{"_id":"5ef9e5288ebc3e42b82f3a04","slug":"owner-will-benefit-only-in-the-ears-of-animals-kannauj-news-knp5682008112","type":"story","status":"publish","title_hn":"पशुओं के कान में होगा छल्ला होने पर ही पशुपालकों को लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पशुओं के कान में होगा छल्ला होने पर ही पशुपालकों को लाभ
विज्ञापन
पशुओं के कान में टैगिंग का छल्ला होने पर ही पालकों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। ऐसा न होने पर पशुपालक लाभ से वंचित हो जाएंगे।
पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं। इसका लाभ पाने के लिए पशुपालकों को विभाग में पंजीकरण कराना होगा।
उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. संजय शाल्या ने बताया कि पशुओं में टैगिंग जरूरी है। इससे पशुपालक की पहचान रहेगी।
पशु पालन विभाग उन्हीं पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान कराएगा जिनकी टैगिंग हो चुकी होगी। टैगिंग वाले पशुओं में निशुल्क टीकाकरण होगा। पशु के बीमे में भी अनुदान मिलेगा।
अगर पशुपालक केसीसी बनवाना चाहता हैं तो एक पशु पर 70 हजार का केसीसी बनेगा। बिना टैगिंग के पशुपालक को किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
विज्ञापन
पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं। इसका लाभ पाने के लिए पशुपालकों को विभाग में पंजीकरण कराना होगा।
उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. संजय शाल्या ने बताया कि पशुओं में टैगिंग जरूरी है। इससे पशुपालक की पहचान रहेगी।
पशु पालन विभाग उन्हीं पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान कराएगा जिनकी टैगिंग हो चुकी होगी। टैगिंग वाले पशुओं में निशुल्क टीकाकरण होगा। पशु के बीमे में भी अनुदान मिलेगा।
अगर पशुपालक केसीसी बनवाना चाहता हैं तो एक पशु पर 70 हजार का केसीसी बनेगा। बिना टैगिंग के पशुपालक को किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।