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हिंदी को व्यापार और संस्कार की भाषा बनाएं
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चौधरी चंदन सिंह विद्यालय में हिंदी दिवस पर जानकारी देते प्रवंधक नवाब सिंह यादव।
- फोटो : KANNAUJ
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छिबरामऊ (कन्नौज)। हिंदी दिवस पर जिले में गोष्ठी, प्रतियोगिता और अन्य कार्यक्रम हुए। इसमें वक्ताओं ने हिंदी की महत्ता पर प्रकाश डाला और उसे समृद्ध बनाने का संकल्प लिया। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में हुए ऑनलाइन कार्यक्रम में प्राचार्य ने शिक्षकों व डीएलएड प्रशिक्षुओं से कहा कि हिंदी के उत्थान के लिए हमें विद्यालयों में बच्चों को गुड मार्निंग की बजाय राम-राम, नमस्कार करना सिखाना होगा। टिवंकल टिवंकल लिटिल स्टार की जगह मां मुझे बंदूक मंगा दे, मैं भी सीमा पर लड़ने जाऊंगा सिखाना होगा।
प्राचार्य ओपी सिंह ने कहा कि दुनिया के सभी देश अपनी मातृभाषा को राजकाज, व्यापार एवं उद्योग की भाषा बनाने के लिए प्रयासरत हैं लेकिन भारत में हिंदी राजकाज, व्यापार, उद्योग, संस्कृति और संस्कार की भाषा नहीं बन पाई है। हिंदी को जन-जन की भाषा बनाने के गंभीर प्रयासों होने चाहिए। घर-घर में माहौल बनाना जरूरी है। वरिष्ठ प्रवक्ता डा. सुनील चतुर्वेदी ने कहा कि दक्षिण भारतीय राज्यों में जिस दिन हिंदी को जन-जन की भाषा बना दिया जाएगा, उस दिन हिंदी हिंदुस्तान की भाषा बन जाएगी। रविशंकर सिंह, अनुज दुबे, अंजली मिश्रा, अनीता भारती, भानु प्रकाश, सिंपी वर्मा, ललित कुमार गोंड, रामकृष्ण यादव, राजेश वर्मा, योगेंद्र कुमार, डा. नेता दीक्षित, बलवीर सिंह व परशुराम शाक्य ने विचार व्यक्त किए।
महाविद्यालयों में हुई गोष्ठियां
शहर के कन्हैया लाल विद्या मंदिर इंटर कालेज में शिवकुमार पाठक की अध्यक्षता में कार्यक्रम हुआ। इसमें प्रधानाचार्य रामकृष्ण वाजपेयी ने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है। इसका हमको प्रचार करना चाहिए। मुख्य वक्ता बृज किशोर त्रिपाठी ने दोहा प्रस्तुत किया। डा. धर्मेद्र नाथ मिश्र, आचार्य रामशरण, कृष्णकांत मिश्रा, मोहित, राहुल चंदेल, अभिषेक, रणवीर सिंह चौहान और विवेक भी मौजूद रहे। चौधरी चंदन सिंह महाविद्यालय में हुई गोष्ठी में प्रबंधक नवाब सिंह यादव ने कहा कि किसी देश की पहचान उसकी भाषा से की जाती है। भाषा देश की संस्कृति की पहचान होने के साथ देश की एकता में महत्वपूर्ण होती है। हिंदी भाषा का दुनिया लोहा मान रही है, वही हिंदी अपने देश में समृद्ध होने की बाट जोह रही है। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने हिंदी भाषा को राजकीय राजकाज की भाषा बनाई। गोष्ठी में अनुराग मिश्रा, रामनाथ मिश्र, राकेश यादव, योगेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
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वाद विवाद में आस्था को पहला स्थान
छिबरामऊ। हिंदी दिवस पर सिटी चिल्ड्रंस एकेडमी में निजीकरण के लाभ हानि विषय पर ऑनलाइन प्रतियोगिता हुई। इसमें कक्षा दस की छात्रा आस्था गुप्ता ने पहला स्थान प्राप्त किया।
आस्था ने अपने भाषण में कहा कि सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण जहां नागरिक सुख सुविधाओं में बढ़ोत्तरी करेगा, वहीं इससे मध्यम व निम्न वर्ग के लोगों के मूलभूत सुविधाओं से वंचित होने का खतरा भी पैदा हो सकता है। कक्षा 12 की प्रतीक्षा प्रकाश द्वितीय एवं श्रेया तिवारी तृतीय रहीं। प्रबंधक प्रदीप प्रधान ने कहा कि हिंदी न सिर्फ भारत की पहचान है, बल्कि हमारे जीवन मूल्यों, संस्कृति एवं संस्कारों की सच्ची संवाहक, संप्रेषण और परिचायक है। प्रधानाचार्य जिम थॉमस, प्रशासक सुधा प्रधान, विश्वास प्रधान, मनोज सिंह, मनीष श्रीवास्तव, देवेश दीक्षित, विश्वजीत सिंह, राम यादव आदि मौजूद रहे।
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प्राचार्य ओपी सिंह ने कहा कि दुनिया के सभी देश अपनी मातृभाषा को राजकाज, व्यापार एवं उद्योग की भाषा बनाने के लिए प्रयासरत हैं लेकिन भारत में हिंदी राजकाज, व्यापार, उद्योग, संस्कृति और संस्कार की भाषा नहीं बन पाई है। हिंदी को जन-जन की भाषा बनाने के गंभीर प्रयासों होने चाहिए। घर-घर में माहौल बनाना जरूरी है। वरिष्ठ प्रवक्ता डा. सुनील चतुर्वेदी ने कहा कि दक्षिण भारतीय राज्यों में जिस दिन हिंदी को जन-जन की भाषा बना दिया जाएगा, उस दिन हिंदी हिंदुस्तान की भाषा बन जाएगी। रविशंकर सिंह, अनुज दुबे, अंजली मिश्रा, अनीता भारती, भानु प्रकाश, सिंपी वर्मा, ललित कुमार गोंड, रामकृष्ण यादव, राजेश वर्मा, योगेंद्र कुमार, डा. नेता दीक्षित, बलवीर सिंह व परशुराम शाक्य ने विचार व्यक्त किए।
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महाविद्यालयों में हुई गोष्ठियां
शहर के कन्हैया लाल विद्या मंदिर इंटर कालेज में शिवकुमार पाठक की अध्यक्षता में कार्यक्रम हुआ। इसमें प्रधानाचार्य रामकृष्ण वाजपेयी ने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है। इसका हमको प्रचार करना चाहिए। मुख्य वक्ता बृज किशोर त्रिपाठी ने दोहा प्रस्तुत किया। डा. धर्मेद्र नाथ मिश्र, आचार्य रामशरण, कृष्णकांत मिश्रा, मोहित, राहुल चंदेल, अभिषेक, रणवीर सिंह चौहान और विवेक भी मौजूद रहे। चौधरी चंदन सिंह महाविद्यालय में हुई गोष्ठी में प्रबंधक नवाब सिंह यादव ने कहा कि किसी देश की पहचान उसकी भाषा से की जाती है। भाषा देश की संस्कृति की पहचान होने के साथ देश की एकता में महत्वपूर्ण होती है। हिंदी भाषा का दुनिया लोहा मान रही है, वही हिंदी अपने देश में समृद्ध होने की बाट जोह रही है। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने हिंदी भाषा को राजकीय राजकाज की भाषा बनाई। गोष्ठी में अनुराग मिश्रा, रामनाथ मिश्र, राकेश यादव, योगेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
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वाद विवाद में आस्था को पहला स्थान
छिबरामऊ। हिंदी दिवस पर सिटी चिल्ड्रंस एकेडमी में निजीकरण के लाभ हानि विषय पर ऑनलाइन प्रतियोगिता हुई। इसमें कक्षा दस की छात्रा आस्था गुप्ता ने पहला स्थान प्राप्त किया।
आस्था ने अपने भाषण में कहा कि सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण जहां नागरिक सुख सुविधाओं में बढ़ोत्तरी करेगा, वहीं इससे मध्यम व निम्न वर्ग के लोगों के मूलभूत सुविधाओं से वंचित होने का खतरा भी पैदा हो सकता है। कक्षा 12 की प्रतीक्षा प्रकाश द्वितीय एवं श्रेया तिवारी तृतीय रहीं। प्रबंधक प्रदीप प्रधान ने कहा कि हिंदी न सिर्फ भारत की पहचान है, बल्कि हमारे जीवन मूल्यों, संस्कृति एवं संस्कारों की सच्ची संवाहक, संप्रेषण और परिचायक है। प्रधानाचार्य जिम थॉमस, प्रशासक सुधा प्रधान, विश्वास प्रधान, मनोज सिंह, मनीष श्रीवास्तव, देवेश दीक्षित, विश्वजीत सिंह, राम यादव आदि मौजूद रहे।