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कस्तूरबा के बच्चे बोले, नहीं मिलता भर पेट भोजन

Sat, 06 May 2017 12:19 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कन्नौज
ब्यूरो, अमर उजाला कन्नौज Updated Sat, 06 May 2017 12:19 AM IST
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Kasturba's children say, do not get full belly meal
कस्तूरबा गांधी में वार्डेन से जानकारी लेती खनन राज्यमंत्री अर्चना पांडेय। - फोटो : Amar ujala

नगर के शंकरपुर रोड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में खनन राज्यमंत्री ने औचक निरीक्षण किया। जिससे वहां हड़कंप मच गया। बच्चों ने राज्यमंत्री को बताया कि उन्हें भर पेट भोजन नहीं मिलता है और न ही अन्य कोई सामान समय पर दिया जाता है। निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर में गंदगी मिली। इस पर उन्होंने पहले तो वार्डेन और शिक्षिकाओं को नैतिकता की शिक्षा दी। बाद में जिलाधिकारी को फोन कर कार्रवाई के निर्देश दिए।

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शुक्रवार शाम करीब पांच बजे खनन राज्यमंत्री अर्चना पांडेय अचानक शंकरपुर रोड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय पहुंच गईं। राज्यमंत्री के विद्यालय पहुंचने से वहां हड़कंप मच गया। वार्डेन सुनीता त्रिपाठी समेत अन्य शिक्षिकाएं व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुट गईं। विद्यालय परिसर में गंदगी का साम्राज्य देख राज्यमंत्री बिफर गईं। उन्होंने वार्डेन को व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने जब कमरों का निरीक्षण किया और वहां की हालत देखी, तो वार्डेन समेत शिक्षिकाओं को भी नैतिकता की नसीहत दी।
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बाद में उन्होंने बच्चों से जानकारी ली। बच्चों ने बताया कि उन्हें न तो भर पेट भोजन दिया जाता है और न ही साबुन, तेल, मंजन आदि जरूरत का सामान मिलता है। विद्यालय में अव्यवस्था तथा वार्डेन और शिक्षिकाओं के बीच आपसी तालमेल न देख उन्होंने जिलाधिकारी जगदीश प्रसाद को फोन कर कार्रवाई के निर्देश दिए। राज्यमंत्री ने वार्डेन समेत सभी शिक्षिकाओं और बच्चों से अलग-अलग बातचीत भी की और समस्याओं की जानकारी ली।
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तीन साल का लेखा-जोखा मांगने के निर्देश
राज्यमंत्री अर्चना पांडेय ने जिलाधिकारी को फोन कर कस्तूरबा विद्यालय में राशन और अन्य सुविधाओं को लेकर चल रहे बंदरबांट की जानकारी होने पर पिछले तीन साल का लेखा-जोखा मांगने के निर्देश दिए। राज्यमंत्री ने बताया कि विद्यालय में मिलने वाली सुविधाएं और राशन आदि के संबंध में जब वार्डेन से जानकारी ली गई, तो उन्होंने यह कहकर मामला टाल दिया कि एकाउंटेंट ज्योति सिंह के पास इसकी जानकारी है। उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है और न ही उन्हें पूछने पर दी जाती है। एकाउंटेंट अपनी मनमर्जी से कार्य कर रही हैं। वह किसी की सुनती नहीं हैं।


स्वच्छता अभियान को लग रहा पलीता
कस्तूरबा विद्यालय में गंदगी के साम्राज्य को देखकर जब राज्यमंत्री से पूछा गया तो उन्होंने बड़ी बेबाकी से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को यहां का स्टाफ पलीता लगा रहा है। इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए हैं।

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