मरीज और डॉक्टर दुविधा में हैं। इस संबंध में सीएमएस डॉ. राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि दवाओं की डिमांड भेजी गई है। एक से दो दिन में उपलब्ध हो जाएंगी।
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