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सदर तहसील में मांगों को लेकर गरजे लेखपाल
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सदर तहसील में धरना देते लेखपाल।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। तीनों तहसीलों के लेखपालों ने शुक्रवार को धरना देकर आवाज को बुलंद किया। सरकार पर आठ सूत्री मांगों को पूरा करने के लिए दबाव बनाया। हालांकि लेखपालों का कलक्ट्रेट में प्रस्तावित धरना बारिश की वजह से नहीं हो सका। बाद में स्थान परिवर्तन करते हुए तहसील सदर में धरना दिया।
धरने के माध्यम से उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने सरकार को चेताया कि इस बार वह किसी कीमत पर समझौता नहीं करेंगे। उनकी आठ सूत्री मांगों को पूरा कर शासनादेश जारी किया जाए। लेखपालों की हड़ताल की वजह से आय, जाति, मूल निवास, खसरा-खतौनी सहित अन्य कार्यों में व्यवधान हो रहा है। प्रशासन इन्हें मनाने के लिए काफी प्रयास कर चुकी है। अभी तक निष्कर्ष नहीं निकल सका। इससे हड़ताल लगातार जारी है।
जिला संयोजक राजेश पटेल ने कहा कि प्रांतीय नेतृत्व की सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक को लेकर वार्ता हुई है। अगर वार्ता सफल रही तो सोमवार से धरना नहीं होगा। अभी प्रदेश नेतृत्व से किसी तरह का निर्देश नहीं मिला है। धरने में प्रमुख रूप से उप संयोजक सुशील दीक्षित, उप संयोजक ब्रजेश कठेरिया, तिर्वा अध्यक्ष ब्रजनंदन सिंह यादव, छिबरामऊ अध्यक्ष सर्वेश यादव, कन्नौज सदर मंत्री विमल कुमार व सोबरनलाल भारतीय, रामदास विश्वास, वीरेंद्र कुमार दिवाकर, अभिषेक दुबे, राजेश कठेरिया, मिथलेश राठौर सहित सैकड़ों की संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।
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धरने के माध्यम से उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने सरकार को चेताया कि इस बार वह किसी कीमत पर समझौता नहीं करेंगे। उनकी आठ सूत्री मांगों को पूरा कर शासनादेश जारी किया जाए। लेखपालों की हड़ताल की वजह से आय, जाति, मूल निवास, खसरा-खतौनी सहित अन्य कार्यों में व्यवधान हो रहा है। प्रशासन इन्हें मनाने के लिए काफी प्रयास कर चुकी है। अभी तक निष्कर्ष नहीं निकल सका। इससे हड़ताल लगातार जारी है।
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जिला संयोजक राजेश पटेल ने कहा कि प्रांतीय नेतृत्व की सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक को लेकर वार्ता हुई है। अगर वार्ता सफल रही तो सोमवार से धरना नहीं होगा। अभी प्रदेश नेतृत्व से किसी तरह का निर्देश नहीं मिला है। धरने में प्रमुख रूप से उप संयोजक सुशील दीक्षित, उप संयोजक ब्रजेश कठेरिया, तिर्वा अध्यक्ष ब्रजनंदन सिंह यादव, छिबरामऊ अध्यक्ष सर्वेश यादव, कन्नौज सदर मंत्री विमल कुमार व सोबरनलाल भारतीय, रामदास विश्वास, वीरेंद्र कुमार दिवाकर, अभिषेक दुबे, राजेश कठेरिया, मिथलेश राठौर सहित सैकड़ों की संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।
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