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UP: अधिकारी...न इंजीनियर! अटके पड़े हैं काम, जिला पंचायत के विकास का पहिया ठप, इस तरह खाली पड़ी हैं कुर्सियां

Thu, 31 Aug 2023 12:31 AM IST
कानपुर ब्यूरो तारिक इकबाल, अमर उजाला, कन्नौज
तारिक इकबाल, अमर उजाला, कन्नौज Published by: कानपुर ब्यूरो Updated Thu, 31 Aug 2023 12:31 AM IST
सार

Kannauj News: कन्नौज में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी की कुर्सी मार्च से ही खाली है। यहां इसी पद पर रहे सुरेंद्र वर्मा का तबादला होने पर उनकी जगह नए अधिकारी की तैनाती नहीं हुई, तो यहीं कार्यकारी अधकारी के पद पर तैनात विनोद कुशवाहा को प्रभार सौंप दिया गया।

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Officer and not engineer, Work is stuck, the wheel of development of Zilla Panchayat stalled, the chairs are l
जिला पंचायत कार्यालय, कन्नौज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कन्नौज जिले की ग्रामीण आबादी के विकास का दारोमदार संभालने वाली जिला पंचायत इन दिनों अलग ही दौर से गुजर रही है। जिला पंचायत की प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाने वाले अफसरों के न होने से यहां होने वाले विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हैं। यहां के सबसे बड़े अफसर अपर मुख्य अधिकारी की कुर्सी खाली पड़ी है

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एई का भी दो महीने पहले तबादला होने से बदले में किसी की तैनाती नहीं हो सकी है। ऐसे में विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़ा है। जिला पंचायत की ओर से ग्रामीण अंचलों में अपने कोटे से विकास से जुड़े काम होते हैं। इसमें सड़क निर्माण से लेकर, नाला निर्माण, खड़ंजा, पुलिया, सोलर लाइट सहित कई प्रमुख काम शामिल हैं।
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जिला पंचायत के सदस्यों के प्रस्ताव के मुताबिक उनके क्षेत्र में काम होने का प्रावधान है। इधर, पिछले कई दिनों से जिला पंचायत में अफसरों की कुर्सी खाली होने से कमोबेश सभी काम पूरी तरह से पठ पड़े हैं। न तो बोर्ड बैठक के प्रस्ताव के मुताबिक कोई काम शुरू हो पा रहा है, न ही शासन से मिलने वाली ग्रांट का इस्तेमाल हो पा रहा है।

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किसी तरह का कोई काम होना ही नहीं
अफसरों के न होने और निर्माण व विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़ा होने से जिला पंचायत के दूसरे कर्मचारी भी अपने-अपने कार्यालय में सिर्फ समय काट रहे हैं। दबी जुबान में उनकी ओर से यही कहा जा रहा है कि जब तक अफसर की तैनाती नहीं होगी, तब तक किसी तरह का कोई काम होना ही नहीं है।

पांच अगस्त को हुई थी बोर्ड बैठक
इसी महीने पांच अगस्त को जिला पंचायत की बोर्ड की बैठक कलक्ट्रेट सभागार में हुई थी। गहमागहमी और आरोप-प्रत्यारोप के बीच हुई बैठक के दौरान जिले के अलग-अलग हिस्सों में विकास कार्य के कई प्रस्ताव हुए थे। उनका खाका बन चुका है।18 करोड़ से ज्यादा रकम का काम होना है, लेकिन अपर मुख्य अधिकारी और एई के न होने से प्रस्ताव को मंजूरी के लिए शासन को भेजना मुमकिन नहीं है। जब तक इन दोनों अफसरों की तैनाती नहीं हो पाती तब तक प्रस्ताव फाइल में ही पड़ा रहेगा।

एएमए की कुर्सी पर सियासी पेंच
कन्नौज में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी की कुर्सी मार्च से ही खाली है। यहां इसी पद पर रहे सुरेंद्र वर्मा का तबादला होने पर उनकी जगह नए अधिकारी की तैनाती नहीं हुई, तो यहीं कार्यकारी अधकारी के पद पर तैनात विनोद कुशवाहा को प्रभार सौंप दिया गया। इसी महीने 18 अगस्त को नए एएमए की तैनाती शासन स्तर से हो गई है। मुख्यालय में तैनात अरविंद कुमार आनंद को यहां की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि उन्हें अब तक चार्ज नहीं मिला है। अंदरखाने चर्चा है कि उनकी तैनाती को लेकर सियासी रस्साकशी चल रही है। चर्चा है कि रक्षाबंधन के बाद उन्हें जिम्मेदारी मिल सकती है। तब तक अलग-अलग तरह की चर्चा चल रही है।

एई का दो महीने पहले तबादला
जिला पंचायत में इंजीनियरिंग विभाग के सहायक अभियंता की कुर्सी भी दो महीने से खाली पड़ी है। यहां इस पद पर तैनात रहे अनिल उपाध्याय का तबादला दो महीना पहले भदोही हो गया था। तब से अब तक यहां किसी की तैनाती नहीं होने से निर्माण कार्य से जुड़ा काम प्रभावित हो रहा है।

अफसरों के न होने से यह प्रमुख काम अटके पड़े

  • 18 करोड़ का प्रस्ताव है, शासन को भेजा जाना बाकी है।
  • 23 किलोमीटर सड़क का गड्ढामुक्ति अभियान ठप पड़ा।
  • पुलिया, खड़ंजा, सड़क किनारे नाला का काम भी रुका है।

जिला पंचायत में इस तरह खाली पड़ी हैं कुर्सियां

  • एएमए का एक पद, 18 अगस्त से खाली।
  • एई का एक पद, दो महीने से खाली।
  • जेई का तीन पद, एक पद खाली।
  • टैक्स इंस्पेक्टर, तीन पद में दो खाली।
  • टैक्स अमीन, आठ पद में तीन की तैनाती
  • सहायक लेखाकार एक पद, तैनाती नहीं है।
  • लिपिक के 24 पद हैं, 16 खाली हैं।
  • तृतीय श्रेणी के 11 पद हैं, आठ की तैनाती है।
  • चतुर्थ श्रेणी के 11 पद हैं, सात खाली है।

एएमए और एई की तैनाती न होने से विकास कार्य ठप हैं। बोर्ड बैठक के प्रस्ताव के आधार पर सर्वे हो चुका है। टेंडर होना है। ग्रांट भी खर्च नहीं हो पा रहा है।  -अशोक कुमार, जेई , जिला पंचायत

 

 मेरी तैनाती कार्यकारी अधिकारी के रूप में है। अप्रैल से अपर मुख्य अधिकारी का भी प्रभार मिला था। 18 अगस्त को शासन से नई तैनाती होने की वजह कर मुझसे प्रभार ले लिया गया है।  -विनोद कुशवाहा, कार्यकारी अधिकारी, जिला पंचायत

 

जिन पदों पर किसी की तैनाती नहीं है, उसके लिए शासन स्तर पर वार्ता चल रही है। जल्द ही तैनाती हो जाएगी। उसके बाद विकास कार्य सुचारू रूप से होने लगेगा।  -प्रिया शाक्य, जिला पंचायत अध्यक्ष, कन्नौज

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