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लापरवाही की भेंट चढ़ा सफाई अभियान
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Sun, 28 Jun 2015 12:10 AM IST
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शहरवासियों को बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए चलाया जा रहा नाला सफाई अभियान लापरवाही की भेंट चढ़ गया है। सात नालों की सफाई का अभियान एक पखवारा बाद भी पूरा नहीं हो सका है। जबकि 20 जून तक शहर के सभी नालों की सफाई कराए जाने की योजना बनाई गयी थी। ऐसे में जोरदार बारिश होने पर कई मोहल्लों में जलभराव हो सकता है।
शहर में 14 छोटे व बड़े नाले हैं। इनकी सालाना सफाई कराई जाती है। इस बार सात नालों को जलनिगम द्वारा पक्का कराया गया है। सूत्रों की मानें तो इन नालों की सफाई करना आवश्यक नहीं है। नाला सफाई का वार्षिक अभियान 1 जून से शुरू कराया गया था। बाकी सात नालों की सफाई के लिए संसाधनों को जुटाया गया है।
इसमें पालिका प्रशासन ने जेसीबी को सिल्ट निकालने में लगाया है। इसके अलावा सिल्ट को नालों के किनारे से हटाकर निर्धारित स्थानों तक पहुंचाने के लिए ट्रालियों समेत दो ट्रैक्टर, 30 सफाई मजदूरों की ड्यूटी लगाई गयी है। इसके बावजूद नालों में सिल्ट की भरमार है। नालों से निकाली गई सिल्ट नालों के निकट लगी है। कचरा भी नहीं हटाया गया है।
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इसके चलते कचरा दोबारा नालों में चला जाता है। परिणामस्वरूप पुलिया व क्रासों के चोक होने से जलनिकासी की समस्या पैदा हो जाती है। पालिका प्रशासन की मानें तो नाला सफाई अभियान लगभग पूरा हो चुका है। जागरूकता के अभाव में लोग पालीथिन व अन्य सामग्री को पानी में बहा देते हैं। इससे आए दिन नालों पर बनी पुलिया व क्रासों के आसपास सफाई के लिए मजदूरों को जुटना पड़ता है।
सात नालों की सफाई पर 10 लाख खर्च
नाला सफाई अभियान के तहत शहर के सात नालों को चिह्नित किया गया है। नगर पालिका प्रशासन द्वारा इन नालों की सफाई कराई जा रही है। इसमें करीब चार किमी लंबाई वाला शहर का पाटानाला प्रमुख है। इसके अलावा सरायमीरा में अंधामोड़ से लेकर अन्नपूर्णा पेट्रोल पंप तक जीटी रोड के दोनों ओर के नाले, हाजीशरीफ दरगाह के निकट से पाटानाला तक बना नाला, मोहल्ला अलाउद्दीनपुर में पानी की टंकी से पाटानाला जाने वाला नाला, बस स्टैंड सरायमीरा से लोहिया चौराहा होते हुए रामनरायन के मिल तक जाने वाला नाला, मोहल्ला गदनपुर बड्डू का नाला, मो. नखासा में सतीश मिश्रा वाला नाला की सफाई कराई जा रही है। पालिका सूत्रों की मानें तो नाला सफाई अभियान पर 10 लाख रूपये खर्च होने की संभावना है।
बीमारियों का खतरा बढ़ा
बलायपुल निवासी रामसिंह की मानें तो जेसीबी से नाले की सफाई के नाम पर खानापूरी की जा रही है। सिल्ट को नाले के किनारे लगाकर कर्मचारी कई दिना तक मौके पर नहीं जाते हैं। इससे स्थानीय लोगों को दुर्गंध से सांस लेना दूभर हो जाता है। इससे बीमारियों के फैलने का अंदेशा रहता है। वहीं आवागमन में भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सिल्ट व कचरा सूखने के बाद दोबार ा नालों में चला जाता है।
नाला सफाई अभियान लगभग पूरा हो चुका है। कही-कहीं पालीथिन फंसने से पुलिया व क्रास चोक होने की शिकायतें मिल रहिी हैं। कर्मचारियों को भेजकर समस्या दूर कराई जाती है। नालों की सफाई पूरा होने पर ही ठेकेदार को भुगतान किया जाएगा। नाले के किनारे सिल्ट के ढ़ेर जल्द न हटाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ठेकेदार को नोटिस दिया गया है।
...बीडी भट्ट, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद
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शहर में 14 छोटे व बड़े नाले हैं। इनकी सालाना सफाई कराई जाती है। इस बार सात नालों को जलनिगम द्वारा पक्का कराया गया है। सूत्रों की मानें तो इन नालों की सफाई करना आवश्यक नहीं है। नाला सफाई का वार्षिक अभियान 1 जून से शुरू कराया गया था। बाकी सात नालों की सफाई के लिए संसाधनों को जुटाया गया है।
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इसमें पालिका प्रशासन ने जेसीबी को सिल्ट निकालने में लगाया है। इसके अलावा सिल्ट को नालों के किनारे से हटाकर निर्धारित स्थानों तक पहुंचाने के लिए ट्रालियों समेत दो ट्रैक्टर, 30 सफाई मजदूरों की ड्यूटी लगाई गयी है। इसके बावजूद नालों में सिल्ट की भरमार है। नालों से निकाली गई सिल्ट नालों के निकट लगी है। कचरा भी नहीं हटाया गया है।
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इसके चलते कचरा दोबारा नालों में चला जाता है। परिणामस्वरूप पुलिया व क्रासों के चोक होने से जलनिकासी की समस्या पैदा हो जाती है। पालिका प्रशासन की मानें तो नाला सफाई अभियान लगभग पूरा हो चुका है। जागरूकता के अभाव में लोग पालीथिन व अन्य सामग्री को पानी में बहा देते हैं। इससे आए दिन नालों पर बनी पुलिया व क्रासों के आसपास सफाई के लिए मजदूरों को जुटना पड़ता है।
सात नालों की सफाई पर 10 लाख खर्च
नाला सफाई अभियान के तहत शहर के सात नालों को चिह्नित किया गया है। नगर पालिका प्रशासन द्वारा इन नालों की सफाई कराई जा रही है। इसमें करीब चार किमी लंबाई वाला शहर का पाटानाला प्रमुख है। इसके अलावा सरायमीरा में अंधामोड़ से लेकर अन्नपूर्णा पेट्रोल पंप तक जीटी रोड के दोनों ओर के नाले, हाजीशरीफ दरगाह के निकट से पाटानाला तक बना नाला, मोहल्ला अलाउद्दीनपुर में पानी की टंकी से पाटानाला जाने वाला नाला, बस स्टैंड सरायमीरा से लोहिया चौराहा होते हुए रामनरायन के मिल तक जाने वाला नाला, मोहल्ला गदनपुर बड्डू का नाला, मो. नखासा में सतीश मिश्रा वाला नाला की सफाई कराई जा रही है। पालिका सूत्रों की मानें तो नाला सफाई अभियान पर 10 लाख रूपये खर्च होने की संभावना है।
बीमारियों का खतरा बढ़ा
बलायपुल निवासी रामसिंह की मानें तो जेसीबी से नाले की सफाई के नाम पर खानापूरी की जा रही है। सिल्ट को नाले के किनारे लगाकर कर्मचारी कई दिना तक मौके पर नहीं जाते हैं। इससे स्थानीय लोगों को दुर्गंध से सांस लेना दूभर हो जाता है। इससे बीमारियों के फैलने का अंदेशा रहता है। वहीं आवागमन में भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सिल्ट व कचरा सूखने के बाद दोबार ा नालों में चला जाता है।
नाला सफाई अभियान लगभग पूरा हो चुका है। कही-कहीं पालीथिन फंसने से पुलिया व क्रास चोक होने की शिकायतें मिल रहिी हैं। कर्मचारियों को भेजकर समस्या दूर कराई जाती है। नालों की सफाई पूरा होने पर ही ठेकेदार को भुगतान किया जाएगा। नाले के किनारे सिल्ट के ढ़ेर जल्द न हटाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ठेकेदार को नोटिस दिया गया है।
...बीडी भट्ट, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद