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परशुराम-लक्ष्मण लीला देखने को उमड़ी भीड़
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Tue, 03 Nov 2015 11:52 PM IST
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कस्बे के मेन बाजार में चल रही रात्रिकालीन रामलीला
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के पांचवें दिन सोमवार की रात धनुष यज्ञ और परशुराम-लक्ष्मण संवाद की लीला
का मंचन देखने को भीड़ उमड़ पड़ी। मंगलवार सुबह तक चले परशुराम-लक्ष्मण
संवाद को देख लोग रोमांचित हो उठे।
क्षेत्रीय लोगों की ओर से मेन बाजार में आयोजित रात्रिकालीन रामलीला के पांचवें दिन सोमवार की रात धनुष यज्ञ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कानपुर की श्रीपातालेश्वर आदर्श रामलीला मंडल नाट्य कलामंच के कलाकारों द्वारा लीला का मंचन किया गया। धनुष यज्ञ की लीला का मंचन देख लोग रोमांचित हो गए।
राम का अभिनय कर रहे आदर्श पांडेय अपने भ्राता लक्ष्मण के स्वरूप में कानपुर के दीपक तिवारी और गुरु वशिष्ठ के साथ जनकपुरी पहुंचे, तब सीता स्वयंवर में जब कोई भी राजा-महाराजा और वीर धनुष को नहीं तोड़ सका तब राजा जनक ने कहा-अब जनि कोउ माखै भरमानी, वीर विहीन मही मैं जानी।
तब गुरु वशिष्ठ ने राम से कहा- उठहु राम भंजहु भव चापा, मेटहु तात जनक परि तापा। गुरु का आदेश पाते ही भगवान श्रीराम ने धनुष तोड़ दिया। धनुष टूटते ही भगवान परशुराम ने वहां आकर भूचाल खड़ा कर दिया। दामोदर नगर के आनंद चौबे ने परशुराम की भूमिका का जीवंत अभिनय करते हुए लोगों को रोमांचित कर दिया।
लक्ष्मण और परशुराम संवाद की लीला का मंचन देखने को सुबह तक लोग डटे रहे। इस दौरान मंच के संचालक बबलू शुक्ला ने रावण का, जालौन के कल्याण सिंह तोमर ने वाणासुर का अभिनय किया।
क्षेत्रीय लोगों की ओर से मेन बाजार में आयोजित रात्रिकालीन रामलीला के पांचवें दिन सोमवार की रात धनुष यज्ञ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कानपुर की श्रीपातालेश्वर आदर्श रामलीला मंडल नाट्य कलामंच के कलाकारों द्वारा लीला का मंचन किया गया। धनुष यज्ञ की लीला का मंचन देख लोग रोमांचित हो गए।
राम का अभिनय कर रहे आदर्श पांडेय अपने भ्राता लक्ष्मण के स्वरूप में कानपुर के दीपक तिवारी और गुरु वशिष्ठ के साथ जनकपुरी पहुंचे, तब सीता स्वयंवर में जब कोई भी राजा-महाराजा और वीर धनुष को नहीं तोड़ सका तब राजा जनक ने कहा-अब जनि कोउ माखै भरमानी, वीर विहीन मही मैं जानी।
तब गुरु वशिष्ठ ने राम से कहा- उठहु राम भंजहु भव चापा, मेटहु तात जनक परि तापा। गुरु का आदेश पाते ही भगवान श्रीराम ने धनुष तोड़ दिया। धनुष टूटते ही भगवान परशुराम ने वहां आकर भूचाल खड़ा कर दिया। दामोदर नगर के आनंद चौबे ने परशुराम की भूमिका का जीवंत अभिनय करते हुए लोगों को रोमांचित कर दिया।
लक्ष्मण और परशुराम संवाद की लीला का मंचन देखने को सुबह तक लोग डटे रहे। इस दौरान मंच के संचालक बबलू शुक्ला ने रावण का, जालौन के कल्याण सिंह तोमर ने वाणासुर का अभिनय किया।