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खुरपका, मुंहपका से आठ दिनों में दस मवेशियों की मौत
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तालग्राम। विकास खंड के गांव अमोलर में आठ दिनों में दस मवेशियों की खुरपका व मुंहपका बीमारी से मौत हो चुकी है। दस से अधिक मवेशी अभी भी बीमार हैं। इससे पशुपालक दहशत में हैं। उनका कहना है कि टीका लगने के बाद भी मवेशी मर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया है कि गुरुवार सुबह ओमशंकर कुशवाहा की पड़िया मर गई। वहीं महेश का बकरा, अनिल पांडेय की गाय, सुरेश का बकरा समेत दस मवेशियों की मौत हो चुकी है।
श्रीनिवास की दो भैंस, अवनीश और बृजेश की एक-एक भैंस समेत दस लोगों के मवेशी बीमार हैं। वहीं दलापुर्वा और बिरियाहार टिकुरियन में भी दर्जनों पशु बीमार हैं। गांव के सतीश चंद्र का कहना है कि टीका लगने के बाद भी बीमारी फैल रही है। गांव के पशुपालक रोहित ने बताया कि बीमार पशुओं के मुंह से लार टपकना शुरू हो जाता है। जीभ पर छाले होने से जीभ बाहर आ जाती है। बुखार बढ़ने पर मौत हो जाती है।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विकराल सिंह ने बताया कि टीम भेज कर उपचार कराया जाएगा। पशुपालक बीमार पशुओं को स्वास्थ्य मवेशियों से दूर रखें।
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श्रीनिवास की दो भैंस, अवनीश और बृजेश की एक-एक भैंस समेत दस लोगों के मवेशी बीमार हैं। वहीं दलापुर्वा और बिरियाहार टिकुरियन में भी दर्जनों पशु बीमार हैं। गांव के सतीश चंद्र का कहना है कि टीका लगने के बाद भी बीमारी फैल रही है। गांव के पशुपालक रोहित ने बताया कि बीमार पशुओं के मुंह से लार टपकना शुरू हो जाता है। जीभ पर छाले होने से जीभ बाहर आ जाती है। बुखार बढ़ने पर मौत हो जाती है।
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पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विकराल सिंह ने बताया कि टीम भेज कर उपचार कराया जाएगा। पशुपालक बीमार पशुओं को स्वास्थ्य मवेशियों से दूर रखें।