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Kannauj News: कचरा प्रबंधन में लापरवाही पर 28 सचिवों को नोटिस
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कन्नौज। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन योजना में लापरवाही बरतने वाले 28 ग्राम पंचायत सचिवों पर प्रशासन ने शिकंजा कसा है। बजट खर्च न करने और भुगतान लटकाने पर जिला पंचायत राज अधिकारी जेके गोंड ने सभी को नोटिस जारी किया है।
जिले की 114 ग्राम पंचायतों में अपशिष्ट प्रबंधन के कार्य ठप पड़े हैं। शासन ने 17 सितंबर 2026 को 116 ग्राम पंचायतों के लिए 2 करोड़ 30 लाख 39 हजार रुपये की वित्तीय सीमा जारी की थी। विभाग ने 22 सितंबर 2026 तक सभी स्वीकृत कार्यों का भुगतान हर हाल में करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। लेकिन तय समय सीमा बीतने के बाद भी सचिवों ने भुगतान नहीं किया। इससे गांवों में कचरा निस्तारण और नाली-नाबदान के कार्य अधूरे पड़े हैं। लापरवाही को देखते हुए छह अक्तूबर को डीपीआरओ ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने पत्र जारी कर शीघ्र भुगतान करने को कहा था लेकिन सचिवों ने इसे भी गंभीरता से नहीं लिया।
ग्रामीणों का कहना है कि सचिवों की लापरवाही से गांवों में गंदगी का अंबार लगा है। नालियां जाम हैं और कूड़ा सड़कों पर पड़ा है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। डीपीआरओ जेके गोंड ने बताया कि नोटिस का जवाब तीन दिन में देना होगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधित सचिवों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने योजना में किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त न करने की बात कही।
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जिले की 114 ग्राम पंचायतों में अपशिष्ट प्रबंधन के कार्य ठप पड़े हैं। शासन ने 17 सितंबर 2026 को 116 ग्राम पंचायतों के लिए 2 करोड़ 30 लाख 39 हजार रुपये की वित्तीय सीमा जारी की थी। विभाग ने 22 सितंबर 2026 तक सभी स्वीकृत कार्यों का भुगतान हर हाल में करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। लेकिन तय समय सीमा बीतने के बाद भी सचिवों ने भुगतान नहीं किया। इससे गांवों में कचरा निस्तारण और नाली-नाबदान के कार्य अधूरे पड़े हैं। लापरवाही को देखते हुए छह अक्तूबर को डीपीआरओ ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने पत्र जारी कर शीघ्र भुगतान करने को कहा था लेकिन सचिवों ने इसे भी गंभीरता से नहीं लिया।
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ग्रामीणों का कहना है कि सचिवों की लापरवाही से गांवों में गंदगी का अंबार लगा है। नालियां जाम हैं और कूड़ा सड़कों पर पड़ा है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। डीपीआरओ जेके गोंड ने बताया कि नोटिस का जवाब तीन दिन में देना होगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधित सचिवों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने योजना में किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त न करने की बात कही।
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