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पेट के बल लेटने से दूर हो सकती ऑक्सीजन की कमी

Sun, 25 Apr 2021 12:04 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 25 Apr 2021 12:04 AM IST
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pet ke bal letane se door ho sakatee okseejan kee kamee
कन्नौज। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच उपचार में ऑक्सीजन की कमी की समस्या सबसे अधिक आ रही है। शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने के कारण कई कोरोना पॉजिटिव को अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ रही है। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज अपने सोने की पोजीशन(स्थिति) में थोड़ा बदलाव कर ऑक्सीजन की कमी को दूर कर सकते हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस बाबत पोस्टर जारी किया है। लोगों को इसके लिए जागरूक भी किया जा रहा है।
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पेट के बल लेटने के लिए कई तकियों की जरूरत
कोरोना पॉजिटिव को सांस लेने में दिक्कत या ऑक्सीजन लेवल 94 से घटने पर पेट के बल सोने की सलाह दी गई है। इसके लिए सबसे पहले पेट के बल लेटें। एक या दो तकिया छाती के नीचे रख लें। दो तकिया पैर के टखने के नीचे रखें। इस तरह 30 मिनट से दो घंटे तक सो सकते हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस बात पर भी विशेष जोर दिया है कि होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों के तापमान, ऑक्सीजन के स्तर, ब्लड प्रेशर एवं शुगर की नियमित जांच होनी चाहिए।
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कोरोना पॉजिटिव के लिए ये चार स्थितियां फायदेमंद
कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए नींद की चार स्थितियां महत्वपूर्ण है। इनमें 30 मिनट से दो घंटे तक पेट के बल सोने, 30 मिनट से दो घंटे तक बायीं करवट, 30 मिनट से दो घंटे तक दायीं करवट और 30 मिनट से दो घंटे तक दोनों पैर सीधे कर पीठ को किसी जगह टिकाकर बैठने की सलाह दी गई है। मंत्रालय ने प्रत्येक पोजीशन में 30 मिनट से अधिक समय तक नहीं रहने की भी सलाह दी है।
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इन बातों का रखें ख्याल
-खाने के एक घंटे तक पेट के बल सोने से परहेज करें।
-पेट के बल जितनी देर आसानी से सो सकते, उतना ही प्रयास करें।
-तकिया को इस तरह रखें कि सोने में आसानी हो।
इन परिस्थितियों में पेट के बल नींद लेने से बचें
गर्भावस्था के दौरान।
--वेनस थ्रोम्बोसिस( नसों में खून के बहाव को लेकर कोई समस्या होने पर)।
-गंभीर हृदय रोग में।
-स्पाइन, फीमर एवं पेल्विक फ्रैक्चर की स्थिति में।
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