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मित्रता हो तो कृष्ण और सुदामा जैसी
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Tue, 08 Dec 2015 12:14 AM IST
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श्रीमद्भागवत कथा के दौरान सोमवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। खचाखच भरे
पंडाल में श्रद्धालु जयकारे लगाते रहे। महिलाएं, पुरुषों के साथ ही बच्चे
भी भारी संख्या में कथा सुनने के लिए डटे रहे।
आचार्य रामप्रकाश मिश्र रसिक ने कृष्ण व सुदामा की मित्रता की कथा का वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए। बताया कि राजा बनने के बावजूद भगवान अपने बाल सखा सुदामा को नहीं भूलते। उनके मन में सुदामा के प्रति अपार प्रेम था। यही वजह थी कि जब कृष्ण से मिलने सुदामा पहुंचते हैं, तो वे उनसे मिलने के लिए दौड़ पड़ते हैं और नेत्रों से उनके पैर धोते हैं।
कहा कि मित्रता हो तो कृष्ण और सुदामा जैसी। इसमें अमीर या गरीब जैसा कोई भाव नहीं होना चाहिए। कथा के दौरान श्रीधाम वृंदावन से आए कलाकार पप्पू ने बांसुरी बजाते कृष्ण की आकर्षक झांकियां सजाईं। इस मौके पर शिवनंदन सिंह, बबलू सिंह, अजय सिंह, शेर सिंह, बृजनंदन सिंह, गंगा महेश, वेद प्रकाश, विनोद श्रीवास्तव, केशव सिंह, अमरीक आदि मौजूद थेे।
आचार्य रामप्रकाश मिश्र रसिक ने कृष्ण व सुदामा की मित्रता की कथा का वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए। बताया कि राजा बनने के बावजूद भगवान अपने बाल सखा सुदामा को नहीं भूलते। उनके मन में सुदामा के प्रति अपार प्रेम था। यही वजह थी कि जब कृष्ण से मिलने सुदामा पहुंचते हैं, तो वे उनसे मिलने के लिए दौड़ पड़ते हैं और नेत्रों से उनके पैर धोते हैं।
कहा कि मित्रता हो तो कृष्ण और सुदामा जैसी। इसमें अमीर या गरीब जैसा कोई भाव नहीं होना चाहिए। कथा के दौरान श्रीधाम वृंदावन से आए कलाकार पप्पू ने बांसुरी बजाते कृष्ण की आकर्षक झांकियां सजाईं। इस मौके पर शिवनंदन सिंह, बबलू सिंह, अजय सिंह, शेर सिंह, बृजनंदन सिंह, गंगा महेश, वेद प्रकाश, विनोद श्रीवास्तव, केशव सिंह, अमरीक आदि मौजूद थेे।