{"_id":"58dff2984f1c1b6d2663d988","slug":"mci-stops-possession-of-medical-college-final-recognition","type":"story","status":"publish","title_hn":"एमसीआई ने मेडिकल कालेज की फाइनल मान्यता पर लगाई रोक ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एमसीआई ने मेडिकल कालेज की फाइनल मान्यता पर लगाई रोक
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
Updated Sun, 02 Apr 2017 12:04 AM IST
विज्ञापन
Doctor shimla
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजकीय मेडिकल कालेज में एमबीबीएस फाइनल ईयर की स्थाई मान्यता पर एमसीआई ने रोक लगा दी है। अपने निरीक्षण में टीम ने छह खामियों का जिक्र किया है। मेडिकल कालेज प्रशासन को खामियां दुरुस्त करने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। खामियां दुरुस्त हो जाने पर इसकी रिपोर्ट भी एमसीआई ने मंगाई है। रिपोर्ट मिलने के बाद एमसीआई टीम पुन: मेडिकल कालेज का निरीक्षण करेगी।
विज्ञापन
एमबीबीएस फाइनल ईयर की स्थायी मान्यता के लिए एक पखवारे पहले एमसीआई दिल्ली की तीन सदस्यीय टीम ने मेडिकल कालेज का दो दिवसीय निरीक्षण किया था। शुक्रवार को एमसीआई दिल्ली में अपनी रिपोर्ट मेडिकल कालेज प्रशासन को भेजी है। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. डीएस मारतोलिया ने बताया कि एमसीआई टीम नेे अपनी जांच रिपोर्ट में छह बिंदुओ पर आपत्ति जताई है। इसमें मानक के मुताबिक जूनियर रेजीडेंट व सीनियर रेजीडेंट चिकित्सकों की तैनाती नहीं मिली।
विज्ञापन
सेंट्रल लाइब्रेरी में स्टूडेंट्स की संख्या के मुताबिक फर्नीचर काफी कम मिले। गर्ल्स हास्टल व ब्वायज हास्टल में विजिटर रूम नहीं बने थे। ओपीडी में पुरुष व महिला मरीजों की ड्रेेसिंग के लिए अलग-अलग कक्ष नहीं बनाए गए थे। जनरल वार्ड के विभिन्न संकायों में भर्ती मरीजों की तादात काफी कम थी। प्राचार्य ने बताया कि एमसीआई ने इन खामियों को दुरुस्त करने के लिए 15 दिनों का समय दिया है। खामियां दुरुस्त करने के बाद उसकी एक रिपोर्ट तैयार करके एमसीआई को भेजी जाएगी। पुन: निरीक्षण के लिए मेडिकल कालेज प्रशासन ने एमसीआई को बुलाने के लिए तीन लाख रुपये का शुल्क जमा किया जाएगा।
विज्ञापन