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शनिवार के दिन मकर संक्रांति का दुर्लभ संयोग
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
Updated Thu, 12 Jan 2017 11:28 PM IST
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पंडित
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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यह संयोग की बात है कि मकर संक्रांति 14 जनवरी दिन शनिवार को है। इस दिन सात बजकर 38 मिनट पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं। शनिवार के दिन मकर संक्रांति का होना एक दुर्लभ संयोग होता है। ऐसे में भक्त दान-पुण्य कर पूर्व में किए गए पापों के लिए क्षमा याचना कर सकते हैं।
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वैदिक आचार्य पंडित पवन शुक्ला बताते हैं कि ऐसा संयोग कई वर्षों बाद पड़ रहा है जब सूर्य देव शनि के घर में होंगे ऐसे में भक्त एक साथ ही दोनों देवताओं को प्रसन्न कर सकते हैं। इस दिन घरों में तिल-गुड़ के लड्डू का भोग लगाया जाता है और इनका दान भी सर्वोत्तम माना जाता है। वहीं, लोग सुबह से गंगाजी में डुबकी लगाकर अलौकिक आनंद की अनुभूति करते हुए पुण्य को प्राप्त करते हैं। इसी दिन खिचड़ी को भी सर्वोत्तम दान माना गया है।
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मकर संक्रांति पर्व के केंद्र में सूर्य का राशि परिवर्तन है। सूर्य एक राशि में एक माह तक रहते हैं। कुछ लोग इसी माह से वर्ष का आरंभ मानते हैं। 12 राशियों में सूर्य के आगमन के कारण एक वर्ष में 12 संक्रांति होती हैं। मकर संक्रांति का महत्व सबसे अधिक है। इसी दिन से सूर्य उत्तरायण होते हैं और रात की अपेक्षा दिन बड़ा होना शुरू होता है।
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