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Kannauj News: राजकीय बीज भंडार पर ताला
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फोटो 14- बंद राजकीय बीज भंडार, परिसर में बंधी बकरियां लगे गोबर के उपले। संवाद
- फोटो : KANNAUJ
तालग्राम। राजकीय कृषि बीज भंडार पर प्रभारी की नियुक्ति नहीं है। इस कारण भवन में 10 माह से ताला लटक रहा है। किसान उन्नतिशील बीज खरीदने के लिए भटक रहे हैं। इलाकाई किसानों ने बीज भंडार संचालित कराने की मांग की है।
वर्ष 1988 में राजकीय कृषि बीज भंडार की स्थापना की गई थी। तत्कालीन सांसद शीला दीक्षित ने इसका उद्घाटन किया था। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बीज भंडार पर वर्ष 1989 में किसानों को बीज का वितरण किया था। इसके बाद बीज भंडार प्रभारी की नियुक्ति न होने से बंद कर दिया गया।
अक्तूबर 2021 में किसानों की मांग पर राजकीय बीज भंडार का जीर्णोद्धार कराया गया। साथ ही बीज गोदाम प्रभारी गुरसहायगंज विनय शर्मा की देखरेख में गेहूं बीज वितरण शुरू हुआ। विनय शर्मा का तबादला होने के बाद कृषि प्राविधिक सहायक नितिन कुमार को गुरसहायगंज का प्रभारी बनाया गया। तालग्राम बीज भंडार पर किसी कर्मचारी की नियुक्ति न होने बंद चल रहा है। इससे इलाकाई किसानों में आक्रोश है। जिला कृषि अधिकारी आवेश सिंह का कहना है कि राजकीय बीज भंडार गुरसहायगंज में पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध है। कस्बा तालग्राम का राजकीय बीज भंडार जल्द संचालित कराया जाएगा।
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फोटो 15 किसान बिंदेश।
सलेमपुर निवासी किसान बिंदेश का कहना है कि वर्तमान में गेहूं बुवाई का समय है। कस्बे का बीज भंडार बंद होने से उन्नतिशील बीजों की खरीद के लिए परेशानी हो रही है। 20 से 25 किलोमीटर गुरसहायगंज, तिर्वा, छिबरामऊ के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। मांग के बाद भी विभागीय अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे है।
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फोटो 16 किसान विजय सिंह।
भवानीसराय निवासी पूर्व प्रधान विजय सिंह बताते हैं कि राजकीय बीज भंडार बंद होने से सरकारी दर पर बीज नहीं मिल पा रहा। निजी बीज विक्रेता से खरीदने पर अनुदान नहीं मिलता है। इतना ही नहीं निजी विक्रेता घटिया किस्म का बीज देकर धोखाधड़ी करते हैं। इससे उत्पादन पर भी असर पड़ता है।
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आलू बीज का जमाव न होने से फिरा अरमानों पर पानी
मलिकपुर। बीज शोधन की गलत दवा को लेकर क्षेत्र में काफी किसानों के खेतों में आलू बीज का जमाव नहीं हुआ है। ऐसी शिकायतें बढ़ती जा रहीं हैं। अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कोई हल नहीं निकला है।
क्षेत्र के बल्लारपुरवा निवासी पुष्पेंद्र कुमार ने जिला कृषि अधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में कहा है कि दो बीघे खेत में तीन सप्ताह पहले उन्होंने आलू बीज की गढ़ाई की थी। उसमें मलिकपुर की एक बीज दुकान से दवा लाकर शोधन की प्रक्रिया की थी। अब तक आलू नहीं उगा है। मीरपुर निवासी किसान गिरजाशंकर ने बताया कि पांच बीघा खेत में आलू के लिए समधन के एक बीज दुकान से दवा लाकर शोधन करके दो सप्ताह पहले गढ़ाई की थी, लेकिन आलू का जमाव नहीं हुआ, जिसको लेकर वह परेशान है। जिला कृषि अधिकारी आवेश सिंह ने बताया कि जिन किसानों के शिकायती पत्र मिल रहे हैं, उनके खेतों व फसल के मामले की जांच कराई जा रही है। संबंधित बीज व दवा दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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वर्ष 1988 में राजकीय कृषि बीज भंडार की स्थापना की गई थी। तत्कालीन सांसद शीला दीक्षित ने इसका उद्घाटन किया था। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बीज भंडार पर वर्ष 1989 में किसानों को बीज का वितरण किया था। इसके बाद बीज भंडार प्रभारी की नियुक्ति न होने से बंद कर दिया गया।
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अक्तूबर 2021 में किसानों की मांग पर राजकीय बीज भंडार का जीर्णोद्धार कराया गया। साथ ही बीज गोदाम प्रभारी गुरसहायगंज विनय शर्मा की देखरेख में गेहूं बीज वितरण शुरू हुआ। विनय शर्मा का तबादला होने के बाद कृषि प्राविधिक सहायक नितिन कुमार को गुरसहायगंज का प्रभारी बनाया गया। तालग्राम बीज भंडार पर किसी कर्मचारी की नियुक्ति न होने बंद चल रहा है। इससे इलाकाई किसानों में आक्रोश है। जिला कृषि अधिकारी आवेश सिंह का कहना है कि राजकीय बीज भंडार गुरसहायगंज में पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध है। कस्बा तालग्राम का राजकीय बीज भंडार जल्द संचालित कराया जाएगा।
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फोटो 15 किसान बिंदेश।
सलेमपुर निवासी किसान बिंदेश का कहना है कि वर्तमान में गेहूं बुवाई का समय है। कस्बे का बीज भंडार बंद होने से उन्नतिशील बीजों की खरीद के लिए परेशानी हो रही है। 20 से 25 किलोमीटर गुरसहायगंज, तिर्वा, छिबरामऊ के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। मांग के बाद भी विभागीय अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे है।
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फोटो 16 किसान विजय सिंह।
भवानीसराय निवासी पूर्व प्रधान विजय सिंह बताते हैं कि राजकीय बीज भंडार बंद होने से सरकारी दर पर बीज नहीं मिल पा रहा। निजी बीज विक्रेता से खरीदने पर अनुदान नहीं मिलता है। इतना ही नहीं निजी विक्रेता घटिया किस्म का बीज देकर धोखाधड़ी करते हैं। इससे उत्पादन पर भी असर पड़ता है।
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आलू बीज का जमाव न होने से फिरा अरमानों पर पानी
मलिकपुर। बीज शोधन की गलत दवा को लेकर क्षेत्र में काफी किसानों के खेतों में आलू बीज का जमाव नहीं हुआ है। ऐसी शिकायतें बढ़ती जा रहीं हैं। अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कोई हल नहीं निकला है।
क्षेत्र के बल्लारपुरवा निवासी पुष्पेंद्र कुमार ने जिला कृषि अधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में कहा है कि दो बीघे खेत में तीन सप्ताह पहले उन्होंने आलू बीज की गढ़ाई की थी। उसमें मलिकपुर की एक बीज दुकान से दवा लाकर शोधन की प्रक्रिया की थी। अब तक आलू नहीं उगा है। मीरपुर निवासी किसान गिरजाशंकर ने बताया कि पांच बीघा खेत में आलू के लिए समधन के एक बीज दुकान से दवा लाकर शोधन करके दो सप्ताह पहले गढ़ाई की थी, लेकिन आलू का जमाव नहीं हुआ, जिसको लेकर वह परेशान है। जिला कृषि अधिकारी आवेश सिंह ने बताया कि जिन किसानों के शिकायती पत्र मिल रहे हैं, उनके खेतों व फसल के मामले की जांच कराई जा रही है। संबंधित बीज व दवा दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।