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अब कार्डधारक से पूछा जाएगा राशन मिला या नहीं
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कन्नौज। पटरी से उतरी राशन वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने की कवायद में जुटा जिला प्रशासन अब फोन करके राशन वितरण का सत्यापन करेगा। इसके लिए खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित पात्र कार्डधारकों के मोबाइल नंबर पर कॉल कर आवंटित कोटे का पूरा अनाज बिना परेशानी मिलने व न मिलने की जानकारी ली जाएगी। विभाग नए राशन कार्डों की फीडिंग के दौरान ही कार्डधारकों के मोबाइल नंबर फीड करा चुका है।
आए दिन राशन कोटेदारों के खिलाफ जिले भर के ग्रामीण पूर्ति विभाग में कलक्ट्रेट पहुंच कर डीएम को प्रार्थना पत्र सौंपते है। सबसे अधिक शिकायतें राशन न मिलने, घटतौली आदि की होती हैं। कार्डधारकों को राहत पहुंचाते हुए विभाग ने इस समस्या का समाधान निकाल लिया है। अब सीधे कार्डधारकों से फोन पर बात कर उनसे पूछा जाएगा कि राशन मिल रहा है या नहीं। विभाग के अनुसार इस व्यवस्था में जिस राशन दुकानदार के खिलाफ ज्यादा गड़बड़ी के मामले दर्ज होंगे उस दुकान का वितरण लाइसेंस निरस्त करने तक की कार्रवाई की जाएगी।
शासन की मंशा के अनुसार फिलहाल हर दुकानदार से जुड़े 25-25 कार्डधारकों को रैंडम आधार पर चुनकर उनके लिंकअप नंबर पर काल कर उनकी संतुष्टि के आधार पर वितरण सामग्री, तौल और भुगतान के सत्यापन के साथ राशन विक्रेता के द्वारा कार्ड धारक से व्यवहार की भी जानकारी जुटाई जाएगी। इसकी रिपोर्ट हर माह तैयार की जाएगी।
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गड़बड़ी मिलने पर होगी कार्रवाई
राशन दुकानदारों के खिलाफ वितरण में जहां गड़बड़ी के मामले आएंगे। उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभाग उन दुकानदारों के लाइसेंस तक निरस्त कर देगा, जिनके 50 फीसदी से अधिक कार्डधारक असंतुष्ट होंगे। पूरे मामले की मानीटरिंग जिला पूर्ति अधिकारी करेंगे। वहीं, क्षेत्रवार पूर्ति निरीक्षक इसकी जांच करेंगे।
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आए दिन राशन कोटेदारों के खिलाफ जिले भर के ग्रामीण पूर्ति विभाग में कलक्ट्रेट पहुंच कर डीएम को प्रार्थना पत्र सौंपते है। सबसे अधिक शिकायतें राशन न मिलने, घटतौली आदि की होती हैं। कार्डधारकों को राहत पहुंचाते हुए विभाग ने इस समस्या का समाधान निकाल लिया है। अब सीधे कार्डधारकों से फोन पर बात कर उनसे पूछा जाएगा कि राशन मिल रहा है या नहीं। विभाग के अनुसार इस व्यवस्था में जिस राशन दुकानदार के खिलाफ ज्यादा गड़बड़ी के मामले दर्ज होंगे उस दुकान का वितरण लाइसेंस निरस्त करने तक की कार्रवाई की जाएगी।
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शासन की मंशा के अनुसार फिलहाल हर दुकानदार से जुड़े 25-25 कार्डधारकों को रैंडम आधार पर चुनकर उनके लिंकअप नंबर पर काल कर उनकी संतुष्टि के आधार पर वितरण सामग्री, तौल और भुगतान के सत्यापन के साथ राशन विक्रेता के द्वारा कार्ड धारक से व्यवहार की भी जानकारी जुटाई जाएगी। इसकी रिपोर्ट हर माह तैयार की जाएगी।
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गड़बड़ी मिलने पर होगी कार्रवाई
राशन दुकानदारों के खिलाफ वितरण में जहां गड़बड़ी के मामले आएंगे। उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभाग उन दुकानदारों के लाइसेंस तक निरस्त कर देगा, जिनके 50 फीसदी से अधिक कार्डधारक असंतुष्ट होंगे। पूरे मामले की मानीटरिंग जिला पूर्ति अधिकारी करेंगे। वहीं, क्षेत्रवार पूर्ति निरीक्षक इसकी जांच करेंगे।