{"_id":"5e2895898ebc3e4ad660157f","slug":"shaheed-ke-antim-darshan-ko-patharaeen-boodhee-maan-kee-aankhen-kannauj-news-knp5400840191","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहीद के अंतिम दर्शन को पथराईं बूढ़ी मां की आंखें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहीद के अंतिम दर्शन को पथराईं बूढ़ी मां की आंखें
विज्ञापन
नगला डांडे में रामबहादुर के साथ मौजूद ग्रामीण।
- फोटो : CHIBRAMAU
विशुनगढ़(कन्नौज)। पोर्ट ब्लेयर बंदरगाह पर सर्च आपरेशन के दौरान शहीद बेटे के शव के इंतजार में बूढ़ी मां का हाल बेहाल है। रो-रोकर उनकी आंखें पथरा गई हैं। पुत्र वियोग में वह बार-बार बेहोश हो जाती हैं।
पोर्ट ब्लेयर बंदरगाह पर शहीद विशुनगढ़ क्षेत्र के ग्राम नगला डांडे निवासी रामबहादुर पाल के सबसे छोटे बेटे हरिओम का शव दूसरे दिन भी पैतृक आवास पर नहीं पहुंच सका। शव के इंतजार में पिता रामबहादुर, मां सुनीता देवी का हाल बेहाल है। हरिओम की बहन बसंती, भागवती, रूपकली व शशि भी बिलखती रहीं। गांव की महिलाएं इन्हें ढांढस बंधाने का प्रयास करती रहीं। यह कुछ देर शांत रहतीं फिर बिलखने लगतीं। लोधी महासभा के प्रदेश मंत्री पवन कुमार वर्मा, रामबख्श सिंह उर्फ नेता, चंद्रभान राजपूत, राजकिशोर वर्मा व नारायन सहित गांव के लोग पूरे दिन सैनिक के परिजनों को ढांढस बंधाने का प्रयास करते रहे।
नहीं पहुंचे जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी
हरिओम लोधी के शहीद होने की जानकारी होने के बाद भी न तो कोई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचा, और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी। इसको लेकर ग्रामीणों में रोष है।
सुभाष अकादमी से किया था हाईस्कूल व इंटर
एक जनवरी 1999 को नगला डांडे में रामबहादुर लोधी के घर जन्मे हरिओम लोधी ने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की पढ़ाई नगर के फर्रुखाबाद रोड स्थित सुभाष अकादमी से पूरी की थी। स्नातक की पढ़ाई के लिए एके डिग्री कालेज विशुनगढ़ में दाखिला लिया। पढ़ाई के दौरान 10 फरवरी 2018 को नेवी में भर्ती हो गए।
विज्ञापन
फ्लाइट की सही जानकारी न होने से नहीं पहुंच सका शव
कोलकाता से दिल्ली के लिए आने वाली फ्लाइट की सही जानकारी न हो पाने से शहीद सैनिक का शव दूसरे दिन भी पैतृक आवास पर नहीं पहुंच सका। कोलकाता में मौजूद शहीद सैनिक के भाई मूलचंद्र ने बताया कि पार्थिव शरीर गुरुवार सुबह फ्लाइट से दिल्ली ले जाया जाएगा। आईएनएस केसरी के सिगनल विभाग में तैनात हरिओम लोधी सर्च आपरेशन के दौरान नौका पलटने से समुद्र में डूब गए। इससे जान चली गई। हादसे की जानकारी पर हरिओम के भाई मूलचंद्र, हरिश्चंद्र व मोहन चंद्र पोर्ट ब्लेयर बंदरगाह पर पहुंच गए थे। पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव शरीर इनके सुपुर्द कर दिया गया। बुधवार सुबह सेना के वाहन से पार्थिव शरीर को एयर पोर्ट लाया गया। फ्लाइट न होने से लौट जाना पड़ा। कोलकाता से मूलचंद्र ने बताया कि अब वह लोग पार्थिव शरीर लेकर गुरुवार को दिल्ली के लिए रवाना होंगे। शाम पांच बजे तक गांव पहुंचने की संभावना है।
छात्र-छात्राओं ने अर्पित किए श्रद्धा सुमन
शहीद सैनिक हरिओम लोधी की प्रारंभिक शिक्षा कस्बे के गंगा एजूकेशन सेंटर में हुई थी। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए। दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। प्रधानाचार्य शिववीर सिंह, प्रबंधक देवेंद्र सिंह यादव, अंकित कुमार, नीलम यादव, सुरेश चंद्र, पूनम पाल, दीप्ति शाक्य, उपासना राजपूत, रजनी, रागिनी शाक्य, अलका, प्रिया, आदेश आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन
पोर्ट ब्लेयर बंदरगाह पर शहीद विशुनगढ़ क्षेत्र के ग्राम नगला डांडे निवासी रामबहादुर पाल के सबसे छोटे बेटे हरिओम का शव दूसरे दिन भी पैतृक आवास पर नहीं पहुंच सका। शव के इंतजार में पिता रामबहादुर, मां सुनीता देवी का हाल बेहाल है। हरिओम की बहन बसंती, भागवती, रूपकली व शशि भी बिलखती रहीं। गांव की महिलाएं इन्हें ढांढस बंधाने का प्रयास करती रहीं। यह कुछ देर शांत रहतीं फिर बिलखने लगतीं। लोधी महासभा के प्रदेश मंत्री पवन कुमार वर्मा, रामबख्श सिंह उर्फ नेता, चंद्रभान राजपूत, राजकिशोर वर्मा व नारायन सहित गांव के लोग पूरे दिन सैनिक के परिजनों को ढांढस बंधाने का प्रयास करते रहे।
विज्ञापन
नहीं पहुंचे जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी
हरिओम लोधी के शहीद होने की जानकारी होने के बाद भी न तो कोई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचा, और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी। इसको लेकर ग्रामीणों में रोष है।
सुभाष अकादमी से किया था हाईस्कूल व इंटर
एक जनवरी 1999 को नगला डांडे में रामबहादुर लोधी के घर जन्मे हरिओम लोधी ने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की पढ़ाई नगर के फर्रुखाबाद रोड स्थित सुभाष अकादमी से पूरी की थी। स्नातक की पढ़ाई के लिए एके डिग्री कालेज विशुनगढ़ में दाखिला लिया। पढ़ाई के दौरान 10 फरवरी 2018 को नेवी में भर्ती हो गए।
विज्ञापन
फ्लाइट की सही जानकारी न होने से नहीं पहुंच सका शव
कोलकाता से दिल्ली के लिए आने वाली फ्लाइट की सही जानकारी न हो पाने से शहीद सैनिक का शव दूसरे दिन भी पैतृक आवास पर नहीं पहुंच सका। कोलकाता में मौजूद शहीद सैनिक के भाई मूलचंद्र ने बताया कि पार्थिव शरीर गुरुवार सुबह फ्लाइट से दिल्ली ले जाया जाएगा। आईएनएस केसरी के सिगनल विभाग में तैनात हरिओम लोधी सर्च आपरेशन के दौरान नौका पलटने से समुद्र में डूब गए। इससे जान चली गई। हादसे की जानकारी पर हरिओम के भाई मूलचंद्र, हरिश्चंद्र व मोहन चंद्र पोर्ट ब्लेयर बंदरगाह पर पहुंच गए थे। पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव शरीर इनके सुपुर्द कर दिया गया। बुधवार सुबह सेना के वाहन से पार्थिव शरीर को एयर पोर्ट लाया गया। फ्लाइट न होने से लौट जाना पड़ा। कोलकाता से मूलचंद्र ने बताया कि अब वह लोग पार्थिव शरीर लेकर गुरुवार को दिल्ली के लिए रवाना होंगे। शाम पांच बजे तक गांव पहुंचने की संभावना है।
छात्र-छात्राओं ने अर्पित किए श्रद्धा सुमन
शहीद सैनिक हरिओम लोधी की प्रारंभिक शिक्षा कस्बे के गंगा एजूकेशन सेंटर में हुई थी। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए। दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। प्रधानाचार्य शिववीर सिंह, प्रबंधक देवेंद्र सिंह यादव, अंकित कुमार, नीलम यादव, सुरेश चंद्र, पूनम पाल, दीप्ति शाक्य, उपासना राजपूत, रजनी, रागिनी शाक्य, अलका, प्रिया, आदेश आदि मौजूद रहीं।