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मेडिकल स्टोर बंद रहने भटके मरीज
अमर उजाला ब्यूरो कन्नौज।
Updated Wed, 14 Oct 2015 11:44 PM IST
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कन्नौज। आन लाइन फार्मेसी के खिलाफ बुधवार को जिले भर के मेडिकल स्टोर बंद रहे। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को दवाओं के लिए भटकना पड़ा। लोग शाम तक मेडिकल स्टोर खुलने का इंतजार रहते रहे। कई जगह मेडिकल स्टोर संचालकों ने भर्ती मरीजों के लिए शटर खोलकर दवाएं दे दीं। छह सूत्री मांगों का प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन कलक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को सौंपा।
बुधवार को कन्नौज केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के कई पदाधिकारी व सदस्य जिला मुख्यालय पहुंचे। यहां एडीएम रमेश चंद्र यादव को दिए ज्ञापन में उन्होंने कहा है कि ऑल इंडिया आर्गनाईजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एवं केमिस्ट फेडरेशन उत्तर प्रदेश के आह्वान पर मेडिकल स्टोर बंद हैं। स्टोर संचालकों को ऑन-लाइन फार्मेसी का विचार मंजूर नहीं है। इससे युवाओं में नशे की लत बढ़ेगी। मरीजों के स्वास्थ्य व दवा की गुणवत्ता से खिलवाड़ होने की संभावना है।
ग्रामीण भारत में जीवनरक्षक दवाओं का अभाव होगा। आठ लाख केमिस्ट व 40 लाख कर्मचारी इससे प्रभावित होंगे।
सभासद एवं मेडिकल स्टोर स्वामी श्याम तिवारी ने कहा कि सरकार की नीति सही नहीं है। मनमाने तरीके से फैसले लेकर जनता के सामने समस्याएं पैदा की जा रही हैं।
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यदि इस प्रदर्शन के बाद भी नौकरशाह न चेते तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। ज्ञापन में फार्मसिस्ट व लाइसेंस नवीनीकरण समस्या का निदान कराया जाए। ज्ञापन में कुंवर सिंह, नितेश कटियार, रतन कश्यप, प्रदीप मेहरोत्रा, आनंद तिवारी, छविनाथ सिंह, ज्ञानेश कुशवाहा, अश्वनी, बाबूराम वर्मा, शिवजी मिश्र, सर्वेश आदि ने हस्ताक्षर किए हैं।
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बुधवार को कन्नौज केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के कई पदाधिकारी व सदस्य जिला मुख्यालय पहुंचे। यहां एडीएम रमेश चंद्र यादव को दिए ज्ञापन में उन्होंने कहा है कि ऑल इंडिया आर्गनाईजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एवं केमिस्ट फेडरेशन उत्तर प्रदेश के आह्वान पर मेडिकल स्टोर बंद हैं। स्टोर संचालकों को ऑन-लाइन फार्मेसी का विचार मंजूर नहीं है। इससे युवाओं में नशे की लत बढ़ेगी। मरीजों के स्वास्थ्य व दवा की गुणवत्ता से खिलवाड़ होने की संभावना है।
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ग्रामीण भारत में जीवनरक्षक दवाओं का अभाव होगा। आठ लाख केमिस्ट व 40 लाख कर्मचारी इससे प्रभावित होंगे।
सभासद एवं मेडिकल स्टोर स्वामी श्याम तिवारी ने कहा कि सरकार की नीति सही नहीं है। मनमाने तरीके से फैसले लेकर जनता के सामने समस्याएं पैदा की जा रही हैं।
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यदि इस प्रदर्शन के बाद भी नौकरशाह न चेते तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। ज्ञापन में फार्मसिस्ट व लाइसेंस नवीनीकरण समस्या का निदान कराया जाए। ज्ञापन में कुंवर सिंह, नितेश कटियार, रतन कश्यप, प्रदीप मेहरोत्रा, आनंद तिवारी, छविनाथ सिंह, ज्ञानेश कुशवाहा, अश्वनी, बाबूराम वर्मा, शिवजी मिश्र, सर्वेश आदि ने हस्ताक्षर किए हैं।