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बैंक घोटाले के आरोपी को रिमांड पर लेगी पुलिस
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छिबरामऊ। सिकंदरपुर की आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में लाखों रुपये का घोटाला करने के आरोपी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी को पुलिस रिमांड पर लाने की तैयारी में जुटी है। आरोपी से पूछताछ के लिए पुलिस सवालों की लिस्ट भी बना रही है। आरोपी ने तीन दिन पहले ही कोर्ट में सरेंडर किया था।
सिकंदरपुर कस्बा स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में मई में खाते से रुपये निकालने आए युवक को जब खाते में रकम न होने की जानकारी मिली तो उसने इसकी शिकायत शाखा प्रबंधक से की थी। औराई निवासी राजकुमार ने बताया कि खाते में चार लाख 66 हजार 669 रुपये जमा किए थे।
इसमें से एक लाख 50 हजार रुपये निकाले थे। बाद में जब वह बैंक पहुंचा तो खाते में सिर्फ 72 सौ रुपये ही थे। राजकुमार के अनुसार 18 जून को उसकी बेटी का तिलक और 23 जून को शादी थी। घोटाला उजागर होने के बाद आरोपी वेतनभोगी कर्मचारी चाय लाने के बहाने बैंक से चला गया और वापस नहीं आया। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही थी, लेकिन उसने पुलिस को चकमा देकर एक जुलाई को कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
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अब पुलिस आरोपी को रिमांड पर लाकर पूछताछ की तैयारी कर रही है। सीओ शिव कुमार थापा का कहना है कि पुलिस जल्द ही आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी ताकि घोटाले की परतें खुल सकें।
यह था मामला
आर्यावर्त ग्रामीण बैंक सिकंदरपुर में गनेशापुर का शैलेंद्र कुमार दैनिक भोगी कर्मचारी के रूप में तैनात था। खाताधारकों ने आरोप लगाया कि शैलेंद्र ने बैंक में कार्य करते हुए 29 अप्रैल 2020, 18 मई 2021 के बीच ग्राहकों के खाते में जमा करने के लिए लाई गई धनराशि हजम कर ली और इसके बाद उन्हें फर्जी रसीदें दे दीं।
आठ जून 2021 को 15 ग्राहकों ने पांच लाख 29 हजार पांच सौ रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत की थी। ये शिकायतें जांच में सही पाई गईं। इस आधार पर बैंक के साथ जालसाजी व धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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सिकंदरपुर कस्बा स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में मई में खाते से रुपये निकालने आए युवक को जब खाते में रकम न होने की जानकारी मिली तो उसने इसकी शिकायत शाखा प्रबंधक से की थी। औराई निवासी राजकुमार ने बताया कि खाते में चार लाख 66 हजार 669 रुपये जमा किए थे।
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इसमें से एक लाख 50 हजार रुपये निकाले थे। बाद में जब वह बैंक पहुंचा तो खाते में सिर्फ 72 सौ रुपये ही थे। राजकुमार के अनुसार 18 जून को उसकी बेटी का तिलक और 23 जून को शादी थी। घोटाला उजागर होने के बाद आरोपी वेतनभोगी कर्मचारी चाय लाने के बहाने बैंक से चला गया और वापस नहीं आया। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही थी, लेकिन उसने पुलिस को चकमा देकर एक जुलाई को कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
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अब पुलिस आरोपी को रिमांड पर लाकर पूछताछ की तैयारी कर रही है। सीओ शिव कुमार थापा का कहना है कि पुलिस जल्द ही आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी ताकि घोटाले की परतें खुल सकें।
यह था मामला
आर्यावर्त ग्रामीण बैंक सिकंदरपुर में गनेशापुर का शैलेंद्र कुमार दैनिक भोगी कर्मचारी के रूप में तैनात था। खाताधारकों ने आरोप लगाया कि शैलेंद्र ने बैंक में कार्य करते हुए 29 अप्रैल 2020, 18 मई 2021 के बीच ग्राहकों के खाते में जमा करने के लिए लाई गई धनराशि हजम कर ली और इसके बाद उन्हें फर्जी रसीदें दे दीं।
आठ जून 2021 को 15 ग्राहकों ने पांच लाख 29 हजार पांच सौ रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत की थी। ये शिकायतें जांच में सही पाई गईं। इस आधार पर बैंक के साथ जालसाजी व धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।