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इत्र उद्योग के बारे में सीखी बारीकियां
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Wed, 16 Dec 2015 12:15 AM IST
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एफएफडीसी के सभागार में चार दिवसीय प्रोसेसिंग वैलू
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एडिसन व पैकजिंग विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में देश
के कई प्रांतों से आए उद्योग विभाग के अधिकारियों ने कन्नौज के प्रसिद्ध
इत्र व्यापार के बारे में जानकारियां हासिल की।
सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद डीएम अनुज झा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्राचीनकाल से ही कन्नौज इत्र व्यापार के कारोबार में पूरे देश में अपनी ख्याति अर्जित कर रहा है। उन्होंने इत्र व्यापार को बढ़ावा देने को लेमनग्रास, फूलों एवं औषधि पौधों की खेती को प्रोत्साहित करने की सलाह दी।
कहा कि इससे जिले के छोटे-छोटे किसानों को भी उनके उपज का अच्छा मूल्य प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने बताया कि कन्नौज जिले में छह माह पहले लेमनग्रास एवं औषधीय पौधों की खेती की शुरुआत एक हजार एकड़ क्षेत्रफल में की गई। इससे किसानों को काफी लाभ मिला है।
लेमनग्रास से संबंधित तेल उत्पादन के प्रोसेसिंग की भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इत्र उद्योग को अन्य राज्यों में भी बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया गया। डीएम ने मणिपुर से प्लांट कल्टीशेन एंड प्रोसेसिंग वैल्यूऐशन क्वालिटी एसिसमेंट के तहत छह माह का प्रशिक्षण प्राप्त करने आए बारह छात्र-छात्राओं से उनकी ट्रेनिंग के बारे में जानकारी हासिल की।
इस मौके पर एफएफडीसी के उप निदेशक एसवी शुक्ला, नदीम अख्तर, एपी सिंह, डा. तरवीन आलम, डा. एके श्रीवास्तव समेत अन्य प्रांतों से आए उद्योग विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद डीएम अनुज झा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्राचीनकाल से ही कन्नौज इत्र व्यापार के कारोबार में पूरे देश में अपनी ख्याति अर्जित कर रहा है। उन्होंने इत्र व्यापार को बढ़ावा देने को लेमनग्रास, फूलों एवं औषधि पौधों की खेती को प्रोत्साहित करने की सलाह दी।
कहा कि इससे जिले के छोटे-छोटे किसानों को भी उनके उपज का अच्छा मूल्य प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने बताया कि कन्नौज जिले में छह माह पहले लेमनग्रास एवं औषधीय पौधों की खेती की शुरुआत एक हजार एकड़ क्षेत्रफल में की गई। इससे किसानों को काफी लाभ मिला है।
लेमनग्रास से संबंधित तेल उत्पादन के प्रोसेसिंग की भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इत्र उद्योग को अन्य राज्यों में भी बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया गया। डीएम ने मणिपुर से प्लांट कल्टीशेन एंड प्रोसेसिंग वैल्यूऐशन क्वालिटी एसिसमेंट के तहत छह माह का प्रशिक्षण प्राप्त करने आए बारह छात्र-छात्राओं से उनकी ट्रेनिंग के बारे में जानकारी हासिल की।
इस मौके पर एफएफडीसी के उप निदेशक एसवी शुक्ला, नदीम अख्तर, एपी सिंह, डा. तरवीन आलम, डा. एके श्रीवास्तव समेत अन्य प्रांतों से आए उद्योग विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।