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कई पुलिस अफसरों पर गिर सकती गाज

Sat, 06 May 2017 12:17 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कन्नौज
ब्यूरो, अमर उजाला कन्नौज Updated Sat, 06 May 2017 12:17 AM IST
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Many police officials may fall on
मीरा जाटव फाइल फोटो - फोटो : Amar ujala

चर्चित हिस्ट्रीशीटर मीरा जाटव पर लादे गए मुकदमों व उसकी मौत की जांच कर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग टीम दिल्ली रवाना हो गई। तीन दिन तक जिले में डेरा डालकर मीरा जाटव से जुड़े प्रकरणों की जांच में कई पुलिस अफसर जांच के घेरे में आए हैं। इससे अब इन पुलिस अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। मीरा जाटव की मौत और संबंधित मुकदमों से जुड़े अफसरों में खलबली मची है।

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गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव मलिकपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर मीरा जाटव के पिता रामदास जाटव की शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम तीन मई से जिले में डेरा डालकर इस मामले की जांच कर रही थी। टीम शुक्रवार सुबह दिल्ली रवाना हो गई। टीम की जांच में कई पुलिस अफसरों पर गाज गिरने के संकेत मिल रहे हैं।
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दरअसल, मीरा जाटव ने सबसे पहले फर्रुखाबाद के बसपा नेता महेंद्र कटियार के पुत्र गुरदीप कटियार पर किडनैप कर दुष्कर्म का मामला कोर्ट के आदेश पर दर्ज कराया था। इस मुकदमे को तत्कालीन क्षेत्राधिकारी सदर ने फाइनल रिपोर्ट लगा कर आरोपियों को बेकसूर बताया था। इसके बाद मीरा जाटव द्वारा चलती कार से फेंक कर उसकी हत्या की साजिश के मुकदमे में भी अमृतपुर के क्षेत्राधिकारी कालूराम ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। जबकि मीरा जाटव पर थाना कमालगंज और गुरसहायगंज में दर्ज आधा दर्जन से अधिक लूटपाट के मुकदमों में उसे पुलिस अधिकारियों ने आरोपी साबित कर हिस्ट्रीशीटर घोषित कर दिया था।
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मीरा जाटव से चोरी की रिवाल्वर बरामद करने वाले स्वाट टीम प्रभारी दिनेश यादव व कोतवाली प्रभारी आदित्य यादव से टीम ने पूछताछ की थी। इस दौरान कई पुलिस अफसर सटीक बयान नहीं दे पाए हैं। रामदास जाटव ने अपने बयानों में दर्ज कराया कि वह अपनी बेटी के साथ बसपा नेता महेंद्र कटियार के ईंट भट्ठे पर काम करता था। तभी महेंद्र के पुत्र गुरदीप कटियार ने किडनैप कर उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस से शिकायत करने पर बसपा नेता ने पुलिस अधिकारियों को पैसा देकर झूठे मुकदमों में फंसाकर उसकी बेटी को हिस्ट्रीशीटर बना दिया था।  

दुष्कर्म का मामला दर्ज करने की तहरीर भी पुलिस को दी थी। इसके बावजूद भी उसकी तहरीर पर मुकदमा नहीं दर्ज किया था। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज होने के बाद अचानक पुलिस ने उस पर एक साथ कई मुकदमे दर्ज किए थे। मानवाधिकार आयोग की टीम को मीरा जाटव के पिता ने कई तहरीरों की फोटो कापियां भी सौंपी हैं। इसके अलावा उस पर दर्ज किए गए सभी मुकदमों की छाया प्रतियों के साथ पुलिस अफसरों के बयानों की फाइल तैयार कर दिल्ली ले गई है। सूत्रों के अनुसार टीम ने कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ कर बयान दर्ज किए हैं। जिनके आधार पर कई पुलिस अफसरों पर गाज गिरना तय है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सदस्य मोनिया उप्पल ने बताया कि स्थानीय छह पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में जांच रिपोर्ट को निष्पक्षता के साथ तैयार किया गया है। दिल्ली पहुंच कर आयोग को मीरा जाटव प्रकरण की जांच रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।


एसपी ने पुलिस लाइन का किया निरीक्षण
शुक्रवार सुबह पुलिस अधीक्षक हरिश्चंद्र ने पुलिस लाइन परिसर का निरीक्षण किया। गैर जनपदों में स्थानांतरण होने के बावजूद भी पुलिस लाइन के आवासों में रहने वाले पुलिस अफसरों को उन्होंने कड़ी फटकार लगाई। इस दौरान गैर जनपद में तैनात एक पुलिस अफसर के आवास पर उसके रिश्तेदार के ठहरने की जानकारी होने पर पुलिस अधीक्षक ने उसके खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जबकि दो दिन के अंदर गैर जनपदों में तैनात रहने वाले पुलिस अफसरों को आवास छोड़ने के सख्त निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने परेड ग्राउंड में आयोजित परेड का निरीक्षण कर सिपाहियों को भी परेड संबंधित अहम नियमों को बताया।

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