{"_id":"634eeb2b106fb851a35b0748","slug":"life-imprisonment-for-the-disciple-in-the-murder-of-the-mahant-kannauj-news-knp724001320","type":"story","status":"publish","title_hn":"महंत की हत्या में शिष्य को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महंत की हत्या में शिष्य को आजीवन कारावास
विज्ञापन
कन्नौज। आश्रम पर कब्जे की नीयत से पांच साल पहले महंत की हत्या करने में शिष्य को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने अभियुक्त पर अर्थदंड भी लगाया।
ठठिया थाना क्षेत्र के घनेपुर्वा गांव में स्थित गोदामाई आश्रम में महंत फक्कड़ उर्फ प्रेम नारायण की 18 जुलाई 2017 को शिष्य बाबा रामाधीन ने सीने में चिमटा घोंप कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने बाबा रामाधीन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दज की थी। मामले की जांच तत्कालीन थाना प्रभारी अजयराज वर्मा ने की थी।
मंगलवार को जनपद न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव ने मामले की सुनवाई की। 10 गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश ने अभियुक्त बाबा रामाधीन को आजीवन कारावास और 50 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद सालिम ने बताया कि अभियुक्त 20 साल से महंत फक्कड़ सिंह की सेवा करता था। 18 जुुलाई की रात करीब नौ बजे महंत फक्कड़ उर्फ प्रेम नारायण कुटिया में खाना खा रहे थे। इस दौरान अभियुक्त ने पास ही रखे महंत के चिमटे को उठाकर सीने में कई बार घोंप कर हत्या कर दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
ठठिया थाना क्षेत्र के घनेपुर्वा गांव में स्थित गोदामाई आश्रम में महंत फक्कड़ उर्फ प्रेम नारायण की 18 जुलाई 2017 को शिष्य बाबा रामाधीन ने सीने में चिमटा घोंप कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने बाबा रामाधीन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दज की थी। मामले की जांच तत्कालीन थाना प्रभारी अजयराज वर्मा ने की थी।
विज्ञापन
मंगलवार को जनपद न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव ने मामले की सुनवाई की। 10 गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश ने अभियुक्त बाबा रामाधीन को आजीवन कारावास और 50 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद सालिम ने बताया कि अभियुक्त 20 साल से महंत फक्कड़ सिंह की सेवा करता था। 18 जुुलाई की रात करीब नौ बजे महंत फक्कड़ उर्फ प्रेम नारायण कुटिया में खाना खा रहे थे। इस दौरान अभियुक्त ने पास ही रखे महंत के चिमटे को उठाकर सीने में कई बार घोंप कर हत्या कर दी थी।
विज्ञापन