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‘पौधरोपण से होता है पर्यावरण संरक्षण’
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Tue, 08 Dec 2015 12:01 AM IST
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नेहरू महाविद्यालय में पर्यावरण संरक्षण के प्रति
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छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और उनकी देखभाल का
संकल्प लिया।
महाविद्यालय की पर्यावरण संयोजक डॉ. बबिता यादव के निर्देशन में छात्र-छात्राओं ने लीची, संतरा, चीकू, नाशपाती, आडू, खुबानी, संतरा, मुसम्मी, आम, अमरूद, शरीफा, पलाश, अमलताश, गुलमोहर, अर्जुन, कदंब आदि विभिन्न मौसमी और फलदार पौधों का रोपण किया।
इसमें तृप्ति, सारिका, प्रगति, उर्वशी, जोया, राखी, अभिषेक, आशीष, रोहित, रामविलास, शिवेंद्र, देवेंद्र, अनुराग सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. अजिता त्रिपाठी अवस्थी ने कहा कि पेड़ों की संख्या लगातार कम होने का असर हमारे पर्यावरण पर भी पड़ रहा है।
कहा कि इससे मौसम के चक्र में काफी बदलाव आ गया है। धीरे-धीरे वर्षा कम होती जा रही है और पूरे देश को सूखे का सामना करना पड़ता है। इससे फसल उत्पादन भी काफी प्रभावित हो रहा है। वर्षा कम होने से भूगर्भ जल स्तर भी नीचे गिरता जा रहा है। दो दशक पहले हमारे क्षेत्र में 50-60 फीट पर पानी मिल जाता है, पर अब 120 से 150 फीट पर मिल रहा है।
हम सभी ने पर्यावरण संरक्षण पर अभी से ध्यान नहीं दिया तो पानी के लिए तरस जाएंगे। कार्यक्रम में प्रो. वीएन राय, प्रो. आरएन राय, जयवीर सिंह, प्रो. सर्वेश कुमार, प्रियंका, रेनू पांडेय, मो. खालिद और राजेश कुमार आदि मौजूद थे।
महाविद्यालय की पर्यावरण संयोजक डॉ. बबिता यादव के निर्देशन में छात्र-छात्राओं ने लीची, संतरा, चीकू, नाशपाती, आडू, खुबानी, संतरा, मुसम्मी, आम, अमरूद, शरीफा, पलाश, अमलताश, गुलमोहर, अर्जुन, कदंब आदि विभिन्न मौसमी और फलदार पौधों का रोपण किया।
इसमें तृप्ति, सारिका, प्रगति, उर्वशी, जोया, राखी, अभिषेक, आशीष, रोहित, रामविलास, शिवेंद्र, देवेंद्र, अनुराग सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. अजिता त्रिपाठी अवस्थी ने कहा कि पेड़ों की संख्या लगातार कम होने का असर हमारे पर्यावरण पर भी पड़ रहा है।
कहा कि इससे मौसम के चक्र में काफी बदलाव आ गया है। धीरे-धीरे वर्षा कम होती जा रही है और पूरे देश को सूखे का सामना करना पड़ता है। इससे फसल उत्पादन भी काफी प्रभावित हो रहा है। वर्षा कम होने से भूगर्भ जल स्तर भी नीचे गिरता जा रहा है। दो दशक पहले हमारे क्षेत्र में 50-60 फीट पर पानी मिल जाता है, पर अब 120 से 150 फीट पर मिल रहा है।
हम सभी ने पर्यावरण संरक्षण पर अभी से ध्यान नहीं दिया तो पानी के लिए तरस जाएंगे। कार्यक्रम में प्रो. वीएन राय, प्रो. आरएन राय, जयवीर सिंह, प्रो. सर्वेश कुमार, प्रियंका, रेनू पांडेय, मो. खालिद और राजेश कुमार आदि मौजूद थे।