{"_id":"edaec205da4c07a16a82c05338f22328","slug":"secretary-of-the-inspection-disclosure-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सचिव के निरीक्षण से हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सचिव के निरीक्षण से हड़कंप
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Fri, 22 Jan 2016 12:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्व परिषद के विशेष सचिव मनोज कुमार ने गुरुवार की
विज्ञापन
दोपहर तहसील का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तहसील के सभी
विभागों का निरीक्षण कर पत्रावलियां खंगाली। कार्यालय में निरीक्षण के
दौरान दाखिल खारिज के कई मामले वर्षों से लंबित मिले।
इसके अलावा उप निबंधक कार्यालय के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने रिश्वत मांगने की शिकायत की। विशेष सचिव दोपहर दो बजे एसडीएम तिर्वा के साथ तहसील पहुंचे। यहां उन्होंने सबसे पहले कंप्यूटर कक्ष का निरीक्षण किया। इसके बाद अभिलेखागार कार्यालय, राजस्व हवालात को देखा।
उप निबंधक कार्यालय में विशेष सचिव के पहुंचते ही हड़कंप मच गया। यहां अपना बैनामा पंजीकृत कराने को कई ग्रामीण मौजूद थे। लेनदेन का काम चल रहा था। कर्मियों ने इशारा कर लोगों को आफिस से बाहर निकाल दिया। विशेष सचिव ने मौजूद कुछ लोगों से जब पूछा कि उन्हें कोई शिकायत तो नहीं है तो तिर्वा के भट्ठा व्यवसायी राकेश भदौरिया ने कहा कि वह अपना बैनामा पंजीकृत कराने आए हैं।
दफ्तर में तैनात एक कर्मचारी उनसे सुविधा शुल्क की मांग कर रहा है। उन्होंने बताया कि अभी सुविधा शुल्क उन्होंने दिया नहीं है। इस पर विशेष सचिव ने आरोपी लिपिक व भट्ठा व्यवसायी के बयान दर्ज किए। बाद में आरके दफ्तर पहुंचकर बैनामों के दाखिल खारिज के मामले देखे।
इस दौरान उन्होंने पाया कि दाखिल खारिज में लापरवाही बरती जा रही है। कई मामले दो-दो वर्षों से लंबित पड़े हैं। उन्होंने करीब एक दर्जन पत्रावलियां कब्जे में ले ली। बाद में तहसीलदार कार्यालय का भी निरीक्षण किया। यहां भी मुकदमों से संबंधित करीब एक सैकड़ा पत्रावलियों का दो घंटे तक निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीएम उदयवीर सिंह, तहसीलदार ऋषिकांत राजवंशी, नायब तहसीलदार प्रेम नरायन प्रजापति आदि मौजूद थे।
इसके अलावा उप निबंधक कार्यालय के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने रिश्वत मांगने की शिकायत की। विशेष सचिव दोपहर दो बजे एसडीएम तिर्वा के साथ तहसील पहुंचे। यहां उन्होंने सबसे पहले कंप्यूटर कक्ष का निरीक्षण किया। इसके बाद अभिलेखागार कार्यालय, राजस्व हवालात को देखा।
उप निबंधक कार्यालय में विशेष सचिव के पहुंचते ही हड़कंप मच गया। यहां अपना बैनामा पंजीकृत कराने को कई ग्रामीण मौजूद थे। लेनदेन का काम चल रहा था। कर्मियों ने इशारा कर लोगों को आफिस से बाहर निकाल दिया। विशेष सचिव ने मौजूद कुछ लोगों से जब पूछा कि उन्हें कोई शिकायत तो नहीं है तो तिर्वा के भट्ठा व्यवसायी राकेश भदौरिया ने कहा कि वह अपना बैनामा पंजीकृत कराने आए हैं।
दफ्तर में तैनात एक कर्मचारी उनसे सुविधा शुल्क की मांग कर रहा है। उन्होंने बताया कि अभी सुविधा शुल्क उन्होंने दिया नहीं है। इस पर विशेष सचिव ने आरोपी लिपिक व भट्ठा व्यवसायी के बयान दर्ज किए। बाद में आरके दफ्तर पहुंचकर बैनामों के दाखिल खारिज के मामले देखे।
इस दौरान उन्होंने पाया कि दाखिल खारिज में लापरवाही बरती जा रही है। कई मामले दो-दो वर्षों से लंबित पड़े हैं। उन्होंने करीब एक दर्जन पत्रावलियां कब्जे में ले ली। बाद में तहसीलदार कार्यालय का भी निरीक्षण किया। यहां भी मुकदमों से संबंधित करीब एक सैकड़ा पत्रावलियों का दो घंटे तक निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीएम उदयवीर सिंह, तहसीलदार ऋषिकांत राजवंशी, नायब तहसीलदार प्रेम नरायन प्रजापति आदि मौजूद थे।