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शहीद गोपालबाबू के नाम से गांव में बनेगी सउ़क
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शहीद को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि देते प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी।
- फोटो : KANNAUJ
तिर्वा (कन्नौज)। शहीद सैनिक गोपाल बाबू का शुक्रवार को उनके पैतृक गांव मवइया सरसई में राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया। जिले के प्रदेश के पंचायती राज मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने गांव में शहीद के नाम पर सड़क बनवाने का एलान किया और पत्नी व माता-पिता को चेक दिए।
लाहौल में तैनात सैनिक गोपाल बाबू शुक्ला बुधवार को शहीद हो गए थे। गुुरुवार रात करीब एक बजे उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। सुबह शहीद के अंतिम दर्शन के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। अंत्येष्टि स्थल के आसपास बैरिकेडिंग लगवाई गई थी। अंत्येष्टि स्थल पर केवल परिवार के लोगों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को ही जाने दिया गया। सुबह 11 बजे के प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी पहुंचे। उन्होंने परिवार के लोगों को ढांढस बंधाने के साथ शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सांसद सुब्रत पाठक, पूर्व राज्यमंत्री अर्चना पांडेय, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत, सिखलाई रेजीमेंट के रवींद्र कुमार, डीएम राकेश कुमार मिश्रा, एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह आदि ने भी शहीद को नमन किया। सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। बड़े भाई गोविंद शुक्ला ने शहीद की चिता को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के बाद प्रभारी मंत्री ने शहीद की पत्नी आरजू को 35 लाख और मां पुष्पा देवी व पिता रामतन शुक्ल को 15 लाख का चेक दिया। मंत्री ने परिवार के सदस्यों को राष्ट्रीय ध्वज भी सौंपा।
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भीड़ देखकर रोने लगी बेटी लक्ष्मी
शहीद गोपाल बाबू शुक्ला की एक साल की बेटी लक्ष्मी है। गोपाल के शहादत की खबर आते पर रिश्तेदार व परिजनों का घर पर आना शुरू हो गया। शहीद का पार्थिव शरीर आने पर भीड़ और बढ़ गई। अंतिम समय लक्ष्मी को पिता के पास शव के पास ले जाया गया। भीड़ देखकर बच्ची जोर-जोर से रोने लगी।
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लाहौल में तैनात सैनिक गोपाल बाबू शुक्ला बुधवार को शहीद हो गए थे। गुुरुवार रात करीब एक बजे उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। सुबह शहीद के अंतिम दर्शन के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। अंत्येष्टि स्थल के आसपास बैरिकेडिंग लगवाई गई थी। अंत्येष्टि स्थल पर केवल परिवार के लोगों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को ही जाने दिया गया। सुबह 11 बजे के प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी पहुंचे। उन्होंने परिवार के लोगों को ढांढस बंधाने के साथ शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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सांसद सुब्रत पाठक, पूर्व राज्यमंत्री अर्चना पांडेय, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत, सिखलाई रेजीमेंट के रवींद्र कुमार, डीएम राकेश कुमार मिश्रा, एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह आदि ने भी शहीद को नमन किया। सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। बड़े भाई गोविंद शुक्ला ने शहीद की चिता को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के बाद प्रभारी मंत्री ने शहीद की पत्नी आरजू को 35 लाख और मां पुष्पा देवी व पिता रामतन शुक्ल को 15 लाख का चेक दिया। मंत्री ने परिवार के सदस्यों को राष्ट्रीय ध्वज भी सौंपा।
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भीड़ देखकर रोने लगी बेटी लक्ष्मी
शहीद गोपाल बाबू शुक्ला की एक साल की बेटी लक्ष्मी है। गोपाल के शहादत की खबर आते पर रिश्तेदार व परिजनों का घर पर आना शुरू हो गया। शहीद का पार्थिव शरीर आने पर भीड़ और बढ़ गई। अंतिम समय लक्ष्मी को पिता के पास शव के पास ले जाया गया। भीड़ देखकर बच्ची जोर-जोर से रोने लगी।