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सारसों को रास आने लगी जिले की धरती

Tue, 07 Jan 2020 12:00 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jan 2020 12:00 AM IST
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saarason ko raas aane lagee jile kee dharatee
बाईपास के किनारे अहमदपुर रौनी के पास घूमता सारस का जोड़ा। - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। जिले के प्रकृति और पक्षी प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। राजकीय पक्षी सारस की संख्या जिले में तेजी से बढ़ रही है। वन विभाग के अधिकारियों ने संरक्षण और जन सहभागिता को सारसों का कुनबा बढ़ने की वजह बताई है।
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2015 में हुई सारसों की गणना के दौरान करीब 445 जोड़े मिले थे। इनमें 72 जोड़े छोटे थे। इनकी संख्या बढ़ाने के लिए वन विभाग ने संरक्षण के प्रयास शुरू किए थे। इसके लिए सारसों के ठिकानों को चिह्नित किया गया। घोसले और अंडे बचाने के लिए किसानों और बागवानों को जागरूक करने के लिए गोष्ठियों का आयोजन किया गया। इसके बाद से सारसों की संख्या बढ़ने लगी।
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वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 2019 में जिले में सारसों की संख्या करीब 26 सौ के आसपास पहुंच गई। अब लगातार जिले में सारसों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। यह मुख्य रूप से जिले के सिमरिया, रौसा, जनखत, इंदरगढ़, पट्टी पलार, रूर खड़िनी, वनगवां, भवनियापुर, उमर्दा नहर के आसपास वाले इलाके में पाए जा रहे हैं। जिला वन अधिकारी जवाहर लाल गुप्ता ने बताया कि जिले में सारसों की संख्या बढ़ना अच्छी खबर है। सभी किसानों और ग्रामीणों से अपील की गई है कि अगर सारस के अंडे मिलते हैं, तो तत्काल वन अधिकारियों को इसकी सूचना दें।
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अंडों पर रहते तमाम खतरे
सारसाें की तादाद में इजाफा न होने के पीछे अंडों पर खतरा है। सारस जुलाई से दिसंबर तक प्रजनन करते हैं। जल क्षेत्र के नजदीक मादा सारस अंडे देती है। शिकारी मौका पाकर अंडे उठा ले जाते हैं। अन्ना पशुओं के पैर पड़ने, पक्षियों के चोंच मारने से भी अंडे नष्ट हो जाते हैं।

सेटेलाइट से हो रही है निगरानी
जिले में सारसाें की संख्या बढ़ने के बाद से शासन से सेटेलाइट से निगरानी की जा रही है। वन विभाग के सर्वे और गणना के आधार पर सारसों की मौजूदगी वाले इलाकों को साफ्टवेयर पर दर्ज किया जा रहा है। प्रमुख वन संरक्षक और वन्य जीव उत्तर प्रदेश के अधिकारी सेटेलाइट से अक्षांश और देशांतर के जरिए जोड़ों की निगरानी कर रहे हैं। इन इलाकों का वन विभाग के अफसर और रेंजर मासिक निरीक्षण कर किसानों और ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं।
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