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Kannauj News: चार साल में एक करोड़ पौधे लगे, हरियाली फिर भी नहीं
Sat, 08 Jul 2023 12:28 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Sat, 08 Jul 2023 12:28 AM IST
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कन्नौज। एक बार फिर पौधारोपण का उत्सव शुरू हो गया है। फिर से पिछले साल के मुकाबले में ज्यादा संख्या में पौधारोपण का लक्ष्य है। पौधा लगाने के लिए प्रशासनिक अमला हरकत में आ चुका है। गुजरे चार साल में लगाए गए एक करोड़ पौधों का भी किसी के पास हिसाब नहीं है। अफसरों का यही तर्क है कि वह सही-सलामत हैं जबकि हकीकत यह है कि लगाने के बाद पौधों की तरफ कोई पलटकर भी नहीं देखता है।
पर्यावरण संरक्षण के दावों के बीच लगातार कम होती हरियाली से सूख रही धरती की कोख अब बिगड़ते पर्यावरण की कहानी के बीच हरियाली फैलाने के लिए फिर से बारिश आते ही वन विभाग की टीम अलर्ट हो गई है। इस बार पर्यावरण संरक्षण के लिए हर साल बरसात के मौसम में देखते ही देखते लाखों पौधे एक साथ लगाए जाते हैं। पौधारोपण से पहले बाकायदा खूब कार्यक्रम होता है। कई आयोजन होते हैं। बड़े चेहरे कैमरे के सामने अपने हाथों से पौधा लगाकर उसमें पानी भी डालते हैं। लेकिन उसके बाद सभी भूल जाते हैं। नतीजा यह कि लाखों पौधे देखते ही देखते हजारों में रह जाते हैं। उसके बाद वह सैकड़ों में रह गए, इसका पता भी नहीं चलता है। पिछले चार साल में जिलेभर में वन विभाग और दूसरे महकमों ने एक करोड़ पौधे लगाए। अब वह कहां और किस हाल में हैं, इसकी किसी को खबर नहीं है। इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। वन विभाग के अफसर अपने पौधों की जानकारी होने की बात कहते हैं, लेकिन दूसरे विभाग की ओर से लगाए गए पौधों का क्या हुआ, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
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45 हजार हेक्टेयर है वन क्षेत्र, फिर भी डार्क जोन बढ़ा
कन्नौज जिला में वन क्षेत्र का दायरा 45 हजार हेक्टेयर है। उस क्षेत्र न किसी तरह की खेती हो सकती है, न ही किसी तरह स्थाई या अस्थाई निर्माण हो सकता है। उस पूरे क्षेत्र में सिर्फ और सिर्फ पौधारोपण ही करवाना होता है। लगाए गए पौधों की देखरेख करके उसे बड़ा बनाने के लिए एक पूरा विभाग काम करता है। लेकिन पिछले कई सालों से इस क्षेत्र का दायरा नहीं बढ़ा, जबकि इस बीच लाखों पौधे लगाए जा चुके हैं। चूंकि उनमें से ज्यादातर पौधे बेकार होकर बड़ा होने से पहले ही खत्म हो गए, इसलिए इसका दायरा नहीं बढ़ा।
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इन विभागों को बड़ी जिम्मेदारी, पिछले साल से ज्यादा है लक्ष्य
विभाग का नाम पिछले साल का लक्ष्य इस साल का लक्ष्य
-वन विभाग 1734400 2165600
- ग्राम्य विकास विभाग 1050420 1079777
- कृषि विभाग 201300 215000
- पर्यावरण विभाग 152544 153000
- उद्यान विभाग 132400 133000
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पिछले पांच साल में इस तरह बढ़ता रहा पौधारोपण का लक्ष्य
-2019 में 19 लाख 77 हजार 299 पौधे लगे
-2020 में 26 लाख दो हजार 802 पौधे लगे
-2021 में 30 लाख 75 हजार 162 पौधे लगे
-2022 में 37 लाख 23 हजार 874 पौधे लगे
-2023 में 41 लाख 54 हजार 120 पौधे लगेंगे
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इनसेट
वन विभाग की ओर से लगाए गए पौधों में से 80 फीसदी से ज्यादा पौधे पूरी तरह से सुरक्षित हैं। दूसरे विभाग की ओर से लगाए गए पौधों की रिपोर्ट नहीं मिलती है, इसलिए उनकी कोई जानकारी नहीं है।
आरके सिंह, डीएफओ
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पर्यावरण संरक्षण के दावों के बीच लगातार कम होती हरियाली से सूख रही धरती की कोख अब बिगड़ते पर्यावरण की कहानी के बीच हरियाली फैलाने के लिए फिर से बारिश आते ही वन विभाग की टीम अलर्ट हो गई है। इस बार पर्यावरण संरक्षण के लिए हर साल बरसात के मौसम में देखते ही देखते लाखों पौधे एक साथ लगाए जाते हैं। पौधारोपण से पहले बाकायदा खूब कार्यक्रम होता है। कई आयोजन होते हैं। बड़े चेहरे कैमरे के सामने अपने हाथों से पौधा लगाकर उसमें पानी भी डालते हैं। लेकिन उसके बाद सभी भूल जाते हैं। नतीजा यह कि लाखों पौधे देखते ही देखते हजारों में रह जाते हैं। उसके बाद वह सैकड़ों में रह गए, इसका पता भी नहीं चलता है। पिछले चार साल में जिलेभर में वन विभाग और दूसरे महकमों ने एक करोड़ पौधे लगाए। अब वह कहां और किस हाल में हैं, इसकी किसी को खबर नहीं है। इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। वन विभाग के अफसर अपने पौधों की जानकारी होने की बात कहते हैं, लेकिन दूसरे विभाग की ओर से लगाए गए पौधों का क्या हुआ, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
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45 हजार हेक्टेयर है वन क्षेत्र, फिर भी डार्क जोन बढ़ा
कन्नौज जिला में वन क्षेत्र का दायरा 45 हजार हेक्टेयर है। उस क्षेत्र न किसी तरह की खेती हो सकती है, न ही किसी तरह स्थाई या अस्थाई निर्माण हो सकता है। उस पूरे क्षेत्र में सिर्फ और सिर्फ पौधारोपण ही करवाना होता है। लगाए गए पौधों की देखरेख करके उसे बड़ा बनाने के लिए एक पूरा विभाग काम करता है। लेकिन पिछले कई सालों से इस क्षेत्र का दायरा नहीं बढ़ा, जबकि इस बीच लाखों पौधे लगाए जा चुके हैं। चूंकि उनमें से ज्यादातर पौधे बेकार होकर बड़ा होने से पहले ही खत्म हो गए, इसलिए इसका दायरा नहीं बढ़ा।
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इन विभागों को बड़ी जिम्मेदारी, पिछले साल से ज्यादा है लक्ष्य
विभाग का नाम पिछले साल का लक्ष्य इस साल का लक्ष्य
-वन विभाग 1734400 2165600
- ग्राम्य विकास विभाग 1050420 1079777
- कृषि विभाग 201300 215000
- पर्यावरण विभाग 152544 153000
- उद्यान विभाग 132400 133000
पिछले पांच साल में इस तरह बढ़ता रहा पौधारोपण का लक्ष्य
-2019 में 19 लाख 77 हजार 299 पौधे लगे
-2020 में 26 लाख दो हजार 802 पौधे लगे
-2021 में 30 लाख 75 हजार 162 पौधे लगे
-2022 में 37 लाख 23 हजार 874 पौधे लगे
-2023 में 41 लाख 54 हजार 120 पौधे लगेंगे
इनसेट
वन विभाग की ओर से लगाए गए पौधों में से 80 फीसदी से ज्यादा पौधे पूरी तरह से सुरक्षित हैं। दूसरे विभाग की ओर से लगाए गए पौधों की रिपोर्ट नहीं मिलती है, इसलिए उनकी कोई जानकारी नहीं है।
आरके सिंह, डीएफओ