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Kannauj News: रोहिंग्या की शिकायत, सत्यापन में जुटे अधिकारी
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तालग्राम। गोविंदपुर कुकापुर पंचायत प्रधान ने गांव में रह रहे कुछ संदिग्ध परिवारों को रोहिंग्या होने का आरोप लगाकर शुक्रवार को डीएम से शिकायत की है। इसके प्रशासन हरकत में आ गया है। लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर लोगों की पहचान एवं दस्तावेजों का सत्यापन शुरू कर दिया गया है। लोगों का कहना है कि 10 साल पहले आकर यह लोग बस गए हैं।
प्रधान शिवकुमारी और उनके पति श्रीकृष्ण ने बताया कि पिछले 10 से 12 साल पहले गांव में बाहरी लोगों ने भूमि पर अवैध कब्जा कर झोपड़ियां बनाकर रहने लगे।
समय के साथ-साथ झोपड़ियां अब पक्के मकानों में तब्दील हो गई। बांग्लादेशी होने की शिकायत के बाद हड़कम मंच गया। शिकायत के बाद छिबरामऊ तहसीलदार के निर्देश पर राजस्व टीम गांव पहुंची है। संदिग्ध लोगों के पहचान पत्र, आधार कार्ड, निवास प्रमाणपत्र आदि की जांच शुरू की।
फिलहाल प्रशासन निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि सभी दस्तावेजों की गहराई से जांच की जा रही है, और आवश्यकता पड़ने पर केंद्रीय एजेंसियों की भी मदद ली जाएगी।
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वहीं, गांव में रह रहे इन परिवारों का कहना है कि गांव के पूर्व प्रधान ने गांव में शरण दी थी। लेखपाल धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि सीएम पोर्टल में गांव में रह रहे कुछ लोगों के रोहिंग्या होने की शिकायत की गई थी।
अधिकारियों के निर्देश पर दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। यदि जांच में अवैध प्रवासी पाया जाता है तो उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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प्रधान शिवकुमारी और उनके पति श्रीकृष्ण ने बताया कि पिछले 10 से 12 साल पहले गांव में बाहरी लोगों ने भूमि पर अवैध कब्जा कर झोपड़ियां बनाकर रहने लगे।
समय के साथ-साथ झोपड़ियां अब पक्के मकानों में तब्दील हो गई। बांग्लादेशी होने की शिकायत के बाद हड़कम मंच गया। शिकायत के बाद छिबरामऊ तहसीलदार के निर्देश पर राजस्व टीम गांव पहुंची है। संदिग्ध लोगों के पहचान पत्र, आधार कार्ड, निवास प्रमाणपत्र आदि की जांच शुरू की।
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फिलहाल प्रशासन निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि सभी दस्तावेजों की गहराई से जांच की जा रही है, और आवश्यकता पड़ने पर केंद्रीय एजेंसियों की भी मदद ली जाएगी।
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वहीं, गांव में रह रहे इन परिवारों का कहना है कि गांव के पूर्व प्रधान ने गांव में शरण दी थी। लेखपाल धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि सीएम पोर्टल में गांव में रह रहे कुछ लोगों के रोहिंग्या होने की शिकायत की गई थी।
अधिकारियों के निर्देश पर दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। यदि जांच में अवैध प्रवासी पाया जाता है तो उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।