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अफवाह फैलाने वालों की तलाश में है पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो, कन्नौज
Updated Wed, 24 Aug 2016 11:39 PM IST
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दस रूपए के सिक्के
- फोटो : अमर उजाला
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शहर में अचानक दुकानदारों द्वारा 10 रुपये का सिक्का न लिए जाने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सिक्के का प्रचलन बंद होने और नकली सिक्का होने की बात कहकर ग्राहकों को गुमराह किया जा रहा है। वहीं इस तरह की बातें कुछ शरारतीतत्वों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दीं। जिससे दुकानदार और ग्राहक भी असमंजस की स्थिति है। उधर पुलिस अफवाह फैलाने वाले शरारतीतत्वों की तलाश में जुटी है। इसके साथ ही सिक्का न लेने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है।
अचानक सोशल मीडिया पर 10 रुपये का सिक्का नकली होने व उसके प्रचलन पर प्रतिबंध लगने की बात किसी शरारतीतत्व ने दो-तीन दिन पहले वायरल कर दी। व्हाट्सएप और उसके ग्रुपों सहित फेसबुक आदि सोशल साइटों पर धड़ाधड़ इस तरह की पोस्टें हो रही हैं। इस तरह की अफवाहों का शहर के दुकानदारों ने भी भरोसा कर लिया और सभी छोटे-बड़े दुकानदारों ने 10 रुपये का सिक्का लेना ही बंद कर दिया। इससे ग्राहकों को काफी परेशानियों उठानी पड़ रही है। इस मामले की जानकारी होते ही पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हो गया।
अब पुलिस इस तरह की सोशल मीडिया पर झूठी अफवाह फैलाने वाले शरारतीतत्व की तलाश में जुटी हुई है। दुकानदार द्वारा सिक्का न लिए जाने पर ग्राहक उसके खिलाफ कार्रवाई भी कर सकता है। वहीं दुकानदारों का कहना है कि बैंक से एक लाख रूपए की नकदी निकालने पर उन्हें पांच हजार रुपये की रेजगारी दे दी जाती है। इसमें 10 रुपये के सिक्के होते हैं, जबकि बैंक उन्हें सिक्कों को जमा करने से इनकार कर देती है। उधर इस संबंध में उपजिलाधिकारी महेशप्रसाद दीक्षित का कहना है कि इस तरह की कोई जानकारी नहीं मिली है।
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सभी जगह 10 रुपये का सिक्का चल रहा है। यदि यहां दुकानदार लेने से मना कर रहे हैं तो मामले की जांच कराई जाएगी। फिलहाल 10 रुपये के सिक्के के चलन पर कोई रोक नहीं है।
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अचानक सोशल मीडिया पर 10 रुपये का सिक्का नकली होने व उसके प्रचलन पर प्रतिबंध लगने की बात किसी शरारतीतत्व ने दो-तीन दिन पहले वायरल कर दी। व्हाट्सएप और उसके ग्रुपों सहित फेसबुक आदि सोशल साइटों पर धड़ाधड़ इस तरह की पोस्टें हो रही हैं। इस तरह की अफवाहों का शहर के दुकानदारों ने भी भरोसा कर लिया और सभी छोटे-बड़े दुकानदारों ने 10 रुपये का सिक्का लेना ही बंद कर दिया। इससे ग्राहकों को काफी परेशानियों उठानी पड़ रही है। इस मामले की जानकारी होते ही पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हो गया।
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अब पुलिस इस तरह की सोशल मीडिया पर झूठी अफवाह फैलाने वाले शरारतीतत्व की तलाश में जुटी हुई है। दुकानदार द्वारा सिक्का न लिए जाने पर ग्राहक उसके खिलाफ कार्रवाई भी कर सकता है। वहीं दुकानदारों का कहना है कि बैंक से एक लाख रूपए की नकदी निकालने पर उन्हें पांच हजार रुपये की रेजगारी दे दी जाती है। इसमें 10 रुपये के सिक्के होते हैं, जबकि बैंक उन्हें सिक्कों को जमा करने से इनकार कर देती है। उधर इस संबंध में उपजिलाधिकारी महेशप्रसाद दीक्षित का कहना है कि इस तरह की कोई जानकारी नहीं मिली है।
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सभी जगह 10 रुपये का सिक्का चल रहा है। यदि यहां दुकानदार लेने से मना कर रहे हैं तो मामले की जांच कराई जाएगी। फिलहाल 10 रुपये के सिक्के के चलन पर कोई रोक नहीं है।