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राजा जयचंद के किले को निगल गए कब्जेदार

Wed, 22 Jan 2020 12:48 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jan 2020 12:48 AM IST
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raaja jayachand ke kile ko nigal gae kabjedaar
किले पर लगी राजा जयचंद की प्रतिमा। - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। इत्र और इतिहास की नगरी से पुरातन संपदाओं का अस्तित्व समाप्त हो रहा है। हर्षवर्धन और जयचंद जैसे राजाओं की सल्तनत की धुरी रहे कन्नौज में आज इनकी मौजूदगी के नामोनिशान मिटते जा रहे हैं। इनके किले को कब्जेदार निगल चुके हैं। लोग ऐतिहासिक किले की नींव उखाड़कर कब्जा करने में लगे हैं। भारतीय पुरातत्व विभाग की ओर से संरक्षित होने के बाद भी कब्जेदारों पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
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सन 606 में हर्षवर्धन ने अखंड भारत में राज्य किया था। वहीं सन 1226 में जिस किले से राजा जयचंद का उत्तर से दक्षिण नर्मदा तट और बंगाल तक शासन था, कब्जेदार उस की नींव उखाड़ कर आशियाना बना रहे हैं। किले के चारों ओर स्थानीय लोगों ने कच्चे-पक्के मकान बना लिए हैं। कब्जे अभी भी जारी हैं। कब्जों और मिट्टी के कटान से यह पुरातन संपदा समाप्त होती जा रही है।
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इतिहासकार बताते हैं कि राजा जयचंद का किला अभेद्य था। मोहम्मद गोरी और कुतुबुद्धीन से लेकर कई मुस्लिम शासकों को इसी किले से राजा जयचंद ने शिकस्त दी थी। मौजूदा समय में रखरखाव और निगरानी न होने से किला मिट्टी का ढेर बन गया है। भारतीय पुरातत्व विभाग के संरक्षण सहायक शैलेंद्र सिंह ने बताया कि किले के चारों ओर लोगों का अवैध कब्जा है। कब्जों को हटवाने के लिए कई बार अधिकारियों को पत्र लिखा गया। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं की गई।
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10 साल बाद भी संरक्षित नहीं हो सका किला
सन 2010 में भारत सरकार ने भारतीय पुरातत्व विभाग की ओर से किले की खुदाई कराई थी। इस दौरान कई प्राचीन मूर्तियां, धातु के बर्तन मिले थे। इसके बाद भारत सरकार ने भारतीय पुरातत्व विभाग का उप मंडल कार्यालय स्थापित किया था। भारतीय पुरातत्व विभाग ने किले को संरक्षित करने के लिए बाउंड्री का निर्माण कराया था। इसके बाद भी किला संरक्षित नहीं हो सका।
हर साल से 50 से 70 कब्जेदारों की बढ़ रही संख्या
प्राचीन किले के चारों ओर करीब 100 किलोमीटर की दूरी तक किसी भी प्रकार का निर्माण दंडनीय है। भारतीय पुरातत्व विभाग और उप जिलाधिकारी कार्यालय से 2015 में 250 कब्जेदारों को कब्जे की नोटिस भेजी गई थी। 2017 में करीब 370 और 2018 में पांच के पास नोटिस भेजी गई। मौजूदा समय करीब छह सौ से अधिक लोगों का किले के चारों ओर कब्जा है।

बाउंड्री तोड़कर किले के ऊपर बनाए पक्के मकान
अधिकारियों की लापरवाही के चलते कब्जेदारों के हौसले बुलंद हैं। कब्जेदारों ने भारतीय पुरातत्व विभाग की ओर से किले को संरक्षित करने के लिए बनाई गई दीवार को कई स्थानों पर तोड़ दिया है। किले के ऊपरी भाग में मकानों का निर्माण शुरू कर दिया है। कई लोगों ने यहां कुटीर धंधे भी शुरू कर दिए हैं।
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