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Kannauj News: नवाब-नीलू की अब तक 28 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क
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कन्नौज। जिले के पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव और नीलू यादव के आर्थिक तंत्र पर प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। गैंगस्टर एक्ट के तहत मंगलवार को 5.25 करोड़ रुपये मूल्य की 11 संपत्तियां कुर्क की गईं। इसके साथ ही अब तक 28 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क हो चुकी हैं।
जांच का दायरा अब केवल दोनों भाइयों तक सीमित नहीं है। रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों के नाम दर्ज संपत्तियां भी इसकी जद में आ रही हैं। अगस्त 2024 में नवाब सिंह यादव की गिरफ्तारी के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू हुई थी। जांच एजेंसियों ने आपराधिक मामलों के साथ आर्थिक गतिविधियों की भी पड़ताल की।
हालिया कार्रवाई में कुर्क की गई 11 संपत्तियों में से अधिकांश सीधे तौर पर दोनों भाइयों के नाम नहीं थीं। इनमें उनकी पत्नियों, मां और सहयोगियों के नाम दर्ज संपत्तियां शामिल हैं। कंदरौली बांगर में गुड्डी देवी, नीतू देवी, रानी देवी, जयदेवी और मीना देवी के नाम दर्ज भूखंड कुर्क हुए। इनकी कीमत 59 लाख रुपये से लेकर 66.50 लाख रुपये तक आंकी गई है। मौसमपुर अल्हड़ में जयदेवी के नाम दर्ज करीब 1.12 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि भी कार्रवाई की जद में आई। गदनपुर बड्डू में मूला देवी के नाम दर्ज भूमि पर भी प्रशासन ने कब्जा लिया। इसके अलावा, सहयोगी रमेश चंद्र के नाम दर्ज भूमि और आवासीय संपत्तियां भी कुर्क की गईं।
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गैंगस्टर एक्ट के तहत नवाब-नीलू गैंग से जुड़ी संपत्तियों की कुर्की का सरकारी आंकड़ा 28 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह मूल्यांकन सर्किल रेट और सरकारी अभिलेखों के आधार पर किया गया है। जून-जुलाई 2025 में 91 लाख रुपये की संपत्तियों पर पहली कार्रवाई हुई थी। 7-8 जुलाई 2025 को 2.38 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की गईं। जुलाई 2025 में 92 लाख रुपये मूल्य की अतिरिक्त भूमि को कब्जे में लिया गया। जुलाई 2026 में 5.25 करोड़ रुपये मूल्य की 11 संपत्तियों पर एक साथ कार्रवाई हुई। नवाब सिंह बांदा और नीलू यादव कौशांबी जेल में आठ-आठ वर्ष की सजा काट रहे हैं।
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जांच का दायरा अब केवल दोनों भाइयों तक सीमित नहीं है। रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों के नाम दर्ज संपत्तियां भी इसकी जद में आ रही हैं। अगस्त 2024 में नवाब सिंह यादव की गिरफ्तारी के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू हुई थी। जांच एजेंसियों ने आपराधिक मामलों के साथ आर्थिक गतिविधियों की भी पड़ताल की।
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हालिया कार्रवाई में कुर्क की गई 11 संपत्तियों में से अधिकांश सीधे तौर पर दोनों भाइयों के नाम नहीं थीं। इनमें उनकी पत्नियों, मां और सहयोगियों के नाम दर्ज संपत्तियां शामिल हैं। कंदरौली बांगर में गुड्डी देवी, नीतू देवी, रानी देवी, जयदेवी और मीना देवी के नाम दर्ज भूखंड कुर्क हुए। इनकी कीमत 59 लाख रुपये से लेकर 66.50 लाख रुपये तक आंकी गई है। मौसमपुर अल्हड़ में जयदेवी के नाम दर्ज करीब 1.12 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि भी कार्रवाई की जद में आई। गदनपुर बड्डू में मूला देवी के नाम दर्ज भूमि पर भी प्रशासन ने कब्जा लिया। इसके अलावा, सहयोगी रमेश चंद्र के नाम दर्ज भूमि और आवासीय संपत्तियां भी कुर्क की गईं।
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गैंगस्टर एक्ट के तहत नवाब-नीलू गैंग से जुड़ी संपत्तियों की कुर्की का सरकारी आंकड़ा 28 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह मूल्यांकन सर्किल रेट और सरकारी अभिलेखों के आधार पर किया गया है। जून-जुलाई 2025 में 91 लाख रुपये की संपत्तियों पर पहली कार्रवाई हुई थी। 7-8 जुलाई 2025 को 2.38 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की गईं। जुलाई 2025 में 92 लाख रुपये मूल्य की अतिरिक्त भूमि को कब्जे में लिया गया। जुलाई 2026 में 5.25 करोड़ रुपये मूल्य की 11 संपत्तियों पर एक साथ कार्रवाई हुई। नवाब सिंह बांदा और नीलू यादव कौशांबी जेल में आठ-आठ वर्ष की सजा काट रहे हैं।