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शिक्षामित्रों ने जाम किया रेलवे ट्रैक
अमर उजाला ब्यूरो कन्नौज
Updated Mon, 14 Sep 2015 11:23 PM IST
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हाईकोर्ट के फैसले से भड़के शिक्षामित्रों ने सोमवार को गैस एजेंसी चौराहे पर रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। इससे दो घंटे तक ट्रेनों का आवागमन ठप रहा। सदर कोतवाल ने लाठी की दम पर जबरन हटाने का प्रयास किया तो तमाम शिक्षामित्र उनसे उलझ गए। शिक्षामित्रों का उग्र रूप देख पुलिस बैक फुट पर आ गई। बाद में एडीएम रमेश चंद्र यादव के पहुंचने पर शिक्षामित्र शांत हुए और उन्हें ज्ञापन देकर ट्रैक खाली किया।
आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन और प्राथमिक शिक्षामित्र एसोसिएशन के बैनर तले सोमवार सुबह बीआरसी में शिक्षामित्रों की बैठक हुई। इसमें जिले भर से सैकड़ों शिक्षामित्र शामिल हुए। सुबह करीब सवा 11 बजे बीआरसी से निकले शिक्षामित्र नारेबाजी करते हुए कानपुर-कासगंज रेलवे ट्रैक पर गैस एजेंसी फाटक के पास पटरी पर बैठ गए।
इस दौरान कोर्ट के फैसले को गलत ठहराते हुए न्याय की मांग की। सूचना पाकर एएसपी सुभाष शाक्य, एसडीएम सदर सुनील शुक्ला, सीओ सदर करन सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामला सुलझाने का प्रयास किया। लेकिन शिक्षामित्र डीएम को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद अफसरों ने संगठन के नेताओं से बात की। नेताओं ने कलेक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन देने की बात मान ली।
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इस पर शिक्षामित्र भड़क गए। उन्होंने संगठन के नेताओं को खरी-खोटी सुनाई। दोनों तरफ से एक-दूसरे पर आरोपों लगाने के बाद भी शिक्षामित्र ट्रैक पर डटे रहे। इसी बीच कोतवाल भुल्लन यादव व रेलवे पुलिस ने सख्ती से शिक्षामित्रों को हटाना शुरू किया। इस पर तमाम युवाओं व महिलाओं ने तो ट्रैक में पड़ी गिट्टी उठाकर पुलिस के खिलाफ मुट्ठियां भींच लीं। इसके बाद सपा के पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव ने डीएम से वार्ता की। इस दौरान एडीएम रमेश चंद्र यादव के ज्ञापन लेने के लिए मौके पर आने की बात तय ही। सवा एक बजे एडीएम मौके पर पहुंचे और ज्ञापन लेकर उसे सरकार तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद शिक्षामित्र ट्रैक से हटे।
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बीएसए को भी बैरंग लौटाया
कन्नौज। आक्रोशित शिक्षामित्रों को समझाने पहुंचे बीएसए की किसी ने एक नहीं सुनी। उन्होंने कभी शिक्षामित्र संघ के नेताओं तो कभी शिक्षामित्रों को शांत करने का प्रयास किया। पर दो-टूक लहजे में यह कहते हुए जाम खोलने से मना कर दिया गया कि अब हाईकोर्ट का फैसला न बदलने तक उग्र आंदोलन चलता रहेगा।
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पैरवी में लापरवाही के आरोप
कन्नौज। तमाम महिला और पुरुष शिक्षामित्रों ने संगठन के नेताओं पर कई गंभीर आरोप लगाए। कहा कि उन्होंने कोर्ट में पैरवी करने में लापरवाही बरती। सौरिख क्षेत्र के विकलांग शिक्षामित्र सुखदेव समेत दर्जनों प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि चंदा के नाम पर लाखों रुपये वसूले गए पर उनका उपयोग सही तरीके से नहीं हुआ। दमदार वकील तक खड़ा नहीं किया जा सका।
चार ट्रेनें स्टेशन पर ही खड़ी रहीं
कन्नौज। रेलवे ट्रैक पर बैठकर हंगामा कर रहे शिक्षामित्रों के प्रदर्शन को देखते हुए रेलवे अलर्ट हो गया। कन्नौज रेलवे स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक एसके सिंह ने बताया कि चार ट्रेनें आंदोलन के चलते देरी का शिकार हुईं। फर्रुखाबाद से कानपुर की ओर जाने वाली इलाहाबाद पैसेंजर ट्रेन को जसोदा, मथुरा से कानपुर जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन को गुरसहायगंज स्टेशन पर ही खड़ा करा दिया गया।
वहीं फर्रुखाबाद की ओर जाने वाली उत्सर्ग एक्सप्रेस ट्रेन कन्नौज स्टेशन पर ही खड़ी रही, जबकि कानपुर से फर्रुखाबाद जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन बिल्हौर स्टेशन पर ही रोक दी गई। इस वजह से हजारों यात्री बीच रास्ते में ही फंसे रहे। तमाम यात्री रेलवे स्टेशन पर पहुंचने के बाद ट्रेन रुकी होने की जानकारी पाकर रोडवेज बसों व निजी सवारी वाहनों के जरिए रवाना हुए।
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आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन और प्राथमिक शिक्षामित्र एसोसिएशन के बैनर तले सोमवार सुबह बीआरसी में शिक्षामित्रों की बैठक हुई। इसमें जिले भर से सैकड़ों शिक्षामित्र शामिल हुए। सुबह करीब सवा 11 बजे बीआरसी से निकले शिक्षामित्र नारेबाजी करते हुए कानपुर-कासगंज रेलवे ट्रैक पर गैस एजेंसी फाटक के पास पटरी पर बैठ गए।
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इस दौरान कोर्ट के फैसले को गलत ठहराते हुए न्याय की मांग की। सूचना पाकर एएसपी सुभाष शाक्य, एसडीएम सदर सुनील शुक्ला, सीओ सदर करन सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामला सुलझाने का प्रयास किया। लेकिन शिक्षामित्र डीएम को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद अफसरों ने संगठन के नेताओं से बात की। नेताओं ने कलेक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन देने की बात मान ली।
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इस पर शिक्षामित्र भड़क गए। उन्होंने संगठन के नेताओं को खरी-खोटी सुनाई। दोनों तरफ से एक-दूसरे पर आरोपों लगाने के बाद भी शिक्षामित्र ट्रैक पर डटे रहे। इसी बीच कोतवाल भुल्लन यादव व रेलवे पुलिस ने सख्ती से शिक्षामित्रों को हटाना शुरू किया। इस पर तमाम युवाओं व महिलाओं ने तो ट्रैक में पड़ी गिट्टी उठाकर पुलिस के खिलाफ मुट्ठियां भींच लीं। इसके बाद सपा के पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव ने डीएम से वार्ता की। इस दौरान एडीएम रमेश चंद्र यादव के ज्ञापन लेने के लिए मौके पर आने की बात तय ही। सवा एक बजे एडीएम मौके पर पहुंचे और ज्ञापन लेकर उसे सरकार तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद शिक्षामित्र ट्रैक से हटे।
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बीएसए को भी बैरंग लौटाया
कन्नौज। आक्रोशित शिक्षामित्रों को समझाने पहुंचे बीएसए की किसी ने एक नहीं सुनी। उन्होंने कभी शिक्षामित्र संघ के नेताओं तो कभी शिक्षामित्रों को शांत करने का प्रयास किया। पर दो-टूक लहजे में यह कहते हुए जाम खोलने से मना कर दिया गया कि अब हाईकोर्ट का फैसला न बदलने तक उग्र आंदोलन चलता रहेगा।
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पैरवी में लापरवाही के आरोप
कन्नौज। तमाम महिला और पुरुष शिक्षामित्रों ने संगठन के नेताओं पर कई गंभीर आरोप लगाए। कहा कि उन्होंने कोर्ट में पैरवी करने में लापरवाही बरती। सौरिख क्षेत्र के विकलांग शिक्षामित्र सुखदेव समेत दर्जनों प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि चंदा के नाम पर लाखों रुपये वसूले गए पर उनका उपयोग सही तरीके से नहीं हुआ। दमदार वकील तक खड़ा नहीं किया जा सका।
चार ट्रेनें स्टेशन पर ही खड़ी रहीं
कन्नौज। रेलवे ट्रैक पर बैठकर हंगामा कर रहे शिक्षामित्रों के प्रदर्शन को देखते हुए रेलवे अलर्ट हो गया। कन्नौज रेलवे स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक एसके सिंह ने बताया कि चार ट्रेनें आंदोलन के चलते देरी का शिकार हुईं। फर्रुखाबाद से कानपुर की ओर जाने वाली इलाहाबाद पैसेंजर ट्रेन को जसोदा, मथुरा से कानपुर जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन को गुरसहायगंज स्टेशन पर ही खड़ा करा दिया गया।
वहीं फर्रुखाबाद की ओर जाने वाली उत्सर्ग एक्सप्रेस ट्रेन कन्नौज स्टेशन पर ही खड़ी रही, जबकि कानपुर से फर्रुखाबाद जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन बिल्हौर स्टेशन पर ही रोक दी गई। इस वजह से हजारों यात्री बीच रास्ते में ही फंसे रहे। तमाम यात्री रेलवे स्टेशन पर पहुंचने के बाद ट्रेन रुकी होने की जानकारी पाकर रोडवेज बसों व निजी सवारी वाहनों के जरिए रवाना हुए।