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मेडिकल कालेज के तीन डाक्टरों को नोटिस
अमर उजाला/कन्नौज
Updated Sun, 03 Jul 2016 12:01 AM IST
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चिकित्सक
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राजकीय मेडिकल कालेज की बिगड़ी व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए शनिवार को कालेज प्राचार्य डा.डीएस मारतोलिया व सीएमएस डा.दिलीप सिंह ने ओपीडी व जनरल वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान रेफर होने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा होने पर एचओडी मेडिसिन, एचओडी आथ्रो और एचओडी बाल रोग विभाग को नोटिस जारी किया। प्राचार्य व सीएमएस दोपहर ग्यारह बजे के करीब इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। यहां वार्ड में भर्ती मरीजों की जानकारी हासिल की।
पिछले एक सप्ताह के दौरान कितने मरीज भर्ती किए गए, किन मरीजों को कानपुर अथवा लखनऊ रेफर किया गया। उसके बारे में जानकारी की। इस दौरान कुछ डाक्टरों ने इमरजेंसी वार्ड में दवाइयों व कुछ उपकरणों के न होने की बात रखी। इस पर प्राचार्य ने कहा कि जल्द ही दवाइयों की व्यवस्था करा दी जाएगी। जनरल वार्ड के मेडिसिन पुरुष कक्ष में प्राचार्य को महज तीन मरीज ही भर्ती मिले।
इस पर उनका पारा चढ़ गया। विभागाध्यक्ष व मौजूद चिकित्सकों से नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि भर्ती होने वाले मरीजों का बेहतर उपचार करें। सही ढंग से देखभाल न होने के कारण ही मरीज खुद रेफर होकर जा रहे हैं। इस तरह की शिकायतें उनको मिल रही है। बाल रोग विभाग में भी दो मरीज भर्ती मिले। इसी तरह से सर्जरी व आर्थो विभाग में भी भर्ती मरीजों की तादात काफी कम मिली। इस पर सभी विभागाध्यक्षों की प्राचार्य कक्ष में मीटिंग ली गई।
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प्राचार्य ने सभी विभागाध्यक्षों को खामियां दुरुस्त करने व मरीजों को बेहतर उपचार देने के निर्देश दिए। इस दौरान कुछ डाक्टरों ने प्राचार्य से कहा कि पैरा मेडिकल स्टाफ सहयोग नहीं करता है। इस पर प्राचार्य ने कहा कि सोमवार को वह पैरा मेडिकल स्टाफ की भी एक मीटिंग लेकर उनको निर्देश जारी करेंगे।
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पिछले एक सप्ताह के दौरान कितने मरीज भर्ती किए गए, किन मरीजों को कानपुर अथवा लखनऊ रेफर किया गया। उसके बारे में जानकारी की। इस दौरान कुछ डाक्टरों ने इमरजेंसी वार्ड में दवाइयों व कुछ उपकरणों के न होने की बात रखी। इस पर प्राचार्य ने कहा कि जल्द ही दवाइयों की व्यवस्था करा दी जाएगी। जनरल वार्ड के मेडिसिन पुरुष कक्ष में प्राचार्य को महज तीन मरीज ही भर्ती मिले।
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इस पर उनका पारा चढ़ गया। विभागाध्यक्ष व मौजूद चिकित्सकों से नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि भर्ती होने वाले मरीजों का बेहतर उपचार करें। सही ढंग से देखभाल न होने के कारण ही मरीज खुद रेफर होकर जा रहे हैं। इस तरह की शिकायतें उनको मिल रही है। बाल रोग विभाग में भी दो मरीज भर्ती मिले। इसी तरह से सर्जरी व आर्थो विभाग में भी भर्ती मरीजों की तादात काफी कम मिली। इस पर सभी विभागाध्यक्षों की प्राचार्य कक्ष में मीटिंग ली गई।
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प्राचार्य ने सभी विभागाध्यक्षों को खामियां दुरुस्त करने व मरीजों को बेहतर उपचार देने के निर्देश दिए। इस दौरान कुछ डाक्टरों ने प्राचार्य से कहा कि पैरा मेडिकल स्टाफ सहयोग नहीं करता है। इस पर प्राचार्य ने कहा कि सोमवार को वह पैरा मेडिकल स्टाफ की भी एक मीटिंग लेकर उनको निर्देश जारी करेंगे।