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कटरी में विकास का रास्ता खोलेगा कुसुमखोर पुल
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
Updated Sun, 09 Apr 2017 11:41 PM IST
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गंगा पुल कुसुमखोर का निरीक्षण करते परियोजना प्रबंधक गेंदनलाल।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कुसुमखोर में गंगा नदी पर बन रहे पुल से हरदोई व कन्नौज जनपद के डेढ़ सौ से अधिक गांवों का आर्थिक विकास होगा। इसके साथ ही सब्जी, फसल, भूसा, पशु व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। कन्नौज, हरदोई, हरपालपुर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, औरैया के लिए आवागमन भी सुगम होगा। समय से पहले पुल का निर्माण हो जाने से स्थानीय लोगों में खुशी है। 1338.68 मीटर लंबे पुल का निर्माण 16 मई 2015 को शुरू हुआ था। इसका निर्माण 2018 में पूरा होना है, लेकिन यह एक साल पहले ही पूरा हो गया है।
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कन्नौज जनपद के गोसाईदासपुर, इब्राहिमपुर, कुसुमखोर, माछा, गुलरियनपुरवा, जलालाबाद, जसोदा, गुरसहायगंज, गुगरापुर, सरायं आदि गांवों के लोग कुसुमखोर में बने पुल का सीधा लाभ उठाएंगे। ग्रामीण संजय कु शवाह, सत्यभान सक्सेना, रामजी तिवारी, हरिओम तिवारी, पप्पू ठाकुर, पिंटू पाठक, मौलाना गुफरान आदि का कहना है कि पुल बनने से हरदोई जिले के गांव जसमई, मनसुरापुर, अमरौली, बरदगापुरवा, पकड़िया पुरवा, छोछपुर 13, त्रिमऊ, कुन्नपुरा आदि गांव के किसान वर्ग व आम लोग बरसात के दिनों में मुश्किलों का सामना करते थे।
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कोट
गंगा नदी पर तय समय सीमा में पुल का निर्माण कार्य पूरा करना मुश्किल काम था लेकिन सेतु निगम के कर्मचारियों की सक्रियता व ग्रामीणों के सहयोग से पुल समय से पहले निर्धारित समय से पहले तैयार हो गया है। पुल बनने से जहां ग्रामीणों में खुशी है। वहीं वह लोग भी उत्साहित हैं। पुल निर्माण के समय प्रकृति का भी सहयोग मिला है। - जितेंद्र राम (सहायक अभियंता. सेत निगम)
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नहीं बर्बाद होगा समय, बचेगा पैसा
गुगरापुर। कुसुमखोर पुल बनने से हरदोई के कटरी क्षेत्र में रहने वाले बाशिदों का 40 किमी का सफर कम हो जाएगा। अभी तक कन्नौज शहर में आने के लिए कटरी से लगभग 40 किलोमीटर का सफर कर हरदोई पहुंचना पड़ता था। इसके बाद वह मेहंदीघाट पुल से होते हुए 65 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय कर कन्नौज पहुंचने को मजबूर होते थे। इस 105-110 किलोमीटर के सफर में उनका पैसा और समय ज्यादा खर्च होता था। अब पुल पार कर मात्र 30 किलोमीटर की दूरी तय कर कन्नौज शहर पहुंच सकते हैं।
इसी प्रकार कानपुर जाने के लिए हरदोई के कटरी क्षेत्र के लोगों को पहले हरदोई फिर बिलग्राम संडीला मार्ग होते हुए निकलना पड़ता है। इसमें भी उन्हें बिल्हौर, चौबेपुर आदि पहुंचने के लिए 120 किलोमीटर का चक्कर लगाने के साथ अतिरिक्त समय और पैसा व्यय करना पड़ता है। वहीं अब पुल बन जाने से वह मात्र 48 किलोमीटर का सफर तय कर बिल्हौर पहुंच सकेंगे। इसी प्रकार कटरी क्षेत्र के लोगों को फर्रुखाबाद जाने के लिए हरदोई से 80 किलोमीटर का सफर करना पड़ता है। अब इन्हीं लोगों को फर्रुखाबाद जाने के लिए मात्र 46 किलोमीटर का सफर करना पड़ेगा।