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Kannauj News: बिजली चोरी के मामले में शमन के बाद आरोपी दोषमुक्त
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कन्नौज। शमन राशि जमा करने के बाद विशेष न्यायाधीश विद्युत अधिनियम ने रविवार को आरोपी को दोषमुक्त कर दिया है। साथ ही उसे 20 हजार रुपये की जमानत दाखिल करने का आदेश दिया है।
थाना सौरिख के सदर बाजार निवासी गुड्डू उर्फ मोहम्मद जाफर को बिजली चोरी के मामले में बड़ी राहत मिली है। अवर अभियंता सुनील कुमार ने सात सितंबर 2020 को थाना एंटी पाॅवर थेफ्ट में दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया था कि शाम चार बजे चेकिंग के दौरान आरोपी को पोल से केबल डालकर सीधे बिजली चोरी करते हुए पकड़ा गया था। मौके पर विद्युत चोरी की पुष्टि होने पर विभाग ने मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में जांच पूरी करने के बाद 29 मई 2025 को न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया।
मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश विद्युत अधिनियम की अदालत में चल रही थी। इसी दौरान अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड छिबरामऊ ने 23 अगस्त 2025 को न्यायालय में आख्या प्रस्तुत की। इसमें बताया गया कि आरोपी ने विभाग द्वारा निर्धारित शमन योग्य धनराशि जमा कर दी है। विभाग को वाद समाप्त करने में कोई आपत्ति नहीं है।
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अधिशासी अभियंता की रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय ने मामले का निस्तारण किया। विशेष न्यायाधीश ने कहा कि चूंकि आरोपी ने शमन राशि जमा कर दी है और निगम को कोई आपत्ति नहीं है, इसलिए उसे दोषमुक्त किया जाता है।
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थाना सौरिख के सदर बाजार निवासी गुड्डू उर्फ मोहम्मद जाफर को बिजली चोरी के मामले में बड़ी राहत मिली है। अवर अभियंता सुनील कुमार ने सात सितंबर 2020 को थाना एंटी पाॅवर थेफ्ट में दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया था कि शाम चार बजे चेकिंग के दौरान आरोपी को पोल से केबल डालकर सीधे बिजली चोरी करते हुए पकड़ा गया था। मौके पर विद्युत चोरी की पुष्टि होने पर विभाग ने मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में जांच पूरी करने के बाद 29 मई 2025 को न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया।
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मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश विद्युत अधिनियम की अदालत में चल रही थी। इसी दौरान अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड छिबरामऊ ने 23 अगस्त 2025 को न्यायालय में आख्या प्रस्तुत की। इसमें बताया गया कि आरोपी ने विभाग द्वारा निर्धारित शमन योग्य धनराशि जमा कर दी है। विभाग को वाद समाप्त करने में कोई आपत्ति नहीं है।
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अधिशासी अभियंता की रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय ने मामले का निस्तारण किया। विशेष न्यायाधीश ने कहा कि चूंकि आरोपी ने शमन राशि जमा कर दी है और निगम को कोई आपत्ति नहीं है, इसलिए उसे दोषमुक्त किया जाता है।