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हत्यारोपी पिता-पुत्रों समेत आठ को उम्रकैद
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कन्नौज। अपर जिला जज पंचम कोर्ट ने छह साल पहले चकरोड के विवाद में युवक की हत्या में पिता व उसके दो पुत्रों समेत आठ को आजीवन कारावास व 13-13 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर सभी को नौ माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। एक ही परिवार के तीन लोगों व रिश्तेदाराें को सजा मिलने पर परिजन कोर्ट के बाहर रोने लगे।
शासकीय अधिवक्ता संत कुमार दुबे के मुताबिक थाना सौरिख के चौधरी नगलापुर निवासी राघवेंद्र सिंह का पड़ोसी ओमकार सिंह भदौरिया से चकरोड के विवाद को लेकर रंजिश चल रही थी। दोनों पक्षों में एक-दूसरे से बोलचाल नहीं थी। 18 अगस्त 2013 को राघवेंद्र सिंह के भाई नरेश प्रताप सिंह सुबह करीब साढ़े छह बजे खेत पर जा रहे थे। रास्ते में ओमकार सिंह भदौरिया, इनके पुत्र मोनू व सोनू, चचेरे मामा के लड़के अवधेश, सत्यवीर, राजवीर, ओमवीर व मुकेश ने रास्ते में घेर लिया। पुरानी बातों को लेकर गालीगलौज करने लगे।
विरोध करने पर इन्होंने लाठियों व धारदार हथियार से हमला बोल दिया। सिर में गंभीर चोट आने से नरेश सिंह की मौके पर मौत हो गई। आसपास के लोगों के आने पर यह जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। राघवेंद्र सिंह ने इन सभी के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तत्कालीन थानाध्यक्ष संतोष तिवारी ने जांच पड़ताल के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
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शनिवार को अपर जिला जज पंचम अजय कुमार श्रीवास्तव ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हत्या के मामले में ओमकार सिंह, इनके पुत्र मोनू व सोनू, चचेरे मामा के लड़के अवधेश, सत्यवीर, राजवीर, ओमवीर व मुकेश को आजीवन कारावास व 13-13 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।
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शासकीय अधिवक्ता संत कुमार दुबे के मुताबिक थाना सौरिख के चौधरी नगलापुर निवासी राघवेंद्र सिंह का पड़ोसी ओमकार सिंह भदौरिया से चकरोड के विवाद को लेकर रंजिश चल रही थी। दोनों पक्षों में एक-दूसरे से बोलचाल नहीं थी। 18 अगस्त 2013 को राघवेंद्र सिंह के भाई नरेश प्रताप सिंह सुबह करीब साढ़े छह बजे खेत पर जा रहे थे। रास्ते में ओमकार सिंह भदौरिया, इनके पुत्र मोनू व सोनू, चचेरे मामा के लड़के अवधेश, सत्यवीर, राजवीर, ओमवीर व मुकेश ने रास्ते में घेर लिया। पुरानी बातों को लेकर गालीगलौज करने लगे।
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विरोध करने पर इन्होंने लाठियों व धारदार हथियार से हमला बोल दिया। सिर में गंभीर चोट आने से नरेश सिंह की मौके पर मौत हो गई। आसपास के लोगों के आने पर यह जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। राघवेंद्र सिंह ने इन सभी के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तत्कालीन थानाध्यक्ष संतोष तिवारी ने जांच पड़ताल के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
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शनिवार को अपर जिला जज पंचम अजय कुमार श्रीवास्तव ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हत्या के मामले में ओमकार सिंह, इनके पुत्र मोनू व सोनू, चचेरे मामा के लड़के अवधेश, सत्यवीर, राजवीर, ओमवीर व मुकेश को आजीवन कारावास व 13-13 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।