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साईं बाबा की पालकी यात्रा में उमड़े भक्त
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
Updated Thu, 09 Feb 2017 11:04 PM IST
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सार्ईं पालकी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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गुरुवार को पूरा नगर ऊं साईं मय हो गया हो। एक ओर पूरे रास्ते फूलों की वर्षा हो रही थी दूसरी ओर शोभायात्रा में महिलाएं व युवा सिर पर पीली पट्टी बांध कर झूमते नाचते चल रहे थे। पश्चिमी बाईपास से साईं बाबा की पालकी यात्रा की शुरूआत हुई। शोभायात्रा में सबसे आगे पीले ध्वज लिए युवक चल रहे थे। उनके पीछे बैंडबाजों और डीजे पर बज रहे भजनों की धुनों पर युवा नाचते चल रहे थे। कुछ महिलाएं भी ध्यानमग्न होकर नृत्य कर रही थीं।
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शोभायात्रा में सबसे आगे सिद्ध विनायक प्रथम पूज्य भगवान गणेश की झांकी चल रही थी वहीं साईं बाबा के साथ उनके भक्तों की टोली की जीवंत झांकी आकर्षण का केंद्र बनी हुई थी। राधाकृष्ण गोपिकाओं के साथ रासलीला का दृश्य भी देखते ही बन रहा था। डीजे, भांगड़ा व बैंडों के साथ भगवान शंकर समेत अन्य देवी-देवताओं की झांकियों के साथ हनुमान की अद्भुत छटा देखते ही बन रही थी। साईं बाबा की पालकी को भक्त कंधे पर रखकर नंगे पैर चल रहे थे। पालकी के आगे आगे कुछ लोग गुलाब के फूल की पंखुड़ियों की वर्षा करते हुए चल रहे थे।
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महिलाओं ने भी कंधा दिया। शोभायात्रा में सबसे पीछे चल रहे सिंहासन पर साईं बाबा की मूर्ति विराजमान थी। यात्रा नगर के मुख्य मार्ग से होते हुए सौरिख रोड स्थित सिद्धपीठ कालिका देवी मंदिर तक करीब तीन किलोमीटर का सफर छह घंटे में पूरा कर पाई। वहां पूजा अर्चना के बाद वापस पीपल चौराहे पर विजयनाथ मंदिर पहुंची जहां पूरे विधि विधान से श्रद्धालुओं के दर्शन व पूजा के लिए साईं पालकी रखी गई।
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भक्तों के साथ झूम उठे साईं बाबा
मोहल्ला बजरिया निवासी शिवशंकर लाल गुप्ता ने साईं बाबा के स्वरूप का अभिनय किया। साईं बाबा के साथ उनके भक्त बली प्रजापति को नाचते झूमते देख भीड़ भी उनके साथ कदम से कदम मिलाकर नाच उठी। उन पर हुई पुष्प और नोटों की वर्षा से उनकी झोली भर गई।
फोर्स की कमी से चौकीदारों ने संभाली सुरक्षा
विधानसभा चुनाव के चलते कोतवाली में फोर्स की कमी के कारण कोतवाल राजबहादुर सिंह ने गांव के चौकीदारों को लाठी लेकर सुरक्षा व्यवस्था सौंप दी थी। वह स्वयं सबसे आगे चल रहे थे, जबकि सुरक्षा की दृष्टि से महिला फोर्स भी तैनात की गई थी।
आचार संहिता की दुहाई दे हटवाया हाथी
साईं शोभायात्रा में ऊंट, घोड़े और हाथी शामिल किए गए थे। शोभायात्रा शुरू होने से पहले ही कोतवाल की नजर जैसे ही हाथी पर पड़ी। उन्होंने चुनाव आचार संहिता की दुहाई देते हुए हाथी, घोड़े और ऊंट को शोभायात्रा से हटाने को कहा। इस बात पर नोकझोंक भी हुई। कोतवाल का कहना था कि यदि कहीं जानवर बिदक गए और कोई हादसा हो गया तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
आज होगा भंडारा
साईं महोत्सव आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि 10 फरवरी को दोपहर बाद नगर के पीपल चौराहे पर स्थित श्रीविजयनाथ मंदिर के पास भंडारे का आयोजन किया गया है।