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पहले दिन धान खरीद केंद्रों पर सन्नाटा, सिफर रही बोहनी
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\मंडी समिति में खुला सरकारी धान खरीद केंद्र।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। जिले में धान खरीद के लिए खोले गए 22 सरकारी केंद्रों पर पहले दिन सन्नाटा पसरा रहा। केंद्र बोहनी को तरस गए। केंद्र प्रभारी साजो सामान जुटाए किसानों का इंतजार करते रहे।
जिले को 34,500 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य दिया गया है। पहले दिन जिले में सभी 22 केंद्र खुले। केंद्र प्रभारी किसानों के आने का इंतजार करते रहे। कहीं भी बोहनी नहीं हुई। कुछ किसान केंद्र पर जानकारी करने जरूर पहुंचे। इन्होंने खरीद का भाव, भुगतान के दिन, बिक्री के दौरान लाने वाले कागजात की जानकारी की।
मंडी समिति के केंद्र निरीक्षक प्रेम कुमार ने बताया कि पहले दिन खरीद नहीं हुई। किसान जानकारी लेकर चले गए। कुछ किसान धान की बानगी लेकर आए थे। धान में नमी अधिक थी। इन्हें सुखाकर लाने की सलाह दी गई। बताया गया कि इस बार भुगतान कानपुर से किया जाएगा। बैंक पासबुक के अलावा आधार कार्ड व अन्य कागजात में एक ही नाम, पता होना चाहिए। किसी तरह की कमी पर भुगतान में दिक्कत हो सकती है।
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वहीं धान खरीद केंद्र के डिप्टी आरएमओ सर्वेंद्र सिंह का कहना है कि खरीद केंद्रों पर पहले दिन खरीद तो नहीं हुई, रिकार्ड व अन्य काम किए गए। पहला दिन होने से कोई किसान धान लेकर नहीं आया। धान में अभी नमी अधिक है। इससे किसान उसे सुखाने में लगे हैं। कुछ किसान रजिस्ट्रेशन का प्रयास कर रहे हैं। 10 नवंबर के बाद केंद्रों पर धान आने लगेगा।
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जिले को 34,500 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य दिया गया है। पहले दिन जिले में सभी 22 केंद्र खुले। केंद्र प्रभारी किसानों के आने का इंतजार करते रहे। कहीं भी बोहनी नहीं हुई। कुछ किसान केंद्र पर जानकारी करने जरूर पहुंचे। इन्होंने खरीद का भाव, भुगतान के दिन, बिक्री के दौरान लाने वाले कागजात की जानकारी की।
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मंडी समिति के केंद्र निरीक्षक प्रेम कुमार ने बताया कि पहले दिन खरीद नहीं हुई। किसान जानकारी लेकर चले गए। कुछ किसान धान की बानगी लेकर आए थे। धान में नमी अधिक थी। इन्हें सुखाकर लाने की सलाह दी गई। बताया गया कि इस बार भुगतान कानपुर से किया जाएगा। बैंक पासबुक के अलावा आधार कार्ड व अन्य कागजात में एक ही नाम, पता होना चाहिए। किसी तरह की कमी पर भुगतान में दिक्कत हो सकती है।
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वहीं धान खरीद केंद्र के डिप्टी आरएमओ सर्वेंद्र सिंह का कहना है कि खरीद केंद्रों पर पहले दिन खरीद तो नहीं हुई, रिकार्ड व अन्य काम किए गए। पहला दिन होने से कोई किसान धान लेकर नहीं आया। धान में अभी नमी अधिक है। इससे किसान उसे सुखाने में लगे हैं। कुछ किसान रजिस्ट्रेशन का प्रयास कर रहे हैं। 10 नवंबर के बाद केंद्रों पर धान आने लगेगा।